MP Budget 2026: मध्य प्रदेश में शिक्षा क्षेत्र में बड़ा ऐलान, 15 हजार शिक्षकों की होगी भर्ती
भोपाल: MP सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट पेश करते हुए शिक्षा क्षेत्र में कई बड़े ऐलान किए हैं। यह बजट डॉ. मोहन यादव सरकार का तीसरा और वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा का सातवां बजट है। बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य शिक्षा के क्षेत्र में सुधार करना और बच्चों, छात्रों तथा शिक्षकों के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है।
15 हजार शिक्षकों की भर्ती
वित्त मंत्री ने घोषणा की कि प्रदेश में 15 हजार शिक्षकों की भर्ती प्रस्तावित है। यह कदम शिक्षा क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण पढ़ाई को बढ़ावा देने और विद्यालयों में शिक्षक-पारदर्शिता बढ़ाने के लिए लिया गया है। इसके अलावा, ST वर्ग की शैक्षणिक संस्थाओं में 4 हजार से अधिक शिक्षकों की भर्ती की प्रक्रिया पहले ही चल रही है। इससे पिछड़े और वंचित वर्ग के छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की सुविधा मिल सकेगी।
294 नए सांदीपनि स्कूलों का निर्माण
बजट में यह भी घोषणा की गई कि राज्य में 294 नए सांदीपनि स्कूल खोले जाएंगे। इन स्कूलों का उद्देश्य बच्चों को शारीरिक, मानसिक और शैक्षणिक रूप से संतुलित शिक्षा देना है। स्कूलों में आधुनिक सुविधाओं और प्रशिक्षित शिक्षकों का प्रावधान किया जाएगा, जिससे छात्र अपनी पढ़ाई में बेहतर प्रदर्शन कर सकें।
छात्रवृत्ति और कोचिंग योजनाएं
वित्त मंत्री ने बताया कि पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के तहत 7 लाख 95 हजार विद्यार्थियों को आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। इस योजना से छात्रों को बिना किसी वित्तीय बाधा के अपनी पढ़ाई पूरी करने में मदद मिलेगी।
युवाओं के प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी को प्रोत्साहित करने के लिए सरदार पटेल कोचिंग योजना शुरू की जा रही है। इस योजना के तहत 4 हजार विद्यार्थियों को निशुल्क कोचिंग दी जाएगी। इसका उद्देश्य ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के छात्रों को उच्च शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी में समान अवसर प्रदान करना है।
टेट्रा पैक दूध योजना
बजट में आठवीं तक के छात्रों के लिए टेट्रा पैक दूध देने की योजना की घोषणा की गई। इस योजना का लक्ष्य बच्चों के पोषण स्तर में सुधार करना और उन्हें स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना है। इससे बच्चों का शारीरिक विकास भी सुनिश्चित होगा।
शिक्षा के अलावा अन्य योजनाओं का फोकस
बजट में केवल शिक्षा ही नहीं बल्कि छात्रों और युवाओं के जीवन स्तर को सुधारने वाले अन्य कार्यक्रमों पर भी ध्यान दिया गया है। पीएम आवास योजना के लिए 6,850 करोड़ रुपये, पीएम जनमन योजना के लिए 900 करोड़ रुपये और जी राम जी के लिए 10,428 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। पंचायत और ग्रामीण विकास विभाग के लिए 40,062 करोड़ रुपये की राशि आवंटित की गई है। वन और पर्यावरण क्षेत्र के लिए 6,151 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है।
शिक्षा क्षेत्र में सुधार की व्यापक योजना
वित्त मंत्री ने बजट भाषण में कहा कि शिक्षा क्षेत्र में निवेश केवल शिक्षकों की भर्ती तक सीमित नहीं है। स्कूलों के इंफ्रास्ट्रक्चर, स्मार्ट क्लासरूम, डिजिटल शिक्षा प्लेटफॉर्म और लाइब्रेरी जैसी सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। राज्य सरकार का यह प्रयास है कि छात्र और युवा नई तकनीकों और डिजिटल शिक्षा के माध्यम से अपने कौशल को और बेहतर बना सकें।
छात्रों और शिक्षकों के लिए लाभ
- 15 हजार नई शिक्षक भर्तियों से विद्यालयों में शिक्षक अनुपात सुधरेगा।
- 294 नए सांदीपनि स्कूल बच्चों को आधुनिक शिक्षा और खेलकूद का मौका देंगे।
- पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना से लाखों छात्र आर्थिक बाधाओं से मुक्त होकर पढ़ाई कर सकेंगे।
- सरदार पटेल कोचिंग योजना से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्र लाभान्वित होंगे।
- टेट्रा पैक दूध योजना से बच्चों के पोषण स्तर में सुधार होगा।
प्रदेश में शिक्षा का भविष्य
वित्त मंत्री के अनुसार, यह बजट प्रदेश की शिक्षा प्रणाली को मजबूत करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। शिक्षा में निवेश केवल वर्तमान पीढ़ी को लाभ नहीं देगा, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए भी मजबूत नींव तैयार करेगा। शिक्षक भर्ती और नए स्कूलों की स्थापना से शिक्षा के क्षेत्र में गुणवत्ता और पहुंच दोनों बढ़ेंगी।
निष्कर्ष
MP Budget 2026 में शिक्षा क्षेत्र को लेकर किए गए ये ऐलान प्रदेश के छात्रों, युवाओं और शिक्षकों के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं। 15 हजार शिक्षकों की भर्ती, 294 नए स्कूलों की स्थापना, छात्रवृत्ति और कोचिंग योजनाएं, टेट्रा पैक दूध जैसी योजनाएं यह सुनिश्चित करेंगी कि मध्य प्रदेश में शिक्षा का स्तर ऊँचा उठे और हर बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके।
एमपी सरकार का यह बजट शिक्षा के क्षेत्र में नई दिशा देने वाला और छात्रों के भविष्य को सुरक्षित बनाने वाला माना जा रहा है। आने वाले वर्षों में इस बजट के प्रभाव से प्रदेश में शिक्षा और युवा कौशल विकास दोनों ही क्षेत्रों में सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेंगे।
