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MP Weather Today: मध्य प्रदेश में चार दिन तक बारिश और तेज हवाओं का असर, दक्षिण-पूर्वी जिलों में ज्यादा प्रभाव के आसार

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Published On: 21 February 2026
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— एमपी में बदला मौसम का मिजाज: अगले चार दिन तेज हवा और बारिश का अलर्ट, दक्षिण-पूर्वी जिलों में ज्यादा असर; फसलों को नुकसान से बढ़ी किसानों की चिंता।

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MP Weather Today: मध्य प्रदेश में चार दिन तक बारिश और तेज हवाओं का असर, दक्षिण-पूर्वी जिलों में ज्यादा प्रभाव के आसार

MP में एक बार फिर मौसम ने करवट ले ली है। प्रदेश के कई हिस्सों में तेज हवा, बादल और रुक-रुक कर बारिश का दौर शुरू हो गया है। मौसम विभाग के अनुसार अगले चार दिन तक यही स्थिति बनी रह सकती है। खासतौर पर दक्षिण-पूर्वी जिलों में इसका ज्यादा असर देखने को मिलेगा। 23 और 24 फरवरी को एक नया मौसमी तंत्र सक्रिय होने की संभावना है, जिससे कई जिलों में फिर बारिश हो सकती है।

कई जिलों में हो चुकी है बारिश

पिछले तीन दिनों से प्रदेश के अलग-अलग इलाकों में कहीं तेज आंधी तो कहीं हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई है। कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि की भी खबरें सामने आई हैं। बीते 24 घंटों में राजधानी भोपाल, इंदौर, उज्जैन, रतलाम, मंदसौर, धार, रायसेन, सागर और छतरपुर समेत 20 से अधिक जिलों में वर्षा दर्ज की गई। राजधानी भोपाल में दिनभर बादल छाए रहे और देर रात तक हल्की बूंदाबांदी होती रही।

मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि 22 फरवरी को पश्चिमी हिमालय क्षेत्र में सक्रिय होने वाला पश्चिमी विक्षोभ 23 फरवरी से प्रदेश में असर दिखाना शुरू कर सकता है। इसके प्रभाव से दक्षिण-पूर्वी हिस्सों में बारिश की गतिविधियां तेज हो सकती हैं।

MP किसानों की बढ़ी चिंता, फसलों को नुकसान

तेज हवाओं और बारिश का सबसे ज्यादा असर किसानों पर पड़ा है। रतलाम, शाजापुर और उज्जैन जिलों में तेज हवा के कारण गेहूं की खड़ी फसल झुक गई है। खेतों में फसल आड़ी पड़ने से दानों की गुणवत्ता प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि यदि इसी तरह मौसम बिगड़ता रहा तो उत्पादन पर असर पड़ सकता है।

अनुमान है कि पिछले तीन दिनों में लगभग 25 जिलों में फसलों को नुकसान पहुंचा है। स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने सर्वे कार्य शुरू कर दिया है। राजस्व विभाग की टीमें गांव-गांव जाकर नुकसान का आकलन कर रही हैं, ताकि प्रभावित किसानों को राहत दी जा सके।

आज इन जिलों में बारिश के संकेत

मौसम विभाग के मुताबिक शनिवार को छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा और मऊगंज जिलों में बारिश हो सकती है। इनके आसपास के इलाकों में भी बादल छाए रहने और हल्की बूंदाबांदी की संभावना है। वहीं भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन और जबलपुर जैसे बड़े शहरों में दिनभर बादल छाए रह सकते हैं।

23 और 24 फरवरी को फिर बदलेगा मौसम

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार 23 फरवरी को नर्मदापुरम, बैतूल, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, मंडला और बालाघाट में बारिश की संभावना है। इसके अगले दिन यानी 24 फरवरी को सीधी, सिंगरौली, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला और बालाघाट जिलों में फिर से बादल बरस सकते हैं। इन जिलों में मध्यम बारिश के साथ तेज हवा चलने के भी आसार हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि दक्षिण-पूर्वी मध्य प्रदेश में मौसमी तंत्र का प्रभाव अधिक रहेगा। यहां बादलों की आवाजाही और नमी का स्तर ज्यादा होने के कारण बारिश की तीव्रता भी बढ़ सकती है।

फरवरी में चौथी बार बदला मौसम

गौरतलब है कि फरवरी महीने में यह चौथी बार है जब MP का मौसम अचानक बदला है। महीने की शुरुआत से अब तक तीन बार आंधी, बारिश और ओलों का दौर आ चुका है। इससे पहले भी फसलों को नुकसान हुआ था और प्रशासन ने सर्वे कराकर रिपोर्ट तैयार की थी। 18 फरवरी से फिर मौसम खराब हुआ और अब एक बार फिर बारिश के संकेत मिल रहे हैं।

बार-बार हो रहे इस बदलाव ने किसानों के साथ-साथ आम लोगों की दिनचर्या भी प्रभावित की है। विवाह समारोह और अन्य सामाजिक कार्यक्रमों पर भी मौसम का असर देखने को मिल रहा है।

दिन में ठंडक, रात में हल्की राहत

लगातार बादल और बारिश के कारण दिन के तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। ठंडी हवाएं चलने से लोगों को फिर से हल्के गर्म कपड़े पहनने पड़े हैं। हालांकि रात के तापमान में हल्की बढ़ोतरी देखी गई है। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन और जबलपुर में रात का पारा 14 डिग्री सेल्सियस से ऊपर रहा, जबकि अन्य जिलों में यह 12 डिग्री से अधिक दर्ज किया गया।

मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले चार दिन तक तापमान में उतार-चढ़ाव बना रहेगा। दिन में हल्की ठंडक और रात में सामान्य तापमान का दौर जारी रह सकता है।

प्रशासन अलर्ट, किसानों की नजर आसमान पर

फसलों को हो रहे नुकसान को देखते हुए प्रशासन सतर्क है। प्रभावित क्षेत्रों में सर्वे के साथ-साथ राहत की तैयारी भी शुरू कर दी गई है। यदि आने वाले दिनों में बारिश का असर बढ़ता है तो आपदा प्रबंधन की टीमें भी सक्रिय की जा सकती हैं।

वहीं किसान फिलहाल आसमान की ओर टकटकी लगाए हुए हैं। गेहूं और अन्य रबी फसलों की कटाई से पहले इस तरह का मौसम उनके लिए चिंता का विषय बन गया है। कृषि विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि वे खेतों में पानी निकासी की व्यवस्था सुनिश्चित करें और मौसम अपडेट पर नजर बनाए रखें।

कुल मिलाकर, MP में अगले चार दिन मौसम का मिजाज बदलता रहेगा। दक्षिण-पूर्वी जिलों में विशेष सतर्कता की जरूरत है। बारिश और तेज हवा का यह दौर जहां आम लोगों को हल्की ठंडक दे रहा है, वहीं किसानों के लिए चिंता का कारण बना हुआ है।

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