Indore दुग्ध संघ में नव निर्मित दुग्ध चूर्ण संयंत्र का औपचारिक भ्रमण
दिनांक: 10 फरवरी 2026
स्थान: Indore सहकारी दुग्ध संघ
Indore सहकारी दुग्ध संघ ने नव निर्मित दुग्ध चूर्ण संयंत्र का उद्घाटन एवं प्रतिनिधिमंडल भ्रमण आयोजित किया। इस अवसर पर मैसूर दुग्ध संघ के वरिष्ठ अधिकारी एवं प्रबंध मंडल सदस्य उपस्थित हुए। Indore दुग्ध संघ ने इस कार्यक्रम के माध्यम से दोनों दुग्ध संघों के बीच अनुभव साझा करने, तकनीकी जानकारी आदान-प्रदान करने और उत्पादन प्रक्रियाओं में नवाचार को बढ़ावा देने का अवसर बनाया।
मैसूर दुग्ध संघ का प्रतिनिधिमंडल
भ्रमण के लिए मैसूर दुग्ध संघ की ओर से प्रबंध संचालक श्री सुरेश नायक, अध्यक्ष श्री के. ईरेगौड़ा, और संचालक मंडल के अन्य सदस्य उपस्थित रहे। इसके अलावा मैसूर दुग्ध संघ की लगभग सभी शाखाओं के प्रमुख भी इस दौरे में शामिल थे। प्रतिनिधिमंडल का उद्देश्य इंदौर दुग्ध संघ के कार्यप्रणाली, संचालन मॉडल और दुग्ध चूर्ण उत्पादन तकनीकों का अध्ययन करना था।
मैसूर दुग्ध संघ का यह दौरा संगठनात्मक अनुभव साझा करने और संचालन में सुधार की संभावनाओं को समझने का एक महत्वपूर्ण अवसर था। प्रतिनिधिमंडल ने उत्पादन प्रक्रियाओं, विपणन रणनीतियों और दुग्ध प्रदायक सदस्यों के कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी लेने के साथ-साथ उन्हें लागू करने के दृष्टिकोण पर भी चर्चा की।
Indore दुग्ध संघ का स्वागत
Indore दुग्ध संघ की ओर से मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री बलबीर शर्मा, उपमहाप्रबंधक (विपणन) श्री सुभाष चन्द्र मिश्रा और प्रभारी महाप्रबंधक (क्षेत्र संचालन) श्रीमती लीना पन्द्रो ने मैसूर दुग्ध संघ के प्रतिनिधिमंडल का गर्मजोशी से स्वागत किया।
मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने अतिथियों को इंदौर दुग्ध संघ के विभिन्न विभागों की गतिविधियों, दुग्ध प्रदायक सदस्यों के लिए लागू कल्याणकारी योजनाओं और संघ के संचालन के तरीकों से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि संघ द्वारा लागू की जा रही योजनाओं में किसानों के लिए उचित मूल्य सुनिश्चित करना, दूध की गुणवत्ता नियंत्रण प्रणाली लागू करना और विपणन नेटवर्क को मजबूत बनाना शामिल है।
दुग्ध संघ की कार्यप्रणाली और कल्याणकारी योजनाएँ
Indore दुग्ध संघ के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री बलबीर शर्मा ने बताया कि संघ का मुख्य उद्देश्य दुग्ध उत्पादक सदस्यों को लाभान्वित करना और बाजार में गुणवत्ता सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि संघ की कार्यप्रणाली में तीन मुख्य स्तंभ हैं:
- दुग्ध संग्रह और संकलन प्रणाली – विभिन्न ग्राम समितियों से ताजा दूध का संग्रह करना और उसे तुरंत संयंत्र तक पहुँचाना।
- दुग्ध प्रसंस्करण और गुणवत्ता नियंत्रण – दूध को विभिन्न उत्पादों में परिवर्तित करना, जिसमें दुग्ध चूर्ण, पाउडर, घी और अन्य डेयरी उत्पाद शामिल हैं।
- सदस्यों के कल्याण और वित्तीय योजना – किसानों के लिए मूल्य सुनिश्चित करना, बीमा योजना, और प्रशिक्षण कार्यक्रम।
