—Advertisement—

Trump का दावा: ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत-पाकिस्तान युद्ध टालने में मेरी भूमिका निर्णायक

Author Picture
Published On: 20 February 2026
Donald Trump Claims Key Role in Averting India-Pakistan Conflict During Operation Sindhur
— Donald Trump Claims Key Role in Averting India-Pakistan Conflict During Operation Sindhur

—Advertisement—

अमेरिकी राष्ट्रपति Trump ने भारत-पाकिस्तान तनाव पर फिर दिया बयान: ऑपरेशन सिंदूर और उनकी कूटनीति

अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump ने एक बार फिर भारत-पाकिस्तान तनाव और ऑपरेशन सिंदूर के दौरान निभाई अपनी भूमिका को लेकर बयान दिया है। ट्रंप का दावा है कि पिछले साल अप्रैल में हुए पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया था। उन्होंने कहा कि उस समय भारत और पाकिस्तान के बीच संभावित युद्ध की स्थिति बन गई थी और उन्हें इसमें हस्तक्षेप करना पड़ा। ट्रंप का कहना है कि उनकी आर्थिक दबाव और कूटनीतिक पहल के कारण दोनों देशों के बीच तनाव को टाला जा सका और शांति स्थापित हो सकी।

Trump का दावा: युद्ध को टालने में उनका निर्णायक योगदान

Trump ने बोर्ड ऑफ पीस की बैठक में बताया कि मई 2025 में भारत और पाकिस्तान के बीच संभावित सैन्य टकराव को रोकने के लिए उन्होंने दोनों देशों पर भारी टैरिफ की धमकी दी। उनका कहना था कि उन्होंने दोनों देशों से कहा, “अगर आप लड़ेंगे तो मैं आप दोनों पर 200 फीसदी टैरिफ लगा दूंगा।” ट्रंप ने बताया कि उस समय दोनों देश लड़ना चाहते थे, लेकिन आर्थिक नुकसान का खतरा सामने आने के बाद उन्होंने युद्ध टालने का निर्णय लिया।

Trump का दावा है कि उस समय हालात बेहद गंभीर थे। हवाई युद्ध चल रहा था और कई विमान गिराए जा रहे थे। उन्होंने बताया कि कुल 11 लड़ाकू विमान गिराए गए, जिन्हें उन्होंने अत्यंत महंगे जेट बताया। ट्रंप के अनुसार, यह स्थिति बेहद खतरनाक थी और तत्काल कूटनीतिक हस्तक्षेप की आवश्यकता थी।

प्रधानमंत्री मोदी और शहबाज शरीफ से बातचीत

Trump  ने कहा कि उन्होंने तत्काल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से बातचीत की। उनका दावा था कि उन्होंने दोनों नेताओं को चेतावनी दी और कहा कि यदि युद्ध नहीं रुका तो वे व्यापार समझौते को रोक देंगे। ट्रंप ने यह भी कहा कि उन्होंने व्यक्तिगत रूप से दोनों नेताओं के साथ वार्ता की क्योंकि वे उन्हें अच्छे से जानते थे।

Trump ने बताया कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने सार्वजनिक रूप से उन्हें श्रेय दिया और कहा कि उनकी कूटनीति ने 2.5 करोड़ लोगों की जान बचाई। उनका कहना था कि यह सफलता केवल उनके आर्थिक दबाव और कूटनीतिक प्रयासों के कारण ही संभव हुई।

भारत की प्रतिक्रिया

भारत सरकार ने Trump के दावों को सिरे से खारिज किया है। विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि भारत-पाकिस्तान के बीच युद्ध रोकने का निर्णय किसी तीसरे पक्ष की मध्यस्थता से नहीं लिया गया। मंत्रालय के अनुसार, यह निर्णय दोनों देशों के डीजीएमओ स्तर पर लिया गया था और इसमें किसी अन्य देश की भूमिका शामिल नहीं थी। भारत का कहना है कि ट्रंप के दावे वास्तविक स्थिति का प्रतिबिंब नहीं हैं और यह बयान केवल व्यक्तिगत प्रचार का हिस्सा हो सकता है।

