—Advertisement—

Ujjain में रातभर 2.4 मिमी बारिश दर्ज, तापमान गिरा, किसानों को फसलों के नुकसान की चिंता बढ़ी

Author Picture
Published On: 20 February 2026
2.4 mm rain recorded overnight in Ujjain, temperature drops, farmers fear crop damage
— 2.4 mm rain recorded overnight in Ujjain, temperature drops, farmers fear crop damage

—Advertisement—

Ujjain में रातभर 2.4 मिमी बारिश दर्ज, मौसम हुआ ठंडा; फसलों पर संकट के संकेत

Ujjain में गुरुवार और शुक्रवार की दरमियानी रात मौसम ने अचानक करवट ली। रात करीब एक बजे शुरू हुई बारिश शुक्रवार सुबह तक रुक-रुक कर जारी रही। इस हल्की लेकिन लगातार वर्षा ने शहर के तापमान में गिरावट ला दी और वातावरण में ठंडक घुल गई। सुबह कामकाज के लिए निकले लोगों को बूंदाबांदी और ठंडी हवाओं के बीच आवागमन करना पड़ा। कई लोग छाता लेकर निकले तो कुछ ने हल्के गर्म कपड़ों का सहारा लिया।

फरवरी माह में यह लगातार दूसरा दिन रहा, जब उज्जैन में वर्षा दर्ज की गई। आमतौर पर इस समय तक मौसम शुष्क और अपेक्षाकृत स्थिर रहता है, लेकिन इस बार बादलों की सक्रियता ने मौसम का मिजाज बदल दिया है।

2.4 मिमी वर्षा दर्ज, तापमान में उतार-चढ़ाव

शासकीय जीवाजी वेधशाला के अनुसार बीती रात कुल 2.4 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई। हालांकि यह मात्रा बहुत अधिक नहीं है, लेकिन फरवरी के अंतिम सप्ताह में इस प्रकार की वर्षा को सामान्य नहीं माना जाता।

बारिश का असर तापमान पर भी स्पष्ट रूप से देखा गया। गुरुवार को अधिकतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ, जो बुधवार के 31 डिग्री से 3 डिग्री कम रहा। वहीं न्यूनतम तापमान में हल्की बढ़ोतरी हुई। बुधवार को न्यूनतम तापमान 15 डिग्री था, जो बारिश के बाद बढ़कर 16.5 डिग्री सेल्सियस हो गया।

Weather वैज्ञानिकों के अनुसार दिन में बादलों की मौजूदगी के कारण धूप की तीव्रता कम रही, जिससे अधिकतम तापमान नीचे आया। वहीं रात में बादल छाए रहने से धरातल की ऊष्मा बाहर नहीं निकल पाई, जिससे न्यूनतम तापमान में गिरावट की बजाय हल्की बढ़ोतरी दर्ज की गई।

किसानों की चिंता बढ़ी, फसलों को नुकसान की आशंका

बारिश का सबसे बड़ा प्रभाव कृषि क्षेत्र पर पड़ने की आशंका है। वर्तमान में जिले में गेहूं, चना, सरसों और अन्य रबी फसलें खेतों में खड़ी हैं। कई फसलें पकने की अवस्था में हैं। ऐसे समय में लगातार नमी और बादल फसल की गुणवत्ता को प्रभावित कर सकते हैं।

किसानों का कहना है कि यदि इसी तरह रुक-रुक कर बारिश होती रही तो दानों में नमी बढ़ सकती है, जिससे उत्पादन और गुणवत्ता दोनों पर असर पड़ेगा। कुछ किसान यह भी आशंका जता रहे हैं कि यदि तेज हवा या ओलावृष्टि हुई तो खड़ी फसल गिर सकती है, जिससे भारी नुकसान संभव है।

कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि हल्की बारिश कभी-कभी लाभकारी हो सकती है, लेकिन फसल पकने के समय अधिक नमी नुकसानदेह होती है। इस समय सबसे अधिक जरूरत साफ मौसम और हल्की धूप की होती है।

22 फरवरी से पश्चिमी विक्षोभ का असर

शासकीय जीवाजी वेधशाला के अधीक्षक राजेंद्र गुप्त ने जानकारी दी कि 22 फरवरी से एक कमजोर पश्चिमी विक्षोभ पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र को प्रभावित कर सकता है। इसके प्रभाव से मौसम में फिर बदलाव देखने को मिल सकता है।