इस अवसर पर दोनों दुग्ध संघों ने इन योजनाओं और कार्यप्रणाली के अनुभवों का आदान-प्रदान किया। प्रतिनिधिमंडल ने यह समझने का प्रयास किया कि किस प्रकार तकनीकी नवाचार और संगठनात्मक दृष्टिकोण से सदस्य किसानों की आय और उत्पादन गुणवत्ता दोनों में सुधार किया जा सकता है।
नव निर्मित दुग्ध चूर्ण संयंत्र का भ्रमण
भ्रमण का मुख्य आकर्षण था 30 MTPD क्षमता वाला दुग्ध चूर्ण संयंत्र। प्रतिनिधिमंडल को संयंत्र के प्रभारी महाप्रबंधक (संयंत्र संचालन) श्री संदीप शरणागत एवं उनकी टीम ने संचालन प्रक्रिया, मशीनरी और उत्पादन प्रक्रिया के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
भ्रमण के दौरान निम्नलिखित बिंदुओं पर विशेष ध्यान दिया गया:
- दुग्ध चूर्ण उत्पादन तकनीक: दूध को सुखाने की आधुनिक प्रक्रिया जिससे गुणवत्ता और पोषण बनाए रखा जाता है।
- गुणवत्ता नियंत्रण: प्रत्येक बैच की जांच और परीक्षण, ताकि अंतिम उत्पाद में शुद्धता सुनिश्चित हो।
- सुरक्षा एवं स्वच्छता: संयंत्र संचालन में सुरक्षा मानकों और स्वच्छता नियमों का पालन।
- उत्पादन क्षमता प्रबंधन: 30 MTPD क्षमता का पूर्ण उपयोग और उत्पादन में स्थिरता बनाए रखना।
प्रतिनिधिमंडल ने संयंत्र की सभी तकनीकी सुविधाओं का अवलोकन किया और संचालन में सुधार के सुझाव दिए।
अनुभव और ज्ञान का आदान-प्रदान
भ्रमण के दौरान दोनों दुग्ध संघों के अधिकारी एक-दूसरे के अनुभव और संचालन विधियों पर चर्चा करने के लिए विशेष सत्र आयोजित किया। इसमें दुग्ध संकलन, विपणन नेटवर्क, मूल्य निर्धारण और सदस्य कल्याणकारी योजनाओं पर गहन विचार-विमर्श हुआ।
अतिथि मंडल ने इंदौर दुग्ध संघ की नवाचार आधारित दृष्टिकोण की सराहना की और अपने संघ में लागू करने योग्य सुझाव प्राप्त किए। वहीं इंदौर दुग्ध संघ ने मैसूर दुग्ध संघ की उत्कृष्ट प्रथाओं और अनुभवों से लाभ उठाने के अवसर तलाशे।
सहयोग और भविष्य की योजना
इस भ्रमण का मुख्य उद्देश्य दुग्ध उद्योग में साझा विकास, नवाचार और सहयोग को बढ़ावा देना था। दोनों दुग्ध संघों ने इस अवसर को यह सुनिश्चित करने के लिए उपयोग किया कि भविष्य में उत्पादन और विपणन में सुधार के लिए तकनीकी और संगठनात्मक सहयोग किया जा सके।
मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने इस बात पर जोर दिया कि दुग्ध संघों के बीच सहयोग से सदस्य किसानों की आय बढ़ेगी, उत्पादन गुणवत्ता में सुधार होगा और पूरे प्रदेश में दुग्ध उद्योग की प्रतिस्पर्धात्मकता मजबूत होगी।
निष्कर्ष
10 फरवरी 2026 को आयोजित यह भ्रमण Indore दुग्ध संघ और मैसूर दुग्ध संघ के बीच अनुभव साझा करने और नवाचार बढ़ाने का एक महत्वपूर्ण कदम था। नव निर्मित 30 MTPD क्षमता वाले दुग्ध चूर्ण संयंत्र के उद्घाटन और संचालन का अवलोकन दोनों संघों के लिए ज्ञानवर्धक रहा।
भविष्य में ऐसे अनुभव आदान-प्रदान और तकनीकी सहयोग से दुग्ध उद्योग में स्थिरता, गुणवत्ता और किसानों के कल्याण को बढ़ावा मिलेगा। यह कार्यक्रम यह दर्शाता है कि सहकारी संघों का उद्देश्य केवल लाभ कमाना नहीं, बल्कि किसानों और समाज के हित में विकास करना भी है।
