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मध्यप्रदेश में 119 MP राजस्व निरीक्षक प्रभारी नायब तहसीलदार बने, राजस्व विभाग का बड़ा आदेश, नई जिलों में पोस्टिंग

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Published On: 17 February 2026
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मध्यप्रदेश में 119 MP राजस्व निरीक्षक प्रभारी नायब तहसीलदार बनाए गए। राजस्व विभाग के आदेश, नई पोस्टिंग, शर्तें, वरिष्ठता नियम और पूरी जानकारी पढ़ें।मध्यप्रदेश में 119 MP राजस्व निरीक्षक प्रभारी नायब तहसीलदार बने, राजस्व विभाग का बड़ा प्रशासनिक फैसला

क्या है पूरा मामला

मध्यप्रदेश में प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने के लिए राजस्व विभाग ने बड़ा निर्णय लेते हुए 119 राजस्व निरीक्षकों को प्रभारी नायब तहसीलदार बनाया है।
यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।

इस निर्णय का उद्देश्य राजस्व न्यायालयीन कार्यों की गति बढ़ाना और जिलों में लंबित मामलों का त्वरित निराकरण करना बताया जा रहा है।

कितने अधिकारियों को मिला प्रभार

प्रदेशभर के 119 MP राजस्व निरीक्षक प्रभारी नायब तहसीलदार बनाए गए हैं और उन्हें नए जिलों में पदस्थ किया गया है।

 सभी अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे तुरंत नई पदस्थापना स्थल पर कार्यभार ग्रहण करें।

किन्हें नहीं मिलेगा प्रभार

राजस्व विभाग ने स्पष्ट किया है कि—

  • जिन अधिकारियों पर विभागीय जांच लंबित है
  • जिनके खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं
  • जिन पर दंडादेश जारी है

उन्हें यह प्रभार नहीं दिया जाएगा।

पोस्टिंग को लेकर विशेष निर्देश

राजस्व न्यायालयीन काम प्रभावित न हों, इसके लिए विभाग ने स्थानांतरण नीति समाप्त होने के बाद भी आवश्यकता अनुसार एक बार ट्रांसफर की अनुमति दी है।

इसका मतलब प्रशासनिक जरूरत सर्वोपरि रहेगी।

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वेतन और वरिष्ठता पर बड़ा नियम

प्रभारी नायब तहसीलदार बनाए गए अधिकारी—

अतिरिक्त वेतन नहीं पाएंगे
वरिष्ठता का दावा नहीं कर सकेंगे
भत्तों में कोई विशेष लाभ नहीं मिलेगा

यह केवल कार्य व्यवस्था हेतु अस्थायी प्रभार माना जाएगा।

स्थायी नियुक्ति नहीं मानी जाएगी सेवा

सबसे महत्वपूर्ण बिंदु:

जब नियमित नायब तहसीलदार की नियुक्ति होगी
तब प्रभारी के रूप में किया गया कार्यकाल
सेवा में नहीं जोड़ा जाएगा

यानि यह पद Promotion नहीं, केवल Arrangement है।

विभागीय जांच का नियम

यदि किसी प्रभारी नायब तहसीलदार के खिलाफ शिकायत होती है, तो जांच उसी प्रक्रिया से होगी जो नियमित नायब तहसीलदार पर लागू होती है।

आदेश कभी भी रद्द हो सकता है

राजस्व विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि—

बिना नोटिस के आदेश वापस लिया जा सकता है
 अधिकारी को फिर से राजस्व निरीक्षक पद पर भेजा जा सकता है

प्रशासनिक व्यवस्था पर क्या असर पड़ेगा?

इस फैसले से:

लंबित नामांतरण और सीमांकन मामलों में तेजी आएगी
राजस्व न्यायालयों का बोझ कम होगा
जिलों में फील्ड प्रशासन मजबूत होगा
ग्रामीण राजस्व कार्यों की निगरानी बढ़ेगी

जनता पर क्या प्रभाव पड़ेगा?

आम नागरिकों को उम्मीद है कि अब—

  • जमीन विवाद जल्दी सुलझेंगे
  • राजस्व रिकॉर्ड अपडेट होंगे
  • तहसील स्तर पर निर्णय तेजी से होंगे
  • लंबित प्रकरणों का निपटारा होगा

प्रशासन का उद्देश्य

सरकार का मुख्य लक्ष्य है:

राजस्व तंत्र को फील्ड स्तर पर सक्रिय करना
प्रशासनिक रिक्तता को अस्थायी रूप से भरना
सेवा वितरण तेज करना

आगे क्या होगा?

यह व्यवस्था स्थायी नहीं है।
भविष्य में नियमित भर्ती या पदोन्नति प्रक्रिया के बाद वास्तविक नियुक्तियाँ की जाएंगी।

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