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एमपी समाचार: IAS संतोष वर्मा की बर्खास्तगी लंबित, सरकार को केंद्र के जवाब का इंतजार

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Published On: 12 February 2026
IAS Santosh Verma Controversy: Center Yet to Decide on Dismissal Proposal
— IAS Santosh Verma Controversy: Center Yet to Decide on Dismissal Proposal

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MP News: IAS संतोष वर्मा के खिलाफ कार्रवाई पर सरकार को केंद्र के जवाब का इंतजार

मध्य प्रदेश में IAS अधिकारी संतोष वर्मा के खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया लंबित है और राज्य सरकार दो महीने से केंद्र सरकार के जवाब का इंतजार कर रही है। यह मामला तब सुर्खियों में आया जब संतोष वर्मा ने ब्राह्मण बेटियों और अनुसूचित जाति-जनजाति के न्यायिक पदों को लेकर विवादित बयान दिया। इसके बाद राज्य सरकार ने उनके खिलाफ बर्खास्तगी प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा, लेकिन सामान्य प्रशासन विभाग (जीएडी) अब तक कोई उत्तर प्राप्त नहीं कर पाया है।

विवादास्पद बयान और सामाजिक प्रतिक्रिया

संतोष वर्मा ने 23 नवंबर 2025 को भोपाल में आयोजित अजाक्स के प्रांतीय अधिवेशन में विवादित बयान दिया था। उन्होंने कहा कि “जब तक मेरे बेटे को कोई ब्राह्मण अपनी बेटी नहीं देता या उससे संबंध नहीं बनता, तब तक आरक्षण जारी रहना चाहिए।” इस बयान ने विभिन्न सामाजिक और कर्मचारी संगठनों के विरोध को जन्म दिया। साथ ही, न्यायिक पदों में अनुसूचित जाति-जनजाति के लोगों को शामिल न करने के आरोप ने विवाद को और बढ़ा दिया।

विरोध बढ़ने पर मध्य प्रदेश सरकार ने उन्हें उप सचिव, कृषि विभाग के पद से हटाकर सामान्य प्रशासन विभाग (पूल) में पदस्थ कर दिया। इसके बाद भी उन्हें कोई कार्यभार नहीं सौंपा गया और वे दो महीने से बिना जिम्मेदारी के जीएडी में तैनात हैं।

बर्खास्तगी का प्रस्ताव और केंद्र की प्रतिक्रिया

MP सरकार ने 12 दिसंबर, 2025 को कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) को प्रस्ताव भेजा कि संतोष वर्मा को सेवा से बर्खास्त किया जाए। प्रस्ताव में कहा गया कि 23 नवंबर को दिए गए उनके विवादित बयान के कारण प्रदेश में सामाजिक तनाव उत्पन्न हुआ और विभिन्न संगठन एवं जनप्रतिनिधियों ने सरकार को ज्ञापन सौंपकर उनके आचरण को अखिल भारतीय सेवा आचरण नियमों के खिलाफ बताया।

वहीं, DoPT और केंद्र सरकार इस प्रस्ताव पर दो महीने से कोई निर्णय नहीं ले पाई हैं। इसी कारण जीएडी विभाग को संतोष वर्मा को किसी विभाग में कार्यभार सौंपने में समस्या आ रही है।

वर्मा की पृष्ठभूमि और पदोन्नति

संतोष वर्मा मूलतः राज्य प्रशासनिक सेवा (वर्ष 1996) के अधिकारी हैं। 2019 में उन्हें आईएएस में पदोन्नति के लिए चयनित किया गया, लेकिन उस समय उनके खिलाफ एक पुराना आपराधिक मामला लंबित था। बावजूद इसके चयन समिति ने उनका नाम अनंतिम रूप से शामिल किया।

वर्मा को 6 अक्टूबर, 2020 को एक न्यायालयीन आदेश के आधार पर दोषमुक्त बताया गया और 16 अक्टूबर, 2020 को उनकी आईएएस संवीक्षा प्रमाणित की गई। इसके बाद 6 नवंबर, 2020 को DoPT ने उन्हें आईएएस अवार्ड जारी किया।

हालांकि, बाद में पुलिस जांच में यह सामने आया कि 6 अक्टूबर, 2020 का न्यायालयीन आदेश असल में पारित नहीं हुआ था। इसे फर्जी पाए जाने पर उनके खिलाफ अपराध क्रमांक 155/2021 दर्ज किया गया। उन्हें 10 जुलाई, 2021 को गिरफ्तार किया गया और कई न्यायालयीन प्रक्रियाओं के बाद 27 जनवरी, 2022 को सर्वोच्च न्यायालय से जमानत मिली।

विभागीय जांच और शोकॉज नोटिस

संतोष वर्मा के खिलाफ विभागीय जांच भी जारी है। उनके आचरण और विवादित बयानों के आधार पर राज्य सरकार ने 26 नवंबर, 2025 को शोकॉज नोटिस जारी किया। उन्हें नोटिस का जवाब देने के लिए 7 दिन का समय दिया गया, लेकिन उनके जवाब से असंतोष और विरोध लगातार बढ़ता गया।

विभागीय जांच में पाया गया कि वर्मा का आचरण अखिल भारतीय सेवा आचरण नियमों के खिलाफ है और उनके कारण सामाजिक तनाव फैलने की संभावना है।

राज्य सरकार और केंद्र के बीच इंतजार

राज्य सरकार बर्खास्तगी प्रस्ताव के बाद केंद्रीय सरकार के जवाब की प्रतीक्षा कर रही है। जीएडी के अधिकारी बताते हैं कि किसी भी विभाग ने उन्हें कार्यभार सौंपने में असमर्थता जताई है। इसलिए वे दो महीने से जीएडी में पदस्थ हैं।

वर्तमान स्थिति में IAS संतोष वर्मा न केवल विवादित बयानों के कारण आलोचना का सामना कर रहे हैं, बल्कि विभागीय जांच और न्यायालयीन मामलों के चलते उनकी सेवा की भविष्यवाणी भी अनिश्चित बनी हुई है।

निष्कर्ष

संतोष वर्मा का मामला मध्य प्रदेश प्रशासन में IAS अधिकारियों के आचरण और सामाजिक जिम्मेदारी को लेकर गंभीर सवाल खड़ा करता है। विवादित बयान, पुरानी आपराधिक शिकायत और विभागीय कार्रवाई की लंबित प्रक्रिया ने राज्य और केंद्र के बीच प्रशासनिक जटिलताओं को उजागर किया है।

राजनीतिक और सामाजिक दबाव के बीच राज्य सरकार द्वारा बर्खास्तगी का प्रस्ताव भेजा गया है, लेकिन केंद्र सरकार के निर्णय का इंतजार अब तक जारी है। यह मामला केवल संतोष वर्मा की सेवा के लिए ही नहीं, बल्कि आईएएस अधिकारियों के आचरण और जिम्मेदारी के लिए एक परीक्षा भी साबित हो रहा है।

 

कुमकुम सोनी स्वराज वाणी न्यूज मे कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है। इन्होंने स्नातक पत्रकारिता एवं जनसंचार से की है। यह विशेषतः राजनीति एवं भू-राजनीति से जुड़े मुद्दों का गहन विशलेषण कर सरल भाषा में आम जनता के समक्ष प्रस्तुत करने का प्रयास करती है।… Read More

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