ऐतिहासिक प्रथम आगमन के साथ निकलेगा ‘परमरस रथ’, Nagda बनेगा धर्ममय
नागदा, 15 फरवरी 2026। Nagda नगर इस रविवार धर्म, भक्ति और उल्लास से रंग जाएगा, क्योंकि परमरस मुनिभगवंतों का नगर में प्रथम मंगल प्रवेश होने जा रहा है। यह ऐतिहासिक अवसर श्री श्वेतांबर मूर्तिपूजक जैन श्रीसंघ, Nagda जंक्शन के तत्वावधान में आयोजित किया जा रहा है।
युगप्रभावक, पुण्यसम्राट गुरुदेव श्रीमद् विजय विजय जयन्तसेन सूरीश्वरजी महाराजा के शिष्य परमरस मुनि द्विशतावधानी मुनिराज श्री प्रत्यक्षरत्न विजयजी म.सा. और मुनिराज श्री पवित्ररत्न विजयजी म.सा. का नगर आगमन चातुर्मास पूर्ण होने के पश्चात होने जा रहा है। यह आगमन नगरवासियों के लिए एक धार्मिक और ऐतिहासिक घटना के रूप में यादगार रहेगा।
परमरस रथ – पहली बार नगर प्रवेश शोभायात्रा में शामिल
विशेष उल्लेखनीय है कि वर्ष 2025 के परमरस चातुर्मास में गुरुदेव की प्रेरणा से गुरू द्रव्य द्वारा निर्मित परमरस रथ इस अवसर पर Nagda जंक्शन को विधिवत् सुपुर्द किया जाएगा। यह रथ नगर प्रवेश शोभायात्रा (सामैया) में शामिल होकर श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बनेगा।
रथ का आगमन नगर में भक्ति और उल्लास का वातावरण बनाएगा। श्रद्धालु इस ऐतिहासिक अवसर पर गुरुदेव भगवंतों के दर्शन-वंदन कर धर्मलाभ प्राप्त कर सकेंगे। यह रथ न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि नगर में संस्कृति और परंपरा के संवाहक के रूप में भी अपनी भूमिका निभाएगा।
मंगल प्रवेश की विस्तृत रूपरेखा
प्रातः 8:00 बजे श्री शांतिनाथ जिनालय परिसर में नवकारसी आयोजन होगा, जिसका लाभ अखिल भारतीय श्री राजेन्द्र जैन नवयुवक परिषद, Nagda द्वारा लिया जाएगा। यह आयोजन श्रद्धालुओं के लिए आध्यात्मिक लाभ और पुण्य प्राप्ति का अवसर प्रदान करेगा।
प्रातः 8:45 बजे जैन कालोनी से भव्य मंगल प्रवेश शोभायात्रा प्रारंभ होगी। रथ और मुनिभगवंत जवाहर मार्ग, स्टेशन चौराहा, महात्मा गांधी मार्ग, आजाद चौक होते हुए पार्श्व प्रधान पाठशाला भवन पहुँचेंगे। इस दौरान नगरवासियों और श्रद्धालुओं को धार्मिक प्रवचन और मार्गदर्शन का अवसर मिलेगा।
मुनिभगवंत कुछ दिन नगर में विराजमान रहेंगे और श्रद्धालुओं को धार्मिक शिक्षा, आचार और जीवन दर्शन का मार्गदर्शन देंगे।

Nagda नगर में भक्ति और उल्लास का माहौल
नगर में इस पावन अवसर पर श्रद्धा, भक्ति और उल्लास का वातावरण व्याप्त है। श्री श्वेतांबर मूर्तिपूजक जैन श्रीसंघ अध्यक्ष मनिष ओरा, सचिव हर्षित नागदा, नवयुवक परिषद शाखा अध्यक्ष दिलीप गांधी और सचिव पंकज कुंवर सहित सभी पदाधिकारी श्रावक-श्राविकाओं से अनुरोध कर रहे हैं कि वे सपरिवार अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर गुरुदेव भगवंतों के दर्शन और वंदन करें।
संघ और परिषद परिवार ने सभी विहार सेवकों की अनुमोदना भी प्रदान की है। नगर के श्रद्धालु और स्थानीय निवासी इस ऐतिहासिक धार्मिक अवसर में भाग लेकर अपने जीवन में पुण्य लाभ प्राप्त कर सकेंगे।
श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण
- परमरस रथ का प्रथम नगर प्रवेश – यह रथ नगर प्रवेश शोभायात्रा में शामिल होकर श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र बनेगा।
- धर्मसभा और प्रवचन – नगर आगमन के पश्चात मुनिभगवंतों द्वारा प्रवचन और धर्मसभा का आयोजन।
- नवकारसी आयोजन – श्री शांतिनाथ जिनालय परिसर में प्रातः 8 बजे विशेष आयोजन।
- शोभायात्रा मार्ग – जैन कालोनी → जवाहर मार्ग → स्टेशन चौराहा → महात्मा गांधी मार्ग → आजाद चौक → पार्श्व प्रधान पाठशाला भवन।
श्रद्धालुओं के लिए यह अवसर आध्यात्मिक अनुभव और धार्मिक लाभ का अवसर साबित होगा।
नगरवासियों के लिए संदेश
संपूर्ण नागदा नगरवासियों और श्रद्धालुओं से विनम्र अनुरोध है कि वे इस ऐतिहासिक और पुण्यपूर्ण अवसर पर उपस्थित हों। यह अवसर नगरवासियों को जैन धर्म की शिक्षाओं, संस्कृति और भक्ति का अनुभव कराएगा।
नगर में इस अवसर पर धार्मिक जागरूकता, भक्ति, श्रद्धा और उल्लास का वातावरण बना रहेगा। श्रद्धालु इस शोभायात्रा और रथ के दर्शन कर अपने जीवन में आध्यात्मिक ऊर्जा और धार्मिक लाभ प्राप्त कर सकेंगे।
आयोजकों और श्रावकों का योगदान
श्री श्वेतांबर मूर्तिपूजक जैन श्रीसंघ, नागदा जंक्शन और अखिल भारतीय श्री राजेन्द्र जैन नवयुवक परिषद, नागदा द्वारा भव्य मंगल प्रवेश और आगवानी की तैयारी की गई है। सभी पदाधिकारी और स्थानीय वृहद परिवार इस अवसर पर उपस्थित होकर धर्मलाभ और भक्ति में सहभागी बनेंगे।
संपूर्ण नगर में श्रद्धालुओं की उपस्थिति और सहभागिता इस कार्यक्रम को विशेष बनाएगी। यह आयोजन नगर के धार्मिक और सांस्कृतिक जीवन में यादगार घटना के रूप में दर्ज होगा।
निष्कर्ष
Nagda में परमरस मुनिभगवंतों का प्रथम मंगल प्रवेश और रथ का आगमन नगरवासियों के लिए धार्मिक, सांस्कृतिक और भक्ति का प्रतीक बन गया है। यह अवसर न केवल श्रद्धालुओं के लिए पुण्य लाभ का स्रोत है, बल्कि नगर में धर्म, संस्कृति और परंपरा को जीवित रखने का माध्यम भी है।
श्रद्धालु, संघ और परिषद सभी मिलकर इस ऐतिहासिक और मंगलमय अवसर को भव्य बनाने की पूरी तैयारी कर रहे हैं। यह नगरवासियों और श्रद्धालुओं के लिए धार्मिक आनंद, भक्ति और उल्लास का अवसर साबित होगा।
