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MP में अधोसंरचना विकास का नया युग: “लोक निर्माण से लोक कल्याण तक”

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Published On: 12 February 2026
CM Dr. Mohan Yadav Launches Capacity-Building Workshop at MPBDC
— Madhya Pradesh Enters a New Era of Infrastructure Development:

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“लोक निर्माण से लोक कल्याण तक”: MP में अधोसंरचना विकास के नए युग का शुभारंभ

MP आज अधोसंरचना विकास के नए युग में प्रवेश कर रहा है, और इस दिशा में प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की दूरदर्शी पहल ने एक नई राह प्रशस्त की है। “लोक निर्माण से लोक कल्याण तक” की भावना को साकार करते हुए मुख्यमंत्री ने हाल ही में क्षमता संवर्धन कार्यशाला सह प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया। यह कार्यक्रम केवल निर्माण कार्यों की गति बढ़ाने का प्रयास नहीं है, बल्कि यह प्रशासनिक और तकनीकी दक्षता को नए स्तर पर ले जाने का एक सशक्त माध्यम भी है।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश में “विकास और सेवा” का मंत्र वास्तविक धरातल पर प्रभावी रूप में दिखाई दे रहा है। उनका दृष्टिकोण स्पष्ट है कि प्रत्येक परियोजना केवल ईंट और सीमेंट का ढांचा नहीं हो, बल्कि यह नागरिकों के लिए बेहतर, सुरक्षित और आधुनिक सुविधाओं का सशक्त केंद्र बने। इसी सोच के तहत प्रदेश में चल रही अधोसंरचना परियोजनाओं को नई पहचान मिली है, जहां गुणवत्ता, समयबद्धता और पारदर्शिता सर्वोच्च प्राथमिकता हैं।

लोक निर्माण विभाग की नीतियाँ और आधुनिक प्रबंधन प्रणाली

लोक निर्माण विभाग के मंत्री राकेश सिंह के मार्गदर्शन में विभाग ने आधुनिक तकनीकों और पारदर्शिता पर विशेष ध्यान दिया है। उन्होंने डिजिटल मॉनिटरिंग सिस्टम, ई-टेंडरिंग, थर्ड पार्टी क्वालिटी कंट्रोल और मजबूत प्रोजेक्ट मैनेजमेंट प्रणाली को अपनाकर परियोजनाओं को अधिक प्रभावी बनाया है। इससे निर्माण कार्यों का क्रियान्वयन तेज होने के साथ-साथ उनकी गुणवत्ता में भी उल्लेखनीय सुधार आया है।

विभाग ने समयबद्ध निष्पादन, लागत प्रभावशीलता और गुणवत्ता नियंत्रण को प्राथमिकता देते हुए न केवल भवन निर्माण बल्कि नागरिकों को मिलने वाली सुविधाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित की है। इसके माध्यम से यह स्पष्ट संदेश भी गया है कि प्रत्येक परियोजना केवल ढांचा नहीं, बल्कि सेवा का एक महत्वपूर्ण केंद्र है।

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MPBDC का योगदान: आधुनिक, सुरक्षित और सतत निर्माण

मध्यप्रदेश भवन विकास निगम (MPBDC) की भूमिका इस दिशा में बेहद महत्वपूर्ण रही है। निगम के प्रबंध संचालक सी. बी. चक्रवर्ती के नेतृत्व में आयोजित क्षमता संवर्धन कार्यशालाओं ने अधिकारियों, इंजीनियरों और कर्मचारियों को नवीन तकनीकों, गुणवत्ता नियंत्रण के उन्नत मानकों और सतत विकास की अवधारणा से जोड़ने का अवसर प्रदान किया है।

एमपीबीडीसी का दृष्टिकोण नवाचार और गुणवत्ता आधारित है। निगम स्वास्थ्य, शिक्षा, खेल और प्रशासनिक क्षेत्रों के लिए उच्च गुणवत्ता वाले भवनों का निर्माण कर रहा है। प्रत्येक परियोजना में उन्नत डिजाइन, वैज्ञानिक निर्माण प्रबंधन और गुणवत्ता नियंत्रण प्रणाली अपनाई जा रही है, जिससे समयबद्ध और लागत-प्रभावी निष्पादन सुनिश्चित हो रहा है।

