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MP विधानसभा बजट सत्र 2026: सुरक्षा के कड़े इंतजाम, सालाना पार्किंग पास अनिवार्य, अंगरक्षकों का प्रवेश वर्जित

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Published On: 13 February 2026
MP Budget Session 2026: Tight Security, Annual Parking Pass Mandatory, Guards Denied Entry
— MP Budget Session 2026: Tight Security, Annual Parking Pass Mandatory, Guards Denied Entry

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MP विधानसभा बजट सत्र 2026: सुरक्षा कड़ी, व्यवस्थाओं में बदलाव

MP विधानसभा का बजट सत्र 2026 इस बार सुरक्षा और प्रशासनिक दृष्टि से अभूतपूर्व रूप से कड़ा रखा गया है। पिछले वर्षों की तुलना में इस बार सचिवालय ने सत्र के संचालन, पार्किंग, प्रवेश और दर्शक व्यवस्था को लेकर कई नए नियम लागू किए हैं। इन बदलावों का उद्देश्य सदन के अंदर और बाहर सभी गतिविधियों को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और प्रभावी बनाना है।

सालाना पार्किंग पास अनिवार्य

इस बार सुरक्षा कारणों से विधायकों और मंत्रियों के वाहनों के लिए सालाना पार्किंग पास को अनिवार्य कर दिया गया है। अब हर सत्र के लिए अलग से पास बनवाने की आवश्यकता नहीं होगी, बल्कि यह पास पूरे वर्ष के लिए वैध रहेगा।

विधानसभा के प्रमुख सचिव अरविंद शर्मा ने बताया कि इस कदम का उद्देश्य न केवल प्रक्रिया को सरल बनाना है, बल्कि वाहनों की पहचान और निगरानी को अधिक प्रभावी बनाना है। पुराने समय में सत्रों के दौरान पारंपरिक पास सिस्टम में कई बार व्यवधान और अराजकता देखने को मिलती थी। नए पास सिस्टम से यह सुनिश्चित होगा कि कोई भी वाहन अनधिकृत रूप से परिसर में प्रवेश न कर सके।

सुरक्षा एजेंसियों ने इस बदलाव की अनुशंसा की है ताकि किसी भी तरह की असामान्य गतिविधियों पर समय रहते नजर रखी जा सके। पार्किंग व्यवस्था में वाहन प्रवेश और मूवमेंट पर सख्त नियंत्रण रखा गया है, जिससे परिसर के अंदर वाहनों का नियंत्रण और सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।

अंगरक्षकों का प्रवेश वर्जित

इस बार मंत्रियों और विधायकों के अंगरक्षकों को विधानसभा भवन के भीतर प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। उनका प्रवेश केवल पार्किंग स्थल स्थित द्वार क्रमांक तीन तक सीमित रहेगा। भवन और सदन की लॉबी में अंगरक्षकों का प्रवेश पूरी तरह से वर्जित रहेगा।

इस निर्णय के पीछे सुरक्षा एजेंसियों की सख्त सलाह है। किसी भी तरह के सुरक्षा खतरे को देखते हुए यह कदम उठाया गया है। केवल एक निज सहायक और एक वाहन चालक को ही वैध प्रवेश पत्र के माध्यम से भवन के भीतर प्रवेश की अनुमति दी जाएगी।

सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त करने के लिए किसी भी गैर-अधिकृत व्यक्ति को परिसर या लॉबी में प्रवेश नहीं दिया जाएगा, चाहे वह किसी विधायक या मंत्री के वाहन में बैठा हो। इस कदम का उद्देश्य सुरक्षा मानकों को उच्चतम स्तर तक पहुंचाना और किसी भी अप्रत्याशित घटना को रोकना है।

दर्शक दीर्घा में सीमित प्रवेश

इस बार दर्शक दीर्घा में भी प्रवेश को लेकर कड़े नियम लागू किए गए हैं। विधायकों की अनुशंसा पर ही सीमित संख्या में दर्शकों को प्रवेश मिलेगा। प्रत्येक व्यक्ति को अधिकतम एक घंटे के लिए प्रवेश की अनुमति होगी।

