दीपक राज जैन को धर्म प्रभावना और समाज सेवा में किया गया सम्मानित
Jabalpur: विगत चार दशकों से सर्वोदय अहिंसा की पवित्र भावना को जीवन में उतारने, जीव रक्षा, पर्यावरण संरक्षण और सम्पूर्ण विश्व में जिनधर्म की मंगल प्रभावना फैलाने के कार्यों के लिए जिनशासन सेवक दीपक राज जैन को संस्कारधानी जबलपुर में आयोजित वेदी प्रतिष्ठा महोत्सव के दौरान विशेष रूप से सम्मानित किया गया। यह सम्मान न केवल उनके व्यक्तिगत योगदान का प्रतीक है, बल्कि पूरे समाज और जिनधर्म के प्रचार-प्रसार की सराहना भी है।
समारोह और उपस्थित गणमान्य व्यक्ति
इस विशेष अवसर पर सकल तारण तरण दिगंबर जैन समाज के पदाधिकारी उपस्थित थे। इसके साथ ही वेदी सूतन कर्ता रामडिम मूरी परिवार, श्रीमंत विकास समैया (खुरई), राकेश जैन (रायसाव बांदा), पंकज जैन (गंज बासौदा), राजेश जैन (ग्यारसपुर), आभास जैन (गुरैया), ट्रस्ट के अध्यक्ष सतीश समैया, शरद समैया, सीए राहुल जैन, राजू परासिया, मनोज जैन (मंटू कुंडा वाले), पं. संतोष जैन भाईजी, जतिन समैया, प्रियंक समैया, राजेश दिगंबर और भूपेंद्र जैन (तारण टीवी) सहित अनेक समाजसेवी और गणमान्य लोग मौजूद थे। उन्होंने दीपक राज जैन का अभिनंदन किया और उन्हें शुभकामनाएं दी।
समारोह का माहौल अत्यंत मंगलमय और आध्यात्मिक था। आयोजकों ने विशेष रूप से उनके चार दशकों लंबे निरंतर प्रयासों को याद किया, जिसमें उन्होंने अहिंसा, समाज सेवा और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में अतुलनीय योगदान दिया।
Deepak Raj Jain का संदेश
सम्मान ग्रहण करते हुए दीपक राज जैन ने कहा कि यह पुरस्कार केवल उनका नहीं, बल्कि जिनधर्म की मंगल प्रभावना और समाज सेवा के क्षेत्र में निरंतर सहयोग देने वाले इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया का भी सम्मान है। उन्होंने इस अवसर पर सभी का हृदय से आभार व्यक्त किया और कहा कि वे आगे भी इसी तरह धर्म और समाज सेवा के कार्यों में सहयोग करते रहेंगे।
उन्होंने समाज के युवाओं और साधकों से अपील की कि वे अहिंसा, जीव रक्षा और पर्यावरण संरक्षण के कार्यों में अपनी भागीदारी बढ़ाएं और जिनधर्म की शिक्षाओं को जन-जन तक पहुँचाने में सहयोग करें।
धर्म और समाज सेवा में योगदान
Deepak Raj Jain ने अपने जीवन में सर्वोदय अहिंसा की भावना को अपनाते हुए समाज में शांति और सद्भाव फैलाने का कार्य किया है। उन्होंने लगातार यह संदेश दिया कि धर्म केवल धार्मिक क्रियाओं तक सीमित नहीं, बल्कि जीवन और समाज को बेहतर बनाने का मार्ग है।
उनके प्रयासों से समाज में नैतिक मूल्यों की जागरूकता बढ़ी है और लोग अब अधिक संवेदनशील होकर जीव संरक्षण, पर्यावरण सुरक्षा और सामाजिक सद्भाव में योगदान देने लगे हैं।
वे मानते हैं कि धर्म का वास्तविक उद्देश्य समाज में समानता, अहिंसा और न्याय स्थापित करना है। इसके लिए केवल ज्ञान या पुस्तकें पर्याप्त नहीं, बल्कि सतत प्रयास और कार्यान्वयन की आवश्यकता है।
सम्मान का महत्व
वेदी प्रतिष्ठा महोत्सव में दीपक राज जैन को सम्मानित करना धर्म प्रभावना और जिनधर्म के प्रचार-प्रसार के लिए किए गए उनके सतत प्रयासों की पहचान है। यह सम्मान दर्शाता है कि चार दशकों से चल रहे उनके कार्यों ने समाज में स्थायी बदलाव लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
इस अवसर पर उनके सहयोगियों और समाज के गणमान्य व्यक्तियों ने भी जोर देकर कहा कि दीपक राज जैन का योगदान केवल सम्मान का विषय नहीं, बल्कि सामाजिक और आध्यात्मिक जागरूकता का प्रेरणास्रोत भी है।
भविष्य के लिए संदेश
Deepak Raj Jain ने सभी से अनुरोध किया कि वे भी अहिंसा, पर्यावरण संरक्षण, जीव रक्षा और समाज सेवा के कार्यों में सक्रिय भागीदारी निभाएं। उन्होंने कहा कि यदि हम सब मिलकर इन मूल्यों को अपनाएं और आगे बढ़ाएं, तो समाज में शांति, सद्भाव और धार्मिक मंगल प्रभावना सुनिश्चित की जा सकती है।
उनके अनुसार, धर्म का अर्थ केवल पूजा-पाठ या धार्मिक नियम नहीं है, बल्कि समाज और मानवता के लिए सकारात्मक योगदान देना भी धर्म की सर्वोच्च अभिव्यक्ति है।
सारांश:
Jabalpur में आयोजित वेदी प्रतिष्ठा महोत्सव के दौरान दीपक राज जैन को प्रदान किया गया यह सम्मान चार दशकों के समाज सेवा, जिनधर्म प्रचार और धर्म प्रभावना के कार्यों की प्रशंसा है। उनके योगदान ने समाज में नैतिक और आध्यात्मिक जागरूकता बढ़ाई है और यह संदेश दिया है कि धर्म का वास्तविक उद्देश्य समानता, अहिंसा और जीवन संरक्षण है।
दीपक राज जैन का यह सम्मान केवल उनके व्यक्तिगत प्रयास का नहीं, बल्कि समाज, मीडिया और सहयोगी संगठनों के सामूहिक प्रयास का प्रतीक भी है।