डिजिटल प्रबंधन और तकनीकी नवाचार

निगम ने आधुनिक तकनीकियों को अपनाकर पारदर्शिता और दक्षता बढ़ाई है। डिजिटल प्रोजेक्ट मैनेजमेंट सिस्टम (PMS), ड्रोन मॉनिटरिंग, ई-टेंडरिंग और थर्ड पार्टी क्वालिटी कंट्रोल एजेंसियों के सहयोग से निर्माण कार्य अधिक प्रभावी और नियंत्रित हुआ है। इसके साथ ही ग्रीन बिल्डिंग अवधारणा को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे पर्यावरण अनुकूल निर्माण की दिशा में भी ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।

यह तकनीकी नवाचार न केवल गुणवत्ता और पारदर्शिता सुनिश्चित करता है, बल्कि कर्मचारियों और अधिकारियों के लिए प्रशिक्षण और कौशल विकास का एक सशक्त मंच भी उपलब्ध कराता है। यह क्षमता संवर्धन कार्यक्रम भविष्य की चुनौतियों के अनुरूप विभागीय अमले को तैयार करने में मदद कर रहा है।

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वर्तमान परियोजनाओं की स्थिति

वर्तमान में लगभग 9,800 करोड़ रुपये की लागत से 371 भवनों का निर्माण कार्य प्रगति पर है। विभिन्न विभागों के लिए प्रगति में परियोजनाओं का विवरण इस प्रकार है:

  • स्कूल शिक्षा विभाग: 52 परियोजनाएँ
  • जनजातीय कार्य विभाग: 50 परियोजनाएँ
  • स्वास्थ्य विभाग: 66 परियोजनाएँ
  • उच्च शिक्षा विभाग: 129 परियोजनाएँ
  • राजस्व विभाग: 43 परियोजनाएँ
  • खेल विभाग: 28 परियोजनाएँ
  • अन्य विभाग: 48 परियोजनाएँ

राजस्व विभाग के अंतर्गत भोपाल में विभागीय भवन और 43 तहसील कार्यालयों का निर्माण कार्य प्रगति पर है। इसके अतिरिक्त रीवा और उज्जैन में आधुनिक मेडिकल कॉलेज भवन निर्माण कार्य भी जारी है।

कुशल और जवाबदेह प्रशासन के लिए प्रशिक्षण

एमपीबीडीसी के माध्यम से आयोजित क्षमता संवर्धन कार्यशाला अधिकारियों और कर्मचारियों को नवीन तकनीकों और गुणवत्ता मानकों से जोड़कर टीमवर्क, जवाबदेही और कार्यसंस्कृति में सकारात्मक बदलाव ला रही है। प्रशिक्षण कार्यक्रम विभागीय दक्षता बढ़ाने और परियोजनाओं के निष्पादन को उत्कृष्ट बनाने में मदद कर रहा है।

यह पहल यह भी सुनिश्चित करती है कि केवल परियोजनाओं की संख्या नहीं, बल्कि उनकी दीर्घकालिक उपयोगिता, गुणवत्ता और नागरिकों तक सेवा पहुंचाना भी प्राथमिकता में हो।

निष्कर्ष: मध्यप्रदेश का आत्मनिर्भर और सशक्त भविष्य

“लोक निर्माण से लोक कल्याण” का यह संकल्प मध्यप्रदेश को अधोसंरचना विकास में नई ऊँचाइयों तक ले जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, मंत्री राकेश सिंह और एमपीबीडीसी के प्रबंध संचालक सी. बी. चक्रवर्ती के नेतृत्व में प्रदेश विकास, पारदर्शिता, गुणवत्ता और उत्कृष्टता की दिशा में निरंतर अग्रसर है।

इस पहल से न केवल आधुनिक और सुरक्षित भवन निर्माण सुनिश्चित होगा, बल्कि नागरिकों को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी। यह कार्यक्रम मध्यप्रदेश को सशक्त, समृद्ध और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।

मध्यप्रदेश की इस विकास यात्रा में एमपीबीडीसी नवाचार आधारित दृष्टिकोण के साथ राज्य की सार्वजनिक अधोसंरचना को आधुनिक, सुदृढ़ और जनसेवा-केंद्रित बनाने में अग्रणी भूमिका निभा रहा है।

 

कुमकुम सोनी स्वराज वाणी न्यूज मे कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है। इन्होंने स्नातक पत्रकारिता एवं जनसंचार से की है। यह विशेषतः राजनीति एवं भू-राजनीति से जुड़े मुद्दों का गहन विशलेषण कर सरल भाषा में आम जनता के समक्ष प्रस्तुत करने का प्रयास करती है।… Read More

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