PM Modi ने ट्रेड डील और डिजिटल वितरण से किसानों के हित सुरक्षित किए – अमित शाह का विपक्ष पर हमला
गुजरात के गांधीनगर में केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह ने PM Modi के नेतृत्व में डिजिटल करेंसी आधारित पारदर्शी सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी हमेशा किसानों, मछुआरों और पशुपालकों के हितों के लिए खड़े रहे हैं और किसी भी तरह का समझौता नहीं करेंगे। शाह ने विशेष रूप से विपक्ष पर हमला करते हुए कहा कि वे देशवासियों को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं और झूठ फैलाते रहते हैं।
डिजिटल इंडिया का विस्तार खाद्य और आपूर्ति तक
अमित शाह ने बताया कि PM Modi की पहल से देश में डिजिटल ट्रांजेक्शन में तेजी आई है और गरीबों को सस्ता अनाज सीधे डिजिटल माध्यम से मिलेगा। उन्होंने कहा कि अब डिजिटल पद्धति के माध्यम से राशन वितरण पूरी तरह पारदर्शी होगा और भ्रष्टाचार समाप्त होगा। इस प्रणाली में नई अन्नपूर्ति मशीनें लागू की गई हैं, जो मात्र 35 सेकंड में 25 किलो अनाज वितरित कर सकती हैं। यह प्रणाली अगले 3-4 वर्षों में पूरे देश में लागू की जाएगी, जिससे गरीब नागरिकों को प्रत्येक माह 5 किलो मुफ्त अनाज प्राप्त होगा।
गरीबों और किसानों के लिए लाभ
शाह ने कहा कि भारत में पहले 60 करोड़ लोगों के पास बैंक खाता नहीं था, लेकिन आज डिजिटल इंडिया की मदद से आधे डिजिटल लेन-देन भारत में हो रहे हैं। PM Modi ने देश के 80 करोड़ लोगों को प्रति व्यक्ति 5 किलो मुफ्त अनाज देने का काम किया है। इसके साथ ही स्वनिधि योजना के तहत 1 करोड़ 9 लाख रेहड़ी-पटरी वालों तक वित्तीय सहायता पहुंचाई जा रही है। शाह ने यह भी बताया कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में किसानों के बैंक खातों में हर साल 6,000 रुपए भेजे जाते हैं, जिससे उन्हें कर्ज़ लेने की आवश्यकता नहीं पड़ती।
अन्नपूर्ति मशीन और पारदर्शिता
नई अन्नपूर्ति मशीनें अनाज वितरण प्रणाली में सुधार लाने के लिए डिज़ाइन की गई हैं। इससे सुनिश्चित होता है कि गरीबों को उच्च गुणवत्ता वाला अनाज उचित मात्रा में मिले और बिचौलियों के लिए कोई जगह न हो। शाह ने कहा कि यह कदम पिछली सरकारों की भ्रष्ट और अपारदर्शी प्रणाली का विकल्प है। अब देश के प्रत्येक गरीब नागरिक को अनाज मिलने का अधिकार सुरक्षित है।
कृषि और ट्रेड डील पर विपक्ष का गुमराह करना
अमित शाह ने कहा कि कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल देशवासियों को गुमराह कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि पिछली सरकार में केवल 26,000 करोड़ रुपये का कृषि बजट था, जबकि वर्तमान सरकार ने इसे बढ़ाकर 1,29,000 करोड़ रुपये कर दिया। पिछले 70 वर्षों में विपक्ष ने केवल कर्ज माफी के माध्यम से किसानों को धोखा दिया, जबकि मोदी सरकार ने लगातार 10 वर्षों से किसानों को सीधे वित्तीय सहायता प्रदान की है।
वैश्विक व्यापार समझौते और किसानों की सुरक्षा
शाह ने यह भी कहा कि यूरोपीय संघ, इंग्लैंड और अमेरिका के साथ हुए व्यापार समझौते के माध्यम से भारत के किसानों और डेयरी उत्पादकों के हित पूरी तरह सुरक्षित किए गए हैं। इस कदम से भारतीय कृषि और मछुआरा उत्पादकों के लिए वैश्विक बाजार खुला और उन्हें नई संभावनाएँ मिली हैं।
PM मोदी की दृढ़ प्रतिबद्धता
अमित शाह ने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री मोदी हमेशा किसानों, मछुआरों और पशुपालकों की सुरक्षा के लिए चट्टान की तरह खड़े हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने खाद्य सुरक्षा क्षेत्र में भ्रष्टाचार और अपारदर्शिता को समाप्त कर दिया है। अब हर गरीब नागरिक को अनाज सीधे और पारदर्शी तरीके से मिलेगा।
डिजिटल कनेक्टिविटी का विस्तार
देश में डिजिटल कनेक्टिविटी के विस्तार से 1,07,000 गांवों में लोगों तक डिजिटल सेवाएँ पहुँच चुकी हैं। इस प्रणाली के जरिए गरीबों को सीधे लाभ मिलेगा और खाद्य वितरण की पारदर्शिता सुनिश्चित होगी। शाह ने कहा कि आने वाले वर्षों में यह प्रणाली कश्मीर से कन्याकुमारी और द्वारका से कामाख्या तक पूरे देश में लागू की जाएगी।
निष्कर्ष
अमित शाह ने इस अवसर पर जोर दिया कि प्रधानमंत्री मोदी की नीतियों ने देश के गरीबों, किसानों और मछुआरों के हित सुरक्षित किए हैं। डिजिटल पद्धति, अन्नपूर्ति मशीन और वैश्विक व्यापार समझौते सभी मिलकर देश की खाद्य सुरक्षा और किसानों की आत्मनिर्भरता को मजबूत कर रहे हैं। शाह ने यह भी कहा कि विपक्ष झूठ फैलाकर जनता को गुमराह कर रहा है, लेकिन मोदी सरकार की ठोस नीतियों और योजनाओं ने पूरे देश में पारदर्शिता और सुरक्षा सुनिश्चित की है।
