MP Budget Session 2026 की शुरुआत हंगामे के बीच हुई। राज्यपाल मंगूभाई पटेल ने 2047 तक 2 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था का लक्ष्य रखा, विपक्ष ने उठाए कई मुद्दे।
MP Budget Session 2026: हंगामे के बीच शुरू हुआ बजट सत्र, विकास विज़न और राजनीतिक टकराव का पहला दिन
बजट सत्र की शुरुआत कैसे हुई
MP Budget Session 2026 की शुरुआत सोमवार को भोपाल स्थित विधानसभा में हुई। सत्र की कार्यवाही सुबह 11 बजे राज्यपाल के अभिभाषण से प्रारंभ हुई।
पहले ही दिन सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी राजनीतिक नोकझोंक देखने को मिली, जिससे सत्र का माहौल पूरी तरह राजनीतिक रंग में रंग गया।
राज्यपाल के संबोधन के बाद सदन की कार्यवाही अगले दिन तक स्थगित कर दी गई। अब अभिभाषण पर चर्चा आगामी बैठक में होगी।
राज्यपाल मंगूभाई पटेल के अभिभाषण की मुख्य बातें
राज्यपाल मंगूभाई पटेल ने अपने अभिभाषण में सरकार की विकास योजनाओं और दीर्घकालिक आर्थिक दृष्टि पर विशेष जोर दिया।
प्रमुख घोषणाएं और बातें:
- 17 दिसंबर 2025 के विशेष सत्र में 12 घंटे तक विकसित मध्यप्रदेश पर चर्चा हुई।
- प्रदेश को 2047 तक 2 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य।
- केंद्र सरकार के “अमृत काल” विज़न के साथ राज्य की नीतियों को जोड़ा गया।
- उद्योगों के लिए अनुकूल माहौल बनने का दावा।
- भोपाल में आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टर समिट का उल्लेख।
राज्यपाल ने कहा कि मध्यप्रदेश निवेश, आधारभूत संरचना और औद्योगिक विस्तार के माध्यम से देश की अग्रणी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल होने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
विपक्ष का हंगामा और उठाए गए मुद्दे
सत्र के दौरान विपक्ष ने कई मुद्दों को लेकर सरकार को घेरा।
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने उठाए सवाल:
- नल-जल योजना की वास्तविक स्थिति।
- इंदौर में दूषित पानी की समस्या।
- बजट में “घोषणाओं और जमीनी सच्चाई” के अंतर पर चर्चा की मांग।
- प्रदेश के कर्ज पर श्वेत पत्र लाने की मांग।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के आरोप:
- तीन आरोपित मंत्रियों को सदन में बैठने पर आपत्ति।
- मंत्री विजय शाह का नाम लेकर जवाब मांगा।
हंगामे के बावजूद राज्यपाल ने बिना रुके अपना अभिभाषण पूरा किया।
सरकार का विकास एजेंडा और 2047 लक्ष्य
MP Budget Session 2026 का सबसे बड़ा संदेश रहा — दीर्घकालिक आर्थिक परिवर्तन।
सरकार की प्राथमिकताएं:
- औद्योगिक निवेश को बढ़ावा
- रोजगार सृजन
- बुनियादी ढांचे का विस्तार
- शहरी विकास और जल प्रबंधन
- ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना
राज्य सरकार का दावा है कि मध्यप्रदेश को आने वाले वर्षों में राष्ट्रीय विकास इंजन के रूप में स्थापित किया जाएगा।
किन नेताओं की रही प्रमुख भूमिका
सत्र के पहले दिन कई प्रमुख नेताओं की सक्रिय भूमिका रही:
- मुख्यमंत्री मोहन यादव
- विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर
- राज्यपाल मंगूभाई पटेल
- नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार
- कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी
- विधायक सोहनलाल वाल्मीकि
- मंत्री विजय शाह
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वित्त मंत्री एवं उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा
इन सभी नेताओं की मौजूदगी ने पहले दिन को राजनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण बना दिया।
18 फरवरी को पेश होगा बजट
सत्र का सबसे अहम दिन 18 फरवरी 2026 होगा, जब:
वित्त मंत्री एवं उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा राज्य का आम बजट पेश करेंगे।
इस बजट से जुड़े प्रमुख प्रश्न:
- क्या सरकार चुनावी वादों को गति देगी?
- क्या सामाजिक योजनाओं का विस्तार होगा?
- क्या राजकोषीय संतुलन पर फोकस रहेगा?
राजनीतिक संकेत और आगे की रणनीति
MP Budget Session 2026 का पहला दिन ही संकेत दे गया कि यह सत्र:
- विकास बनाम वास्तविकता की बहस पर केंद्रित रहेगा
- जल, रोजगार और कर्ज जैसे मुद्दे प्रमुख रहेंगे
- सरकार उपलब्धियों को गिनाएगी, विपक्ष जवाबदेही मांगेगा
आने वाले दिनों में सदन में तीखी बहस और कई अहम खुलासों की संभावना है।
निष्कर्ष
MP Budget Session 2026 केवल वित्तीय दस्तावेज पेश करने का मंच नहीं, बल्कि
मध्यप्रदेश की विकास दिशा
राजनीतिक जवाबदेही
2047 विज़न की व्यवहारिकता का परीक्षण भी है।पहले दिन का हंगामा इस बात का संकेत है कि यह सत्र नीतिगत बहसों और राजनीतिक टकराव — दोनों का केंद्र बनने वाला है।