प्रत्येक दर्शक को एक अधिकृत प्रवेश पत्र प्रदान किया जाएगा, जिसे विधानसभा परिसर में दिखाना अनिवार्य होगा। यह कदम विशेष रूप से इसलिए उठाया गया है ताकि भीड़ नियंत्रण किया जा सके और सुरक्षा के स्तर को बनाए रखा जा सके।

सत्र के दौरान दर्शकों के समय स्लॉट को व्यवस्थित किया गया है। विधायक अपने समय अनुसार विभिन्न स्लॉट निर्धारित कर सकते हैं, ताकि दर्शकों की भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा दोनों सुनिश्चित हो सके।

एसी बस सुविधा

विधायकों की सुविधा के लिए सत्र के दौरान वातानुकूलित बसों की भी व्यवस्था की गई है। सत्र 16 फरवरी से 6 मार्च तक चलेगा। इस दौरान विधायक विश्राम गृह से विधानसभा भवन आने-जाने के लिए दो एसी मिनी बसों का संचालन किया जाएगा।

बसें सुबह सवा दस बजे और पौने ग्यारह बजे उपलब्ध रहेंगी। इसके अलावा दोपहर ढाई बजे और पौने तीन बजे भी बसें उपलब्ध रहेंगी। सत्र के मध्यांतर और सभा समाप्ति के समय भी बसें लगातार चलेंगी।

सहायकों के लिए भी व्यवस्थाएं की गई हैं। द्वार क्रमांक एक और तीन के पास शेड में प्रतीक्षा व्यवस्था की गई है। किसी भी असुविधा की स्थिति में प्रशासकीय अधिकारी हरीश श्रीवास्तव को जिम्मेदारी दी गई है।

सुरक्षा व्यवस्था का महत्व

इस बार विधानसभा परिसर को लगभग किले जैसी सुरक्षा व्यवस्था में परिवर्तित किया गया है। इसके तहत कैमरा मॉनिटरिंग, प्रवेश नियंत्रण, वाहनों की निगरानी, और सख्त पहचान प्रक्रिया शामिल हैं।

सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, यह कदम न केवल विधायकों और मंत्रियों की सुरक्षा के लिए जरूरी है, बल्कि परिसर में मौजूद कर्मचारियों और उपस्थित दर्शकों की सुरक्षा के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण है।

वर्षों के अनुभव और पिछले सत्रों में हुई घटनाओं को देखते हुए यह कदम उठाया गया है। इससे यह सुनिश्चित होगा कि बजट सत्र शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हो।

निष्कर्ष

MP  विधानसभा का बजट सत्र 2026 प्रशासनिक और सुरक्षा दृष्टि से अब तक का सबसे व्यवस्थित सत्र माना जा रहा है। सालाना पार्किंग पास, अंगरक्षकों के प्रवेश पर प्रतिबंध, दर्शक दीर्घा में सीमित प्रवेश और विधायक बस सेवा जैसी व्यवस्थाओं से यह सुनिश्चित होगा कि सत्र न केवल प्रभावी बल्कि सुरक्षित भी हो।

सत्र के दौरान सभी नियमों और दिशानिर्देशों का पालन करना अनिवार्य होगा। सुरक्षा और अनुशासन के उच्चतम मानकों को बनाए रखते हुए यह सत्र मध्यप्रदेश की लोकतांत्रिक प्रक्रिया का एक आदर्श उदाहरण साबित होगा।

इस व्यापक सुरक्षा और प्रशासनिक व्यवस्था के साथ बजट सत्र 2026 न केवल विधायकों के लिए सुविधाजनक और सुरक्षित रहेगा, बल्कि जनता और दर्शकों के लिए भी इसकी पारदर्शिता और नियंत्रण व्यवस्था सुनिश्चित होगी।

 

कुमकुम सोनी स्वराज वाणी न्यूज मे कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है। इन्होंने स्नातक पत्रकारिता एवं जनसंचार से की है। यह विशेषतः राजनीति एवं भू-राजनीति से जुड़े मुद्दों का गहन विशलेषण कर सरल भाषा में आम जनता के समक्ष प्रस्तुत करने का प्रयास करती है।… Read More

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