MP में लीज नवीनीकरण नियमों में होगा संशोधन, नागरिकों और निकायों दोनों को मिलेगा लाभ
Bhopal । MP विधानसभा में नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा है कि राज्य सरकार समय-समय पर व्यापारिक और आवासीय परियोजनाओं के लिए भूमि लीज पर देती रही है। हालांकि, वर्षों से लीज पर दी गई भूमि में कई समस्याएं उत्पन्न हो गई हैं। जैसे-जैसे परिवार बड़े हुए, भूखंडों का बंटवारा हुआ और कई स्थानों पर एक ही भूमि के दो हिस्सों में निर्माण हो गया।
मंत्री ने स्पष्ट किया कि जब लोग लीज नवीनीकरण कराने जाते हैं तो मूल स्वरूप न होने के कारण यह संभव नहीं होता। यह समस्या प्रदेश के कई स्थानों पर देखने को मिल रही है। चूंकि लंबे समय से लोग इन भूमि पर रह रहे हैं या व्यापार कर रहे हैं, इसलिए हटाना व्यावहारिक रूप से कठिन है। ऐसे में नियमों में संशोधन करके ऐसा मार्ग निकाला जाएगा जिससे नागरिकों को सुविधा मिले और संबंधित निकाय की आय भी बढ़े।
MP विधानसभा में विधायकों के सवालों पर मंत्री ने दी जानकारी
21 फरवरी 2026 को विधानसभा में मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कांग्रेस विधायक डॉ. हिरालाल अलावा और बीजेपी विधायक अभिलाष पांडेय के सवालों का जवाब दिया। उन्होंने बताया कि लीज नवीनीकरण में आ रही बाधाओं को दूर करने के लिए सरकार ने एक व्यावहारिक तरीका निकालने का निर्णय लिया है।
कांग्रेस विधायक ने उठाया लीज हस्तांतरण का मुद्दा
सदन में डॉ. हिरालाल अलावा ने मनावर नगर पालिका परिषद की भूमि को अवैध तरीके से हस्तांतरित किए जाने का मामला उठाया। उन्होंने कहा कि अवैध तरीके से लीज की जमीन हस्तांतरित हुई। जांच में तत्कालीन नगर पालिका अध्यक्ष, सीएमओ और अन्य कर्मचारी दोषी पाए गए, लेकिन चार साल बीत जाने के बाद भी अवैध कब्जा करने वालों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई।
मंत्री विजयवर्गीय ने माना कि यह समस्या मनावर सहित झाबुआ और कुक्षी में भी है। उन्होंने कहा कि पहले इन क्षेत्रों में व्यवसाय नहीं होता था, इसलिए बाहर के व्यापारियों को 30 साल के लिए न्यूनतम दर पर भूमि लीज पर दी गई थी। बाद में नवीनीकरण नहीं हुआ। आज यहां तीसरी पीढ़ी रह रही है। उस समय लीज की शर्तों के दस्तावेज उपलब्ध नहीं थे और वहां निर्माण हो गया।
मंत्री ने कहा कि 40-50 साल से रह रहे लोगों को हटाना व्यावहारिक रूप से मुश्किल है। ऐसे में नई नीति बनाई जाएगी जिससे नागरिकों की असुविधा कम हो, और निकाय की आय भी बढ़े। लीज नवीनीकरण के लिए आवेदन किए जा रहे हैं, लेकिन वर्तमान नियमों के कारण नवीनीकरण नहीं हो पा रहा। नई नीति में वर्तमान भाव के अनुसार शुल्क लिया जाएगा।
Bhopal और अन्य शहरों में नियमों में विसंगतियां
Bhopal दक्षिण पश्चिम से बीजेपी विधायक भगवानदास सबनानी ने कहा कि नगर निगम के स्तर पर लीज में बड़ी विसंगतियां हैं। उदाहरण के लिए न्यू मार्केट क्षेत्र में बाहर की नजूल दुकानों का 30 साल का लीज नवीनीकरण हो रहा है, जबकि नगर निगम की अंदरूनी दुकानों का केवल तीन साल का नवीनीकरण होता है।
वहीं कांग्रेस विधायक अभिलाष पांडेय ने बताया कि बड़े भूखंडों पर बने अपार्टमेंट्स के मामले में शुल्क में असमानता है। यदि कोई अपार्टमेंट फ्री लीज होल्ड के लिए जाता है, तो पूरे अपार्टमेंट का शुल्क लिया जाता है, जबकि वास्तविक शुल्क इससे कम होना चाहिए। ऐसे मामलों में पांच हजार से अधिक लोगों ने आवेदन किए हैं, लेकिन उन्हें उचित नवीनीकरण नहीं मिल रहा।
राकेश शुक्ला का मामला: इंदौर में भी समस्या
इंदौर से विधायक राकेश शुक्ला ने कहा कि शहर में हजारों लोगों की संपत्ति ऐसी है जिनमें मकान बने हुए हैं। शासन ने कई साल पहले लीज फ्री होल्ड करने के निर्देश दिए थे, लेकिन कार्यवाही नहीं हुई।
मंत्री विजयवर्गीय ने कहा कि लीज नवीनीकरण का अधिकार संबंधित निकायों को दिया गया है, लेकिन उन्हें न तो मकान की अनुमति मिल रही है और न ही लीज का नवीनीकरण हो रहा है, जबकि नियम में इसके प्रावधान हैं।
नए नियम बनाने के लिए बैठक बुलाने का निर्णय
कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि अपर मुख्य सचिव, नगरीय विकास एवं आवास विभाग को निर्देश देंगे कि वे सभी आयुक्तों की बैठक बुलाएं। इस बैठक में नवीनीकरण में आ रही समस्याओं पर चर्चा होगी और तीन माह के अंदर यदि नियम बदलने की आवश्यकता हो तो संशोधन किया जाएगा।
मंत्री ने यह भी कहा कि नए नियमों से नागरिकों को असुविधा नहीं होगी और निकायों की आय बढ़ेगी। इससे लंबित मामलों का समाधान संभव होगा और भविष्य में लीज नवीनीकरण की प्रक्रिया सरल, पारदर्शी और व्यवस्थित होगी।
निष्कर्ष
MP में भूमि लीज नवीनीकरण में आ रही समस्याओं को ध्यान में रखते हुए सरकार ने व्यावहारिक समाधान खोजने का निर्णय लिया है। नई नीति से न केवल नागरिकों को राहत मिलेगी, बल्कि नगर निकायों की आय में भी वृद्धि होगी। लंबे समय से रह रहे लोगों और व्यवसायियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए नियमों में संशोधन किया जाएगा। यह कदम प्रदेश में लीज से जुड़े विवादों और अनियमितताओं को कम करने में सहायक होगा।

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