राजस्थान बजट 2026 जालोर को लेकर कांग्रेस ओबीसी जिलाध्यक्ष सी एल गहलोत ने बजट को निराशाजनक और जिले के साथ सौतेला व्यवहार बताया, जवाई बाँध और विकास मुद्दों पर सवाल।
राजस्थान बजट 2026 जालोर जिले के लिए निराशाजनक साबित हुआ है। कांग्रेस ओबीसी विभाग जालोर के जिलाध्यक्ष सी एल गहलोत ने इस बजट को जिले के साथ “सौतेला व्यवहार” बताते हुए सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि बजट में जालोर की मूलभूत समस्याओं—विशेषकर पानी, जवाई बाँध और विकास—पर कोई ठोस घोषणा नहीं की गई।
राजस्थान बजट 2026 जालोर पर सी एल गहलोत का बयान
कांग्रेस ओबीसी विभाग जालोर के जिलाध्यक्ष सी एल गहलोत ने कहा कि राजस्थान बजट 2026 जालोर की जनता के लिए निराशाजनक है। उन्होंने आरोप लगाया कि जिले की उपेक्षा लगातार दो वर्षों से हो रही है।
गहलोत ने कहा कि बजट में केवल पुरानी घोषणाओं का दोहराव है, जबकि जालोर को नई सौगात की उम्मीद थी। उन्होंने सरकार से पूछा कि आखिर जिले की प्राथमिक समस्याओं को क्यों नजरअंदाज किया गया?
राजस्थान बजट 2026 जालोर और जवाई बाँध का मुद्दा
राजस्थान बजट 2026 जालोर के संदर्भ में सबसे बड़ा मुद्दा जवाई बाँध के पानी का रहा। सी एल गहलोत ने कहा कि जवाई बाँध के पानी के हक और जल परियोजनाओं पर सरकार की चुप्पी चिंताजनक है।
जालोर क्षेत्र लंबे समय से पेयजल और सिंचाई जल संकट झेल रहा है। ऐसे में बजट से बड़ी घोषणा की उम्मीद थी, लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ।
विकास, रोजगार और कृषि पर सन्नाटा
सी एल गहलोत ने कहा कि राजस्थान बजट 2026 जालोर के विकास पर पूरी तरह सन्नाटा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि—
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जिले में बुनियादी ढांचे को लेकर कोई बड़ी योजना नहीं
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युवाओं के लिए रोजगार सृजन की नई घोषणा नहीं
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किसानों के लिए विशेष राहत पैकेज का अभाव
गहलोत के अनुसार, यह बजट जिले के भविष्य के लिए चिंताजनक संकेत देता है।
भाजपा सरकार पर सौतेले व्यवहार का आरोप
सी एल गहलोत ने कहा कि भाजपा सरकार पिछले दो वर्षों से जालोर के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है।
उन्होंने आरोप लगाया कि—
“राजस्थान बजट 2026 जालोर की जनता की उम्मीदों पर खरा नहीं उतरा। यह केवल घोषणाओं का दोहराव है।”
गहलोत ने कहा कि यदि जालोर को उचित बजट आवंटन नहीं मिला तो कांग्रेस इस मुद्दे को जनआंदोलन का रूप देगी।
राजस्थान बजट 2026 जालोर: क्या है आगे की राह?
राजस्थान बजट 2026 जालोर को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। कांग्रेस ओबीसी विभाग के जिलाध्यक्ष सी एल गहलोत का बयान आने के बाद स्थानीय राजनीति में हलचल है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि पानी, रोजगार और कृषि जैसे मुद्दों पर शीघ्र ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो इसका असर आगामी चुनावों पर पड़ सकता है।
निष्कर्ष
कुल मिलाकर राजस्थान बजट 2026 जालोर जिले के लिए अपेक्षाओं पर खरा नहीं उतर सका—कम से कम कांग्रेस ओबीसी विभाग के जिलाध्यक्ष सी एल गहलोत का यही मानना है।
जवाई बाँध, जल परियोजनाएँ, रोजगार, कृषि और बुनियादी ढांचे जैसे मुद्दों पर स्पष्ट घोषणा नहीं होना जनता के लिए चिंता का विषय है।
अब देखना होगा कि सरकार इस आलोचना का क्या जवाब देती है और जालोर जिले को विकास की नई दिशा मिलती है या नहीं।
