नि: शुल्क प्लास्टिक सर्जरी कैंप इंदौर में स्वर्णिम फाउंडेशन, वर्मा यूनियन हॉस्पिटल व अमेरिकी डॉक्टर्स ने 55 बच्चों के जीवन में लाई नई रोशनी।
नि: शुल्क प्लास्टिक सर्जरी कैंप इंदौर का शुभारंभ
नि: शुल्क प्लास्टिक सर्जरी कैंप इंदौर का शुभारंभ सेवा, संवेदना और समर्पण की भावना के साथ किया गया।
यह शिविर स्वर्णिम फाउंडेशन,
वर्मा यूनियन हॉस्पिटल,
Faces of Tomorrow
और जैन कांफ्रेंस दिल्ली के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया।
सेवा और करुणा का संगम
दीप प्रज्वलन कर शिविर का शुभारंभ
प. पू. स्वामी अच्युतानंद जी महाराज,
पीएफ कमिश्नर मनोरंजन सिंह,
सीएमएचओ डॉ. माधव हसानी
की गरिमामयी उपस्थिति में किया गया।
स्वामी जी ने कहा कि सर्जरी के बाद बच्चों के चेहरे पर जो मुस्कान आएगी, वही इस नि: शुल्क प्लास्टिक सर्जरी कैंप इंदौर की सबसे बड़ी सफलता होगी।

अमेरिकी डॉक्टरों की ऐतिहासिक सहभागिता
इस कैंप की विशेषता रही अमेरिका से आए विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम, जिनका भारतीय परंपरा अनुसार स्वागत किया गया।
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डॉ. ब्रायन रूबिनस्टीन
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डॉ. नीमा पहलावन
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डॉ. चार्ल्स शिह
सभी अतिथियों को गौमाता की मूर्ति भेंट कर भारतीय संस्कृति का परिचय दिया गया।
125 पंजीकरण, 55 मरीज चयनित
इस नि: शुल्क प्लास्टिक सर्जरी कैंप इंदौर में कुल 125 मरीजों का पंजीकरण हुआ,
जिनमें से 55 जरूरतमंद मरीजों को सर्जरी के लिए चयनित किया गया।
अधिकांश मरीज कटे-फटे होंठ एवं तालू की समस्या से ग्रसित थे।
स्वर्णिम फाउंडेशन की सेवा यात्रा
संस्थापक वीरेन्द्र कुमार जैन एवं रेखा जैन ने कहा कि
ईश्वर तुल्य बच्चों ने हमें सेवा का अवसर देकर हम पर उपकार किया है।
यह कैंप नि: शुल्क प्लास्टिक सर्जरी कैंप इंदौर को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने वाला साबित हो रहा है।
वर्मा यूनियन हॉस्पिटल का अतुलनीय सहयोग
हॉस्पिटल चेयरमैन अश्विनी वर्मा ने
6 दिनों के लिए सभी OT, डॉक्टर, नर्सिंग स्टाफ नि: शुल्क उपलब्ध कराया — जो अपने आप में मिसाल है।
शासन व समाज का सहयोग
सीएमएचओ ने आश्वस्त किया कि शासन हर संभव मदद देगा।
पार्थ फाउंडेशन द्वारा दवाइयाँ नि: शुल्क देने की घोषणा की गई।
बच्चों के चेहरे पर लौटती मुस्कान
यह नि: शुल्क प्लास्टिक सर्जरी कैंप इंदौर केवल सर्जरी नहीं,
बल्कि बच्चों के आत्मविश्वास, भविष्य और सम्मान की पुनर्स्थापना है।
भविष्य की योजनाएं
आयोजकों ने संकेत दिया कि भविष्य में यह कैंप नियमित रूप से आयोजित किया जाएगा
ताकि अधिक से अधिक जरूरतमंद लाभान्वित हो सकें।