उन्होंने बताया कि इस विक्षोभ के कारण सर्दी में कमी आ सकती है और दिन तथा रात के तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी संभव है। हालांकि भारी वर्षा की संभावना फिलहाल कम है, लेकिन आंशिक बादल छाए रहने और हल्की वर्षा से इनकार नहीं किया जा सकता।

Weather विभाग के संकेतों के अनुसार अगले चार दिनों तक उज्जैन और आसपास के क्षेत्रों में बादल छाए रहने की संभावना है। कुछ स्थानों पर मावठा गिरने की भी संभावना जताई गई है।

शहरी व्यवस्थाओं की पोल खुली

बारिश ने शहर की स्थानीय व्यवस्थाओं की भी परीक्षा ली। वार्ड 46 की संतराम सिंधी कॉलोनी में हाल ही में बनी सड़क मकानों के लेवल से ऊंची होने के कारण जल निकासी की समस्या सामने आई। शुक्रवार की हल्की बारिश के बाद ही कई घरों में पानी घुस गया।

रहवासियों ने निर्माण कार्य में लापरवाही का आरोप लगाते हुए ठेकेदार और संबंधित अधिकारियों पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि यदि इतनी कम वर्षा में यह स्थिति है तो तेज बारिश में हालात और गंभीर हो सकते हैं।

स्थानीय लोगों ने मांग की है कि सड़क निर्माण की गुणवत्ता की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की जाए और जल निकासी की उचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

Weather का बदला रुख: राहत या चुनौती?

एक ओर इस बारिश ने शहर में ठंडक और ताजगी का अहसास कराया है, वहीं दूसरी ओर यह कृषि और शहरी व्यवस्थाओं के लिए चिंता का कारण बन गई है। फरवरी के अंतिम सप्ताह में इस तरह का Weather बदलाव असामान्य माना जा रहा है।

विशेषज्ञों का कहना है कि जलवायु परिवर्तन के प्रभाव से मौसम में अस्थिरता बढ़ी है, जिसके कारण बेमौसम बारिश और तापमान में अचानक उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहे हैं। यह स्थिति किसानों के लिए जोखिमपूर्ण है, क्योंकि उनकी आय सीधे मौसम पर निर्भर करती है।

प्रशासन और नागरिकों की नजर अगले पूर्वानुमान पर

अब प्रशासन और नागरिकों की नजर आने वाले दिनों के मौसम पूर्वानुमान पर टिकी है। यदि मौसम स्थिर रहता है और धूप निकलती है तो फसलों को राहत मिल सकती है। वहीं यदि बादल और वर्षा का दौर जारी रहा तो नुकसान की संभावना बढ़ सकती है।

कुल मिलाकर उज्जैन में दर्ज 2.4 मिमी बारिश ने मौसम को सुहावना तो बना दिया है, लेकिन साथ ही कई सवाल भी खड़े कर दिए हैं। खेती, शहरी निकासी और तापमान के उतार-चढ़ाव के बीच शहर एक बार फिर बदलते मौसम के प्रभाव को महसूस कर रहा है।

आने वाले दिनों में Weather का अगला रुख तय करेगा कि यह बारिश राहत साबित होगी या चुनौती। फिलहाल ठंडी हवाओं और बादलों के बीच उज्जैनवासी सतर्क नजर आ रहे हैं।

कुमकुम सोनी स्वराज वाणी न्यूज मे कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है। इन्होंने स्नातक पत्रकारिता एवं जनसंचार से की है। यह विशेषतः राजनीति एवं भू-राजनीति से जुड़े मुद्दों का गहन विशलेषण कर सरल भाषा में आम जनता के समक्ष प्रस्तुत करने का प्रयास करती है।… Read More

Related News
Breaking News हमेशा आपके पास

SwarajVani App Install करें

Latest India News & Breaking Updates — सीधे Home Screen पर

Offline पढ़ें Breaking Alerts बिल्कुल Free
SwarajVani को iPhone पर install करें:
📤 Share बटन दबाएं → "Add to Home Screen" select करें
Home
Web Stories
Instagram
WhatsApp