वैश्विक मीडिया और राजनयिक चर्चाएँ

Trump का यह बयान वैश्विक मीडिया और राजनयिक मंचों पर चर्चा का विषय बन गया है। उनके दावों ने दक्षिण एशिया की सुरक्षा और वैश्विक कूटनीति के दृष्टिकोण से नई बहस को जन्म दिया है। विशेषज्ञों का कहना है कि ट्रंप अपने बयान में अपनी कूटनीतिक भूमिका को बढ़ा-चढ़ाकर पेश कर रहे हैं। हालांकि, यह सच है कि उस समय भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव चरम पर था और किसी भी अप्रत्याशित घटना से स्थिति गंभीर हो सकती थी।

वैश्विक मीडिया में ट्रंप के बयान को लेकर विभिन्न प्रतिक्रियाएँ सामने आई हैं। कुछ विश्लेषकों का कहना है कि अमेरिकी राष्ट्रपति की यह कहानी उनके प्रभाव और कूटनीतिक महत्व को बढ़ाने का प्रयास हो सकता है। वहीं, भारत और पाकिस्तान के अधिकारी इसे केवल मीडिया हाइप के रूप में देख रहे हैं।

Trump और दक्षिण एशिया की सुरक्षा

Trump ने अपने बयान में यह भी जोर दिया कि दक्षिण एशिया की सुरक्षा उनके दृष्टिकोण में महत्वपूर्ण है। उनका कहना था कि भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध भड़कने की स्थिति में वैश्विक अर्थव्यवस्था और सुरक्षा पर गंभीर असर पड़ सकता था। उन्होंने अपनी भूमिका को अंतरराष्ट्रीय स्थिरता बनाए रखने के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण बताया।

ट्रंप ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर और उसके बाद की परिस्थितियों में उनकी हस्तक्षेप नीति ने संभावित युद्ध को टाला और शांति बनाए रखी। उन्होंने इसे अपने कूटनीतिक कौशल और वैश्विक दबाव की सफलता के रूप में प्रस्तुत किया।

निष्कर्ष

डोनाल्ड ट्रंप ने भारत-पाकिस्तान के बीच ऑपरेशन सिंदूर और उसके बाद के तनाव पर कई दावे किए हैं। उनका कहना है कि आर्थिक दबाव और व्यक्तिगत कूटनीति के कारण युद्ध को रोका जा सका। वहीं, भारत सरकार ने इन दावों को पूरी तरह खारिज किया और कहा कि युद्ध रोकने का निर्णय दोनों देशों के अपने स्तर पर लिया गया।

इस विवाद ने अंतरराष्ट्रीय मीडिया और राजनयिक चर्चा को फिर से सक्रिय कर दिया है। ट्रंप के बयान ने एक बार फिर वैश्विक राजनीति में भारत-पाकिस्तान के तनाव और अमेरिका की भूमिका पर बहस शुरू कर दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि जबकि ट्रंप के दावे व्यक्तिगत प्रचार का हिस्सा हो सकते हैं, यह घटना दक्षिण एशिया की सुरक्षा और वैश्विक कूटनीति के लिए महत्वपूर्ण है।

इस प्रकार, ट्रंप का बयान एक बार फिर से भारत-पाकिस्तान के संबंधों, ऑपरेशन सिंदूर, और वैश्विक राजनयिक दृष्टिकोण पर चर्चा का केंद्र बन गया है।

कुमकुम सोनी स्वराज वाणी न्यूज मे कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है। इन्होंने स्नातक पत्रकारिता एवं जनसंचार से की है। यह विशेषतः राजनीति एवं भू-राजनीति से जुड़े मुद्दों का गहन विशलेषण कर सरल भाषा में आम जनता के समक्ष प्रस्तुत करने का प्रयास करती है।… Read More

Related News

Comments are closed.

Breaking News हमेशा आपके पास

SwarajVani App Install करें

Latest India News & Breaking Updates — सीधे Home Screen पर

Offline पढ़ें Breaking Alerts बिल्कुल Free
SwarajVani को iPhone पर install करें:
📤 Share बटन दबाएं → "Add to Home Screen" select करें
Home
Web Stories
Instagram
WhatsApp