परमरस चातुर्मास नागदा में मुनिराज प्रत्यक्षरत्न विजयजी म.सा. एवं पवित्ररत्न विजयजी म.सा. के प्रथम मंगल प्रवेश, परमरस रथ, धर्मसभा और आध्यात्मिक आयोजन की विस्तृत रिपोर्ट।
मंगल विहार का शुभारंभ
परमरस चातुर्मास नागदा के अंतर्गत मुनिभगवंतों का मंगल विहार प्रातः बनबना गाँव से प्रारंभ हुआ। श्रद्धालुओं ने मार्ग में वंदन कर धर्मलाभ प्राप्त किया। वातावरण में “नवकार मंत्र” की गूँज से पूरा क्षेत्र आध्यात्मिकता से सराबोर हो उठा।
शांतिनाथ जिनालय में भव्य अगवानी
शांतिनाथ जिनालय, जैन कॉलोनी पहुँचने पर श्री राजेन्द्र सूरि जैन ज्ञान मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष ब्रजेश बोहरा के नेतृत्व में ट्रस्टीगणों एवं श्रीसंघ ने भावभीनी अगवानी की।
यह दृश्य श्रद्धा, विनम्रता और परम्परा का जीवंत प्रतीक था।
आकर्षण का केंद्र बना ‘परमरस रथ’
वर्ष 2025 के परमरस चातुर्मास नागदा की प्रेरणा से निर्मित ‘परमरस रथ’ पहली बार नगर प्रवेश शोभायात्रा में सम्मिलित हुआ।
श्रद्धालुओं ने रथ पर गवली कर दर्शन किए और हर्ष व्यक्त किया। यह रथ संयम, तप और धर्मप्रभावना का प्रतीक बन गया।
गाजे-बाजे के साथ भव्य सामैया
नगर में भव्य सामैया निकला, जो प्रमुख मार्गों से होता हुआ रानी लक्ष्मीबाई मार्ग स्थित उपाश्रय पहुँचा।
इस शोभायात्रा में:
- साध्वी श्री हेमप्रज्ञा श्रीजी म.सा.
- साध्वी मंडल
- बड़ी संख्या में श्रावक-श्राविकाएँ
उत्साहपूर्वक सम्मिलित हुए।
धर्मसभा में मिला आत्मकल्याण का संदेश
धर्मसभा में श्रीसंघ अध्यक्ष मनीष ओरा ने स्वागत भाषण प्रस्तुत किया।
अखिल भारतीय श्री राजेन्द्र जैन नवयुवक परिषद शाखा नागदा की ओर से नवकारसी के लाभार्थी दिलीप गांधी का बहुमान किया गया।
मुनिराज श्री का प्रेरक संदेश:
- धर्म जीवन का संतुलन है
- संयम आत्मशुद्धि का मार्ग है
- तप आत्मकल्याण का साधन है
- जीवन का लक्ष्य आत्मोन्नति होना चाहिए
तप-आराधना की विशेष घोषणा
साध्वीश्री सुव्रत यशा श्रीजी म.सा. के सिद्धितप एवं
साध्वीश्री विराग यशा श्रीजी म.सा. के सिद्धाचल तप के पारणा (18 फरवरी) निमित्त:
31 आयम्बिल का संपूर्ण लाभ प्रेमचन्दजी गांग परिवार द्वारा लिया गया।
यह तप आराधना परमरस चातुर्मास नागदा की आध्यात्मिक ऊँचाई को दर्शाती है।
आयोजन संचालन और व्यवस्थाएँ
कार्यक्रम का कुशल संचालन सुनील वागरेचा ने किया एवं
आभार प्रदर्शन हर्षित नागदा द्वारा व्यक्त किया गया।
पूरे आयोजन में अनुशासन, भक्ति और संगठन की अद्भुत मिसाल देखने को मिली।
नागदा श्रीसंघ के लिए गौरव का ऐतिहासिक अवसर
परमरस चातुर्मास नागदा नागदा श्रीसंघ के लिए केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि:
आध्यात्मिक जागरण
सामाजिक एकता
संयम संस्कृति का पुनर्जागरण
नई पीढ़ी को धर्मसंस्कार
का प्रेरणादायी प्रसंग सिद्ध हुआ।
संवाददाता: जीवनलाल जैन
संपादक: ब्रजेश बोहरा
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