डबरा नवग्रह शक्तिपीठ प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में मुख्यमंत्री मोहन यादव, डॉ. नरोत्तम मिश्रा और कुमार विश्वास शामिल हुए, धार्मिक पर्यटन को मिलेगा बड़ा बढ़ावा।
डबरा नवग्रह शक्तिपीठ प्राण प्रतिष्ठा: आस्था, विकास और सांस्कृतिक गौरव का ऐतिहासिक संगम
डबरा नवग्रह शक्तिपीठ प्राण प्रतिष्ठा का भव्य आयोजन
डबरा नवग्रह शक्तिपीठ प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम ग्वालियर जिले के डबरा में अत्यंत श्रद्धा, उत्साह और भव्यता के साथ सम्पन्न हुआ।
यह आयोजन केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान को नई दिशा देने वाला ऐतिहासिक अवसर बन गया।
मुख्यमंत्री मोहन यादव स्वयं इस पावन अवसर पर उपस्थित हुए और विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर नवग्रहों का आशीर्वाद लिया। मंदिर परिसर में हजारों श्रद्धालुओं की उपस्थिति ने इस आयोजन को जनआस्था का विराट उत्सव बना दिया।
मुख्यमंत्री मोहन यादव का संबोधन
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि—
“आपने तो जंगल में मंगल कर दिया है।”
उन्होंने पूर्व गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा की सराहना करते हुए कहा कि इस दिव्य स्थल के निर्माण में उनका विशेष योगदान रहा है।
मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि
डबरा नवग्रह शक्तिपीठ प्राण प्रतिष्ठा आने वाले समय में पूरे देश का आस्था केंद्र बनेगा।
डॉ. नरोत्तम मिश्रा की भूमिका पर विशेष टिप्पणी
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि:
- इस शक्तिपीठ की कल्पना को साकार करने में डॉ. नरोत्तम मिश्रा की दूरदृष्टि रही।
- धार्मिक संरचना के साथ पर्यटन विकास की सोच ने इस परियोजना को विशेष बनाया।
- यह स्थल ग्वालियर-चंबल क्षेत्र की पहचान को राष्ट्रीय स्तर तक ले जाएगा।
श्रद्धालुओं ने तालियों की गड़गड़ाहट से इस वक्तव्य का स्वागत किया।
कुमार विश्वास की कथा से भक्तिमय वातावरण
मंदिर निरीक्षण के बाद मुख्यमंत्री प्रसिद्ध कवि एवं कथा वाचक कुमार विश्वास की कथा में शामिल हुए।
कथा के दौरान पूरा परिसर भक्ति, संस्कृति और आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर दिखाई दिया।
कुमार विश्वास ने भारतीय संस्कृति, ज्योतिष परंपरा और नवग्रहों के आध्यात्मिक महत्व पर विस्तृत प्रकाश डाला।
धार्मिक पर्यटन का नया केंद्र बनेगा डबरा
डबरा नवग्रह शक्तिपीठ प्राण प्रतिष्ठा को मध्यप्रदेश में धार्मिक पर्यटन के नए अध्याय के रूप में देखा जा रहा है।
संभावित लाभ:
- क्षेत्रीय रोजगार में वृद्धि
- स्थानीय व्यापार को बढ़ावा
- धार्मिक पर्यटन सर्किट का विस्तार
- सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय मंच
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह स्थल उज्जैन, ओंकारेश्वर और अन्य तीर्थों की तरह श्रद्धा का प्रमुख केंद्र बन सकता है।
प्रशासनिक व्यवस्थाएं रहीं चुस्त
मुख्यमंत्री के आगमन को देखते हुए प्रशासन ने:
- व्यापक सुरक्षा व्यवस्था
- सुव्यवस्थित ट्रैफिक प्रबंधन
- भीड़ नियंत्रण के विशेष इंतजाम
- श्रद्धालुओं के लिए सुविधाजनक दर्शन व्यवस्था
सभी व्यवस्थाएं सफल रहीं और कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न हुआ।
क्षेत्रीय विकास और आस्था का संगम
डबरा नवग्रह शक्तिपीठ प्राण प्रतिष्ठा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि विकास की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है।
यह परियोजना:
- धार्मिक आस्था
- सांस्कृतिक विरासत
- स्थानीय अर्थव्यवस्था
- पर्यटन अवसंरचना
इन सभी को जोड़ने वाला मॉडल बन सकती है।
भविष्य में राष्ट्रीय पहचान की ओर कदम
विशेषज्ञ मानते हैं कि आने वाले वर्षों में यह स्थल:
राष्ट्रीय धार्मिक मानचित्र पर उभरेगा
ज्योतिष और नवग्रह परंपरा का प्रमुख केंद्र बनेगा
मध्यप्रदेश की आध्यात्मिक पहचान को मजबूत करेगा

