Devas जिला इकाई द्वारा जनसमस्याओं एवं मानवाधिकार संरक्षण को लेकर प्रशासन को सौंपा गया ज्ञापन
Devas , मध्य प्रदेश।
Devas जिले में बढ़ती जनसमस्याओं, विद्यार्थियों के हितों और मानवाधिकारों के संरक्षण को लेकर देवास जिला इकाई द्वारा एक महत्वपूर्ण पहल की गई। जिला अध्यक्ष श्री सतीश खंडेलवाल के नेतृत्व में संगठन के प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय एवं जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपते हुए कई गंभीर और जनहित से जुड़े मुद्दों को उठाया। इस अवसर पर जिला सदस्य श्री महेंद्र गुर्जर, श्री दीपक गुर्जर, श्री गजेंद्र सिंह चौहान, श्री छगन ऊईके एवं श्री विनोद मस्कोले विशेष रूप से उपस्थित रहे।
इस प्रतिनिधिमंडल का मुख्य उद्देश्य प्रशासन का ध्यान परीक्षा अवधि में ध्वनि प्रदूषण, ग्रामीण क्षेत्रों की बुनियादी समस्याओं और संगठन के विरुद्ध प्रकाशित भ्रामक समाचारों की ओर आकर्षित करना रहा।
Devas परीक्षा में अवधि में ध्वनि प्रदूषण पर सख्त कार्रवाई की मांग
ज्ञापन का प्रमुख बिंदु बोर्ड परीक्षाओं के दौरान डीजे और लाउडस्पीकर से हो रहे अत्यधिक ध्वनि प्रदूषण पर रोक लगाने की मांग रहा। प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि वर्तमान में जिले के कई क्षेत्रों में शादी-विवाह, धार्मिक आयोजनों और अन्य कार्यक्रमों के नाम पर तेज आवाज में डीजे और लाउडस्पीकर का उपयोग किया जा रहा है, जिससे परीक्षा की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
संगठन ने कहा कि परीक्षा का समय विद्यार्थियों के जीवन का अत्यंत संवेदनशील और निर्णायक चरण होता है। इस दौरान शोर-शराबा न केवल उनकी एकाग्रता को भंग करता है, बल्कि मानसिक तनाव भी बढ़ाता है। यह स्थिति विद्यार्थियों के शिक्षा के अधिकार और मानसिक स्वास्थ्य से सीधे तौर पर जुड़ी हुई है, जिसे मानवाधिकार के दृष्टिकोण से भी गंभीर माना जाना चाहिए।
पुलिस अधीक्षक महोदय ने प्रतिनिधिमंडल की बातों को गंभीरता से सुनते हुए आश्वासन दिया कि जिले के सभी थाना प्रभारियों को इस संबंध में सख्त निर्देश जारी किए जाएंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि परीक्षा अवधि में ध्वनि प्रदूषण फैलाने वालों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। साथ ही आम नागरिकों से अपील की गई कि यदि कहीं भी डीजे या लाउडस्पीकर से नियमों का उल्लंघन हो रहा हो, तो वे तत्काल 112 पर कॉल कर शिकायत दर्ज करा सकते हैं, ताकि समय रहते कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
जनसमस्याओं के समाधान हेतु जिला प्रशासन से संवाद
इसके पश्चात संगठन के पदाधिकारियों ने Devas के नवनियुक्त कलेक्टर श्री ऋतुराज से भेंट कर उनका आत्मीय स्वागत किया। इस मुलाकात के दौरान संगठन ने जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में व्याप्त विभिन्न जनसमस्याओं की ओर प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया।
विशेष रूप से ग्राम पंचायत डाबरी बुजुर्ग अंतर्गत आने वाले ग्राम भेरूपुरा एवं चतरपुरा की समस्याओं को लेकर जिला पंचायत कार्यालय को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में बताया गया कि इन गांवों में सड़क, पेयजल, बिजली, स्वच्छता, जल निकासी और अन्य बुनियादी सुविधाओं की स्थिति चिंताजनक है। ग्रामीणों को दैनिक जीवन में कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन लंबे समय से इन समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं हो पाया है।
