MP में इंडियन डेरी एसोसिएशन का स्टेट चैप्टर बनाने की पहल
MP – Indore दुग्ध संघ के कार्यालय में इंडियन डेरी एसोसिएशन (IDA) के मध्य प्रदेश स्टेट चैप्टर के गठन के लिए एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में इंडियन डेरी एसोसिएशन के प्रेसिडेंट श्री सुधीर कुमार सिंह, इंदौर दुग्ध संघ के सीईओ श्री बलबीर शर्मा, IDA के सदस्य श्री मिलन मिश्रा, श्री जे आर दारूवाला, श्री श्रीनंदन शर्मा, श्री सुभाष दुबे, श्री योगेन्द्र मोहन शर्मा, Indore दुग्ध संघ के अधिकारी और अन्य डेयरी उद्योग के सदस्य शामिल हुए।
बैठक का उद्देश्य
बैठक का मुख्य उद्देश्य MP राज्य में इंडियन डेयरी एसोसिएशन का चैप्टर स्थापित करना था। यह पहल राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (NDDB) के मार्गदर्शन और सहयोग से की जा रही है। बोर्ड 13 अप्रैल 2025 से एमपीसीडीएएफ (MPCDF) और संबद्ध दुग्ध संघों के प्रबंधन में सहायता कर रहा है। इस दिशा में प्रबंध संचालक श्री संजय गोवाणी का मार्गदर्शन अत्यंत महत्वपूर्ण साबित हुआ।
श्रीनंदन शर्मा जी ने बताया कि देश में IDA के 4 जोन और 13 चैप्टर हैं, लेकिन मध्य प्रदेश में अब तक कोई चैप्टर नहीं था। जबकि प्रदेश दूध उत्पादन में तीसरे नंबर पर है और गुणवत्ता के मामले में अग्रणी है। इसलिए स्टेट चैप्टर की स्थापना समय की मांग थी।
प्रेसिडेंट की टिप्पणी और आगामी DIC
बैठक में IDA के प्रेसिडेंट श्री सुधीर कुमार सिंह जी ने बताया कि अगले वर्ष DIC (Dairy Industry Conference) का आयोजन इंदौर में किया जाएगा। इसके लिए कॉन्फ्रेंस हॉल और एक्सहिबिशन सेंटर की खोज पहले ही की जा चुकी है। उन्होंने सभी सदस्यों और हितधारकों से अपील की कि वे इस कार्यक्रम में अधिक से अधिक संख्या में शामिल हों ताकि यह आयोजन सफल हो।
स्टेट चैप्टर का महत्व और उद्देश्य
बैठक में यह निर्णय लिया गया कि स्टेट चैप्टर गठन के बाद, प्रदेश में डेयरी उद्योग की गुणवत्ता, उत्पादन और मार्केटिंग को बढ़ावा देने के लिए योजनाएं बनाई जाएंगी। इसमें दुग्ध संघों के अधिकारियों और उद्योग विशेषज्ञों की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी।
श्रीनंदन शर्मा जी ने बैठक में कहा कि IDA का उद्देश्य केवल उद्योग का विकास नहीं है, बल्कि किसानों और दुग्ध उत्पादकों की आर्थिक स्थिति में सुधार करना और उद्योग में उच्च गुणवत्ता बनाए रखना भी है। स्टेट चैप्टर के गठन से दुग्ध संघों के बीच सहयोग बढ़ेगा और विभिन्न डेयरी कार्यक्रमों में उनकी भागीदारी सुनिश्चित होगी।
कार्यों और प्रशिक्षण कार्यक्रमों की रूपरेखा
बैठक में यह तय किया गया कि स्टेट चैप्टर के तहत प्रदेश में डेयरी किसानों, दुग्ध संघों और अन्य हितधारकों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम, कार्यशालाएं और सम्मेलन आयोजित किए जाएंगे। इस कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को नवीनतम तकनीक, उच्च गुणवत्ता वाले उत्पादों के उत्पादन, मार्केटिंग रणनीतियों और वित्तीय प्रबंधन की जानकारी देना है।
इससे प्रदेश के डेयरी उद्योग को मजबूती मिलेगी और किसानों को अपने उत्पाद से उचित लाभ मिलेगा।
कार्यकारी समिति का गठन
बैठक में यह निर्णय लिया गया कि इंदौर दुग्ध संघ स्टेट चैप्टर के लिए एक कार्यकारी समिति का गठन करेगा। समिति का काम होगा प्रदेश में डेयरी उद्योग की गतिविधियों का समन्वय करना, नीतिगत निर्णय लागू करना और उद्योग हित में सुझाव प्रस्तुत करना।
श्रीनंदन शर्मा ने कहा कि इस पहल से मध्य प्रदेश के डेयरी उद्योग को नई दिशा मिलेगी और प्रदेश के दुग्ध संघों के विकास में मदद मिलेगी।
सदस्यों की सहभागिता और प्रतिबद्धता
बैठक में सभी सदस्यों ने इस पहल के महत्व को समझते हुए इसे सफल बनाने का संकल्प लिया। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में वे स्टेट चैप्टर की गतिविधियों में सक्रिय रूप से भाग लेंगे। इस पहल से डेयरी उद्योग के विकास के साथ-साथ किसानों और दुग्ध उत्पादकों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।
आभार और समापन
बैठक के अंत में श्रीनंदन शर्मा ने प्रेसिडेंट श्री सुधीर कुमार सिंह, सीईओ श्री बलबीर शर्मा और सभी उपस्थित सदस्यों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस पहल के माध्यम से मध्य प्रदेश के डेयरी उद्योग को नई पहचान मिलेगी और राज्य के दुग्ध संघों का समग्र विकास होगा।
