—Advertisement—

लोकसभा में Rahul Gandhi का बजट सत्र भाषण: डेटा सुरक्षा और वैश्विक चुनौतियों पर उठाए अहम मुद्दे

Author Picture
Published On: 11 February 2026
Rahul Gandhi Criticizes Tariff Policy and Impact on Textile Industry
— Rahul Gandhi Criticizes Tariff Policy and Impact on Textile Industry

—Advertisement—

लोकसभा में Rahul Gandhi का बजट सत्र में भाषण: डेटा सुरक्षा और वैश्विक चुनौतियों पर उठाए मुद्दे

लोकसभा में केंद्रीय बजट पर चर्चा का बुधवार को दूसरा दिन था। इस अवसर पर विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद Rahul Gandhi ने अपने भाषण की शुरुआत एक अनोखे अंदाज में की। उन्होंने मार्शल आर्ट के दांव-पेंच का ज़िक्र किया और फिर आर्थिक और तकनीकी मुद्दों की ओर ध्यान खींचा। उन्होंने विशेष रूप से आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस (AI) और डेटा सुरक्षा के महत्व पर जोर दिया।

राहुल गांधी ने संसद में कहा कि उन्होंने आर्थिक सर्वेक्षण का अध्ययन किया और उसमें दो महत्वपूर्ण बातें उन्हें गहरी और ठोस लगीं। पहली बात यह थी कि वर्तमान दुनिया में भू-राजनीतिक टकराव बढ़ रहा है। अमेरिका का दबदबा चीन, रूस और अन्य वैश्विक ताकतों द्वारा चुनौतीपूर्ण हो गया है। दूसरी बात उन्होंने यह बताई कि हम ऊर्जा और वित्तीय हथियारों की दुनिया में प्रवेश कर चुके हैं, जहाँ आर्थिक और तकनीकी संसाधनों का इस्तेमाल वैश्विक प्रभुत्व के लिए किया जा रहा है।

डेटा सुरक्षा: भारत की सबसे बड़ी ताकत

Rahul Gandhi ने डेटा सुरक्षा को सबसे अहम मुद्दा बताया। उन्होंने कहा कि भारत के नागरिकों के पास दुनिया का सबसे बड़ा डेटा है और इस डेटा के माध्यम से हमारे लोगों की सोच और टैलेंट पर नियंत्रण करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अमेरिका और चीन की नजरें विशेष रूप से भारत के डेटा पर हैं।

उन्होंने संसद में प्रधानमंत्री के हालिया बयान का ज़िक्र करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री ने कहा था कि “युद्ध का दौर खत्म हो गया है”, लेकिन वास्तविकता इसके विपरीत है। उन्होंने कहा कि हम वास्तव में युद्ध के दौर में प्रवेश कर रहे हैं, और इसके प्रमाण दुनिया में मौजूद हैं। यूक्रेन में युद्ध, गाजा और मिडिल ईस्ट में अस्थिरताएँ, ईरान में संभावित खतरे, और भारत का ऑपरेशन सिंदूर — ये सभी उदाहरण इस अस्थिरता की ओर इशारा करते हैं।

राहुल गांधी ने यह भी कहा कि बजट में डेटा सुरक्षा के लिए कोई ठोस प्रावधान नहीं किया गया है। उनका तर्क था कि भारतीय डेटा हमारी सबसे बड़ी ताकत है, और इसे संरक्षित करना देश के लिए अत्यंत आवश्यक है।

Read Also : Om Birla: अविश्वास प्रस्ताव तक लोकसभा अध्यक्ष की कुर्सी पर नहीं बैठूंगा

टैरिफ और आर्थिक नीतियों पर Rahul Gandhi की बात

Rahul Gandhi ने टैरिफ नीति को लेकर भी गंभीर चिंता व्यक्त की। उन्होंने बताया कि बांग्लादेश अगर टेक्सटाइल उत्पाद का निर्यात करता है, तो उस पर जीरो टैरिफ लागू है, जबकि भारत की टेक्सटाइल इंडस्ट्री को अमेरिका में अपने उत्पाद निर्यात करने में मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि अमेरिकी प्रशासन ने ट्रंप के समय टैरिफ बढ़ा दिए, जिससे भारतीय उद्योग प्रभावित हुआ।