जिला पंचायत कार्यालय ने संगठन को आश्वस्त किया कि प्राप्त आवेदन की शीघ्र जांच कर संबंधित विभागों को निर्देश दिए जाएंगे और विकास कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराया जाएगा। संगठन ने प्रशासन से अपेक्षा जताई कि ग्रामीण क्षेत्रों के विकास को केवल कागजी योजनाओं तक सीमित न रखा जाए, बल्कि जमीनी स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए।
भ्रामक समाचारों का खंडन और निष्पक्ष जांच की मांग
देवास जिला इकाई ने कुछ प्रिंट मीडिया व्यक्तियों द्वारा संगठन के विरुद्ध प्रकाशित किए जा रहे कथित भ्रामक और असत्य समाचारों पर कड़ी आपत्ति जताई। संगठन का कहना है कि कुछ लोग जानबूझकर ट्रस्ट की छवि धूमिल करने का प्रयास कर रहे हैं, जबकि संस्था का किसी भी निजी विवाद, समझौते या व्यक्तिगत लेन-देन से कोई संबंध नहीं है।
संगठन ने स्पष्ट किया कि ट्रस्ट पूर्णतः मानवाधिकार संरक्षण, सामाजिक न्याय और जनहित के कार्यों के लिए समर्पित है। संस्था का उद्देश्य पीड़ितों की आवाज़ को प्रशासन तक पहुंचाना और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा करना है। भ्रामक समाचार न केवल संगठन की छवि को नुकसान पहुंचाते हैं, बल्कि समाज में भ्रम और अविश्वास भी पैदा करते हैं।
इस पूरे प्रकरण को कलेक्टर महोदय के संज्ञान में लाया गया है। कलेक्टर ने मामले की निष्पक्ष जांच कर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है, जिससे संगठन और आम नागरिकों में विश्वास बना रहे।
संगठन का नेतृत्व और संदेश
इस अवसर पर राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री सुनील सिंह यादव ने देवास जिला इकाई द्वारा उठाए गए कदमों की सराहना की। उन्होंने कहा कि संगठन सदैव सत्य, न्याय और मानवाधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध रहा है। देवास इकाई द्वारा जनहित में उठाए गए मुद्दे समाज के प्रति संगठन की जिम्मेदारी को दर्शाते हैं।
उन्होंने कहा कि आज के समय में पारदर्शिता, जवाबदेही और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा अत्यंत आवश्यक है। संगठन का उद्देश्य किसी के खिलाफ नहीं, बल्कि जनता के अधिकारों के पक्ष में खड़ा होना है।
वहीं ट्रस्ट के पदाधिकारियों शिवम तिवारी, कृष्णा यादव, युवराज सिंह राठौर, मनीष गुप्ता एवं जीवनलाल जैन ने संयुक्त रूप से कहा कि संगठन भविष्य में भी जनसमस्याओं को प्रशासन तक पहुंचाने और मानवाधिकारों की रक्षा के लिए निरंतर सक्रिय रहेगा। उन्होंने कहा कि संगठन का एकमात्र उद्देश्य समाज में शांति, न्याय और जनहित सुनिश्चित करना है।
निष्कर्ष
Devas जिला इकाई द्वारा उठाए गए ये मुद्दे न केवल स्थानीय समस्याओं को उजागर करते हैं, बल्कि यह भी दर्शाते हैं कि संगठित प्रयासों के माध्यम से प्रशासन और जनता के बीच संवाद को मजबूत किया जा सकता है। परीक्षा के दौरान ध्वनि प्रदूषण पर नियंत्रण, ग्रामीण विकास और निष्पक्ष मीडिया की भूमिका जैसे विषय आज के समय में अत्यंत प्रासंगिक हैं। ऐसे प्रयास लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत करने और आम नागरिकों के अधिकारों की रक्षा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
