—Advertisement—

MP News: Indore-बुधनी नई ब्रॉडगेज रेललाइन का निर्माण 2030 तक पूरा, 108 गांवों का अधिग्रहण आवश्यक

Author Picture
Published On: 21 February 2026
mp indore
— इंदौर-बुधनी नई ब्रॉडगेज रेललाइन: 108 गांवों की जमीन अधिग्रहित, निर्माण कार्य 2030 तक पूरा होगा, इंदौर-जबलपुर यात्रा 75 किमी घटेगी।

—Advertisement—

MP News: Indore -बुधनी नई ब्रॉडगेज रेललाइन का निर्माण 2030 तक पूरा, 108 गांवों का अधिग्रहण आवश्यक

MP में Indore और बुधनी के बीच बनने वाली नई ब्रॉडगेज रेललाइन परियोजना, जिसे सालों से जनता और अधिकारियों दोनों ही बड़ी उम्मीदों के साथ देख रहे थे, अब लंबी देरी का सामना कर रही है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना का मुख्य उद्देश्य इंदौर और जबलपुर के बीच रेल यात्रा की दूरी घटाना और माल एवं यात्री परिवहन में सुधार करना है। हालांकि, जमीन अधिग्रहण की सुस्त प्रक्रिया और औपचारिकताएं इस परियोजना की प्रगति को बाधित कर रही हैं, जिसके कारण अब इसे पूरा करने का लक्ष्य साल 2030 तक बढ़ा दिया गया है।

परियोजना का परिचय और वर्तमान स्थिति

यह परियोजना 205 किलोमीटर लंबी सेक्शन के रूप में बनाई जा रही है, जो 342 किलोमीटर लंबी Indore -जबलपुर नई विद्युत रेल लाइन का अहम हिस्सा है। इस परियोजना को 2016-17 में मंजूरी मिली और 2018 में निर्माण कार्य शुरू हुआ। शुरू में इसे 2024-25 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन कई चुनौतियों के कारण अब नई समयसीमा 2029-30 निर्धारित की गई है।

इस परियोजना पर अब तक लगभग 2,000 करोड़ रुपए खर्च हो चुके हैं, जबकि कुल अनुमानित लागत 7,400 करोड़ रुपए है। परियोजना की प्रगति फिलहाल लगभग 30 प्रतिशत दर्ज की गई है। निर्माण कार्य रेल विकास निगम लिमिटेड (RVNL) द्वारा तीन पैकेज में किया जा रहा है:

  1. मांगलिया गांव से खेरी तक
  2. खेरी से पीपलिया नानकर तक
  3. पीपलिया नानकर से बुदनी तक

यात्रा की दूरी और समय में कमी

MP नई रेललाइन बनने के बाद Indore और जबलपुर के बीच की दूरी लगभग 75 किलोमीटर कम हो जाएगी। वर्तमान में यात्री भोपाल होते हुए लंबा रास्ता तय करते हैं। नई कनेक्टिविटी से समय की बचत होगी और ट्रेनें अधिकतम 130 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकेंगी। यह बदलाव केवल यात्रियों के लिए ही नहीं, बल्कि माल परिवहन और औद्योगिक गतिविधियों के लिए भी लाभकारी होगा। मालवा और महाकौशल क्षेत्रों के लोग सीधे रेल कनेक्शन से फायदा उठाएंगे।

परियोजना में संरचनात्मक विवरण

नई लाइन में 80 बड़े पुल और दो सुरंगें प्रस्तावित हैं, जिनमें से एक 1.24 किलोमीटर और दूसरी 8.64 किलोमीटर लंबी होगी। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए रूट पर कोई लेवल क्रॉसिंग नहीं होगी। इसके स्थान पर अंडरपास और ओवरब्रिज बनाए जाएंगे। सुरंगों का डिजाइन वन्यजीव क्षेत्र को सुरक्षित रखते हुए तैयार किया गया है।