इसके अलावा, उन्होंने सवाल उठाया कि तेल खरीद जैसे महत्वपूर्ण निर्णयों में अब क्या अमेरिका की भूमिका बढ़ रही है? राहुल गांधी ने स्पष्ट रूप से कहा कि ऐसा किसी भी भारतीय प्रधानमंत्री के कार्यकाल में नहीं हुआ और यह देश की स्वायत्तता के लिए गंभीर चुनौती है। उन्होंने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सुपरपावर का युग खत्म हो गया है, और सरकार को इस पर शर्म महसूस करनी चाहिए।

वैश्विक आर्थिक और तकनीकी परिदृश्य

Rahul Gandhi ने अपने भाषण में वैश्विक आर्थिक और तकनीकी परिदृश्य पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भू-राजनीतिक तनाव और ऊर्जा संकट भारत की आर्थिक नीतियों को प्रभावित कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि डेटा, AI और तकनीकी संसाधनों के माध्यम से भारत विश्व में अपनी भूमिका और ताकत को मजबूती से स्थापित कर सकता है, बशर्ते कि इन संसाधनों का संरक्षण और सही दिशा में निवेश किया जाए।

उनके अनुसार, बजट में इन महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर ध्यान नहीं दिया गया, जो देश की आर्थिक सुरक्षा और वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिहाज से चिंता का विषय है।

Rahul Gandhi का निष्कर्ष

Rahul Gandhi ने लोकसभा में यह स्पष्ट किया कि वर्तमान बजट भारत की तकनीकी और आर्थिक ताकतों को पर्याप्त रूप से उजागर नहीं करता। उन्होंने कहा कि डेटा सुरक्षा, टैरिफ नीति, वैश्विक ऊर्जा और वित्तीय दबावों से निपटने के लिए ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है। उनका यह भी मानना है कि भारत की वैश्विक भूमिका और आर्थिक स्वायत्तता को बनाए रखने के लिए सरकार को नई रणनीतियों और नीति सुधारों पर ध्यान देना चाहिए।

राहुल गांधी ने अपने भाषण के माध्यम से यह संदेश देने की कोशिश की कि केवल आर्थिक आंकड़े और बजट के प्रवाह ही महत्वपूर्ण नहीं हैं, बल्कि भविष्य की चुनौतियों के लिए सुरक्षा और रणनीति पर भी उतना ही ध्यान देना जरूरी है।

निष्कर्ष:

लोकसभा में राहुल गांधी का यह भाषण यह दर्शाता है कि भारत को डेटा सुरक्षा, तकनीकी सशक्तिकरण और वैश्विक आर्थिक रणनीतियों पर अधिक ध्यान देने की आवश्यकता है। उन्होंने बजट में इन मुद्दों की अनदेखी को गंभीर चिंता का विषय बताया और सरकार से स्पष्ट कदम उठाने की मांग की।

 

कुमकुम सोनी स्वराज वाणी न्यूज मे कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है। इन्होंने स्नातक पत्रकारिता एवं जनसंचार से की है। यह विशेषतः राजनीति एवं भू-राजनीति से जुड़े मुद्दों का गहन विशलेषण कर सरल भाषा में आम जनता के समक्ष प्रस्तुत करने का प्रयास करती है।… Read More

Related News
Breaking News हमेशा आपके पास

SwarajVani App Install करें

Latest India News & Breaking Updates — सीधे Home Screen पर

Offline पढ़ें Breaking Alerts बिल्कुल Free
SwarajVani को iPhone पर install करें:
📤 Share बटन दबाएं → "Add to Home Screen" select करें
Home
Web Stories
Instagram
WhatsApp