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Indore पार्श्वनाथ सखी-सहेली ग्रुप की 2026 की प्रथम सभा: ग्रामीण परिवेश में रंगी धार्मिक और सांस्कृतिक झलक

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Published On: 15 February 2026
Indore
— इन्दौर में पार्श्वनाथ सखी-सहेली ग्रुप की 2026 की प्रथम सभा ग्रामीण परिवेश में रंगी, सदस्यों ने पारंपरिक पोशाक और गतिविधियों के साथ धार्मिक और सांस्कृतिक उत्सव का आनंद लिया।

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Indore पार्श्वनाथ सखी-सहेली ग्रुप की 2026 की प्रथम सभा: ग्रामीण परिवेश में रंगी धार्मिक और सांस्कृतिक झलक

Indore। Indore शहर के पश्चिमी क्षेत्र की सभी जैन सम्प्रदाय की महिलाओं के उभरते हुए धार्मिक और सामाजिक संगठन पार्श्वनाथ सखी-सहेली ग्रुप ने वर्ष 2026 की पहली सभा का आयोजन भव्य और अनोखे ढंग से किया। इस सभा का आयोजन पाश कॉलोनी हाई लिंक सिटी के सेंट्रल गार्डन में किया गया, जिसमें लगभग 90 सदस्याओं ने हिस्सा लिया। सभा का नेतृत्व संस्था अध्यक्ष जैन अंतिम राठौर ने किया और आयोजन को पूर्णतया व्यवस्थित एवं आकर्षक रूप दिया गया।

सभा का उद्देश्य और थीम

इस वर्ष की प्रथम सभा की विशेष थीम “ग्रामीण परिवेश” रखी गई थी। सभी सदस्यों ने पारंपरिक ग्रामीण पोशाक पहनकर सज-धज कर सभा में भाग लिया। इसका उद्देश्य सदस्यों में सांस्कृतिक चेतना और पारंपरिक ग्रामीण जीवन की झलक प्रस्तुत करना था। सभा के दौरान महिलाओं ने विभिन्न ग्रामीण गतिविधियों का लाइव प्रदर्शन किया।

किसी ने मिट्टी के चूल्हे पर मक्का की रोटी बनाना दिखाया, किसी ने घट्टी पर पिसाई की, तो किसी ने सिलवट्टे पर चटनी पीसते हुए अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। इस प्रकार पूरे सेंट्रल गार्डन को संयोजकों ने सुंदर और स्वच्छ गांव का रूप देकर सजाया, जिससे वहां उपस्थित सभी सदस्यों को ग्रामीण जीवन का वास्तविक अनुभव प्राप्त हुआ।

प्रतियोगिता और पुरस्कार वितरण

सभा में विभिन्न गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली सदस्यों को पुरस्कार प्रदान किए गए। सबसे अच्छी वेशभूषा और प्रस्तुति के लिए प्रथम पुरस्कार नीता छाजेड़ और मानकुंअर छाजेड़ को प्रदान किया गया। द्वितीय पुरस्कार जया मेहता को दिया गया। पुरस्कार वितरण समारोह में पदाधिकारी और संयोजक उपस्थित रहे और विजेताओं को सम्मानित किया।

सभा में केवल ग्रामीण गतिविधियों की प्रस्तुति ही नहीं थी, बल्कि मनोरंजन के लिए तम्बोला का आयोजन भी किया गया। इस दौरान सदस्यों ने भरपूर मनोरंजन किया और ढेरों उपहार जीते। इससे सभा में उत्साह और सामूहिक आनंद का माहौल बना रहा।

भोजन और सांस्कृतिक अनुभव

सभा के अंत में सभी सदस्यों ने सूर्यास्त से पूर्व सुस्वादिष्ट अल्पाहार का आनंद लिया। इस अवसर पर श्रीखंड, केला समोसा और केला चिप्स जैसे व्यंजन परोसे गए। पारंपरिक ग्रामीण परिवेश और स्वादिष्ट भोजन ने सदस्याओं को इस सभा में शामिल होने का आनंद कई गुना बढ़ा दिया।

आयोजन का संयोजन और संचालन

सभा का सुव्यवस्थित आयोजन और संयोजन लीना जैन, आशा मोगरा, पूजा खिमेसरा, अंगुरबाला कटारिया और नीशा पोरवाल ने किया। इस दौरान सभी गतिविधियों और कार्यक्रम की निगरानी संयोजकों ने बारीकी से की। सभा का संचालन सचिव संगीता कर्नावट ने किया और आभार व्यक्त करने की जिम्मेदारी कोषाध्यक्ष अल्पना मोगरा ने निभाई।

सभा के सफल आयोजन और इसकी विस्तृत जानकारी साधना रांका और संगीता मोगरा ने साझा की। उनका कहना था कि इस प्रकार की सभाओं से न केवल महिलाओं के धार्मिक और सांस्कृतिक ज्ञान का विकास होता है, बल्कि सामाजिक बंधन और टीम भावना भी मजबूत होती है।

महिला सशक्तिकरण और सामाजिक सहभागिता

पार्श्वनाथ सखी-सहेली ग्रुप की सभाओं का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को धार्मिक, सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों से जोड़ना है। इस तरह की बैठकों से महिलाओं में नेतृत्व क्षमता, संगठनात्मक कौशल और पारंपरिक संस्कृति के प्रति जागरूकता बढ़ती है। सभा में सभी सदस्याओं ने सक्रिय भागीदारी दिखाई, जिससे संगठन की सामूहिक ऊर्जा और भी दृढ़ हुई।

सदस्यों ने इस अवसर का उपयोग पारंपरिक ज्ञान साझा करने, ग्रामीण कला और संस्कृति को समझने और आपसी संवाद स्थापित करने में किया। ग्रामीण परिवेश में सज-धज कर आने की थीम ने सभी को अपने पारंपरिक मूल्यों से जोड़ते हुए आत्मसंतोष और उत्साह का अनुभव कराया।

सहभागिता और सामाजिक संदेश

सभा में लगभग 90 सदस्याओं की उपस्थिति ने यह प्रमाणित किया कि संगठन की गतिविधियाँ स्थानीय महिलाओं में आकर्षण और उत्साह पैदा कर रही हैं। सभी ने न केवल ग्रामीण संस्कृति का आनंद लिया, बल्कि सामाजिक सहभागिता और टीम भावना को भी मजबूत किया।

इस प्रकार की सभाओं से महिला सदस्य धार्मिक और सामाजिक दृष्टि से सशक्त बनती हैं। इसके अलावा, संगठन के माध्यम से वे समाज में सकारात्मक संदेश फैलाती हैं और युवाओं में सांस्कृतिक चेतना बढ़ाती हैं।

निष्कर्ष

Indore पार्श्वनाथ सखी-सहेली ग्रुप की 2026 की प्रथम सभा ने ग्रामीण परिवेश को जीवंत करते हुए महिलाओं के धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक जुड़ाव को प्रदर्शित किया। प्रतियोगिता, पुरस्कार वितरण, तम्बोला और स्वादिष्ट अल्पाहार ने इसे यादगार बना दिया।

सभा ने सदस्याओं को पारंपरिक ग्रामीण जीवन का अनुभव प्रदान किया, उनकी रचनात्मकता को उभारा और सामाजिक बंधन मजबूत किए। इस प्रकार के आयोजन न केवल संगठन को सुदृढ़ बनाते हैं, बल्कि पूरे समाज में सांस्कृतिक चेतना और महिलाओं की भागीदारी को प्रोत्साहित करते हैं।

 

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