निर्माण के चरणवार लक्ष्य इस प्रकार हैं:

  • 2027-28: बुदनी से सलकनपुर तक काम पूरा
  • 2028-29: मांगलिया गांव से खेरी तक कार्य
  • 2029-30: पूरा ट्रैक तैयार

108 गांवों का अधिग्रहण

इस परियोजना के लिए कुल 108 गांवों की भूमि अधिग्रहित की जाएगी। अब तक कुल 186 किलोमीटर राजस्व और सरकारी भूमि का अधिग्रहण पूरा हो चुका है। शेष वन क्षेत्र की अनुमति मार्च 2025 में मिली। इन 108 गांवों में लगभग 721 करोड़ रुपए मुआवजा वितरण किया गया है।

गांवों में मुआवजा और सीमांकन प्रक्रिया में देरी के कारण निर्माण कार्य तय गति से आगे नहीं बढ़ पाया। कई गांवों में किसानों और स्थानीय लोगों से समझौता करना पड़ा, जिससे समयसीमा प्रभावित हुई।

परियोजना का महत्व

Indore -बुधनी नई ब्रॉडगेज रेललाइन परियोजना न केवल यात्री सुविधा बढ़ाने में सहायक होगी, बल्कि माल परिवहन और औद्योगिक क्षेत्र के लिए भी एक महत्वपूर्ण साधन साबित होगी। नई लाइन से मालवा और महाकौशल के औद्योगिक केंद्रों में कच्चे माल और तैयार उत्पादों का तेज परिवहन संभव होगा।

रेल परियोजना की तकनीकी विशेषताएं, जैसे बिजली से चलने वाली लाइन, सुरंग और पुल संरचनाएं, आधुनिक रेलवे नेटवर्क के मानकों के अनुसार डिजाइन की गई हैं।

निर्माण में देरी के कारण

परियोजना के धीमे होने के मुख्य कारणों में शामिल हैं:

  1. जमीन अधिग्रहण में देरी
  2. मुआवजा और सीमांकन संबंधी औपचारिकताएं
  3. वन क्षेत्र की अनुमति में लंबा समय
  4. फंड की कमी और प्रशासनिक अड़चनें

इन सभी कारणों से प्रारंभिक समयसीमा 2024-25 से बढ़कर 2029-30 कर दी गई है।

भविष्य की योजना और लाभ

नई रेललाइन पूरी होने के बाद:

  • यात्रा समय में 75 किलोमीटर की बचत
  • ट्रेन की गति 130 किमी प्रति घंटे तक
  • माल परिवहन की गति और सुविधा में वृद्धि
  • मालवा और महाकौशल क्षेत्रों के लोगों को प्रत्यक्ष लाभ
  • औद्योगिक और आर्थिक गतिविधियों में तेजी
निष्कर्ष

Indore -बुधनी नई ब्रॉडगेज रेललाइन परियोजना मध्यप्रदेश के लिए एक ऐतिहासिक और महत्वाकांक्षी कदम है। हालांकि, जमीन अधिग्रहण और निर्माण में देरी के कारण अब इसे 2030 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। 108 गांवों का अधिग्रहण और औपचारिकताओं का समापन पूरा होते ही परियोजना में गति आएगी।

इस परियोजना से न केवल यात्री और माल परिवहन में सुधार होगा, बल्कि मध्यप्रदेश के आर्थिक और औद्योगिक विकास को भी बल मिलेगा। नई रेललाइन का निर्माण राज्य के लाखों लोगों के लिए यात्रा और जीवन को आसान बनाएगा और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी में सुधार करेगा।

 

Related News
Breaking News हमेशा आपके पास

SwarajVani App Install करें

Latest India News & Breaking Updates — सीधे Home Screen पर

Offline पढ़ें Breaking Alerts बिल्कुल Free
SwarajVani को iPhone पर install करें:
📤 Share बटन दबाएं → "Add to Home Screen" select करें
Home
Web Stories
Instagram
WhatsApp