MP में गायब लड़कियों और महिलाओं का भयावह आंकड़ा, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी ने लिखा पत्र
MP में महिलाओं और लड़कियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता बढ़ती जा रही है। हाल ही में कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर प्रदेश में महिलाओं और लड़कियों के लगातार गायब होने की घटनाओं पर हस्तक्षेप की मांग की है। यह पत्र MP में महिला सुरक्षा की स्थिति और राज्य सरकार की भूमिका पर एक गंभीर संकेत है।
विधानसभा में खुलासा: भयावह सच
MP विधानसभा में कांग्रेस के विधायक डॉ. विक्रांत भूरिया द्वारा उठाए गए सवाल के जवाब में सरकार के आंकड़े इस भयावह स्थिति को उजागर करते हैं। 28 जनवरी 2026 तक की रिपोर्ट के अनुसार, प्रदेश में कुल 206,507 महिलाएं और 63,793 लड़कियां गायब हो चुकी हैं।
इनमें से लगभग 47,984 महिलाओं और 2,186 लड़कियों का आज तक कोई सुराग नहीं मिल पाया है। इस तथ्य ने राज्य में महिलाओं और लड़कियों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह आंकड़ा न केवल प्रशासन की नाकामी को दर्शाता है बल्कि मानव तस्करी जैसी गंभीर आपराधिक गतिविधियों की संभावनाओं को भी उजागर करता है।
कांग्रेस का पत्र: केंद्र से हस्तक्षेप की मांग
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को लिखा पत्र में इस मामले में राज्य सरकार की विफलता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि 22 सालों से प्रदेश में बीजेपी की सरकार है, लेकिन इस दौरान महिलाओं और लड़कियों की स्थिति लगातार बिगड़ती गई है।
पटवारी ने पत्र में अनुरोध किया कि केंद्रीय गृह मंत्री इस आंकड़े को गंभीरता से लें और राज्य सरकार को बेटियों की सुरक्षा के लिए ठोस और प्रभावी कदम उठाने का निर्देश दें। उन्होंने कहा कि यह केवल प्रदेश की महिलाओं के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे समाज के लिए चिंता का विषय है।
मानव तस्करी की आशंका
पत्र में जीतू पटवारी ने मानव तस्करी के खूंखार रैकेट के सक्रिय होने की आशंका भी जताई है। उनका कहना है कि गायब होने वाली महिलाओं और लड़कियों की संख्या इतनी अधिक है कि इसे केवल सामान्य परिस्थितियों से जोड़कर नहीं देखा जा सकता। उन्होंने केंद्र से आग्रह किया कि राज्य सरकार की इन आंकड़ों पर संज्ञान लेकर त्वरित कार्रवाई करें।
पटवारी ने ट्वीट के माध्यम से भी इस मामले की गंभीरता बताई। उन्होंने लिखा कि मध्यप्रदेश में बहन बेटियों के लगातार लापता होने की घटनाएं बेहद चिंताजनक हैं और इसे रोकने के लिए तुरंत कदम उठाने की आवश्यकता है।
राज्य सरकार की जिम्मेदारी
MP में लंबे समय से महिलाओं और लड़कियों की सुरक्षा की स्थिति चिंताजनक रही है। पिछले कुछ वर्षों में कई महिला सुरक्षा कानून बनाए गए, लेकिन इन कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन की कमी और प्रशासन की ढिलाई के कारण राज्य में लगातार ऐसे मामले सामने आ रहे हैं।
राज्य सरकार पर आरोप है कि गायब होने वाली महिलाओं और लड़कियों के मामलों की रिपोर्टिंग और ट्रैकिंग प्रणाली प्रभावी नहीं है। इससे अपराधी आसानी से बच सकते हैं और मानव तस्करी जैसी गंभीर आपराधिक गतिविधियां बढ़ सकती हैं।
आंकड़ों का विश्लेषण
- महिलाएं गायब: 206,507
- लड़कियां गायब: 63,793
- सुराग न मिलने वाली महिलाएं: 47,984
- सुराग न मिलने वाली लड़कियां: 2,186
ये आंकड़े बताते हैं कि मध्यप्रदेश में महिला सुरक्षा की स्थिति अत्यंत गंभीर है। लापता लोगों की इतनी बड़ी संख्या सिर्फ प्रशासनिक खामियों या सामान्य सामाजिक कारणों से नहीं जुड़ी हो सकती।
कांग्रेस की चेतावनी और केंद्र से अपेक्षाएँ
पटवारी ने स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार को इस मामले में हस्तक्षेप करना चाहिए ताकि राज्य सरकार महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने में गंभीरता दिखाए। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार द्वारा उठाए गए कदम पर्याप्त नहीं हैं और हालात लगातार बिगड़ रहे हैं।
कांग्रेस का यह पत्र न केवल आंकड़ों पर आधारित है, बल्कि यह राज्य में महिला सुरक्षा की वास्तविक स्थिति पर केंद्र को सचेत करने का प्रयास है। पटवारी ने अनुरोध किया कि गृह मंत्रालय तुरंत हस्तक्षेप करे और सुनिश्चित करे कि महिलाओं और लड़कियों के मामलों की प्रभावी जांच और संरक्षण हो।
निष्कर्ष
MP में महिलाओं और लड़कियों की सुरक्षा की स्थिति गंभीर रूप से चिंताजनक है। विधानसभा में पेश आंकड़े, राज्य सरकार की कथित नाकामी, और मानव तस्करी की आशंका इस मामले को और गंभीर बनाती है।
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी द्वारा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर हस्तक्षेप की मांग करना इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह पत्र केंद्र को चेतावनी के रूप में है कि अगर राज्य सरकार महिलाओं की सुरक्षा के लिए ठोस कदम नहीं उठाती, तो यह न केवल समाज की सुरक्षा के लिए खतरा है बल्कि राज्य की राजनीतिक और प्रशासनिक जवाबदेही पर भी सवाल उठाता है।
MP में महिलाओं और लड़कियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी नीतियां, कड़े कानूनों का पालन, और मानव तस्करी जैसी आपराधिक गतिविधियों पर त्वरित कार्रवाई आवश्यक है। यह मामला पूरे देश के लिए एक चेतावनी है कि महिलाओं और लड़कियों की सुरक्षा में किसी भी प्रकार की लापरवाही गंभीर परिणाम ला सकती है।
