US ने India पर अतिरिक्त 25% टैरिफ हटाया
US ने India से आयात होने वाले उत्पादों पर लगाए गए 25 प्रतिशत अतिरिक्त पेनल्टी टैरिफ को हटाने का निर्णय लिया है। व्हाइट हाउस की ओर से जारी कार्यकारी आदेश के अनुसार, अब संशोधित 18 प्रतिशत टैरिफ व्यवस्था 7 फरवरी 2026 से लागू होगी।
इसका मतलब है कि भारत से अमेरिका में आने वाले सभी उत्पादों पर अब केवल सामान्य आयात शुल्क लागू होगा। अमेरिका की आधिकारिक टैरिफ सूची से भारत से जुड़े विशेष कोड और अतिरिक्त शुल्क भी हटा दिए गए हैं।
आदेश कब से लागू होगा
अमेरिकी समयानुसार यह आदेश 7 फरवरी 2026 सुबह 10:30 बजे से प्रभावी होगा। इसके बाद अमेरिका में खपत के लिए आने वाली या वेयरहाउस से बाहर जाने वाली भारतीय खेपों पर अतिरिक्त 25% पेनल्टी टैक्स नहीं लगेगा।
पहले से अमेरिका में मौजूद खेपों पर भी यह राहत लागू होगी। यदि अमेरिकी कस्टम्स ने पहले से अतिरिक्त टैक्स वसूला है, तो रिफंड के लिए आवेदन किया जा सकता है।
रिफंड प्रक्रिया
अमेरिकी कस्टम्स एंड बॉर्डर प्रोटेक्शन (CBP) की प्रक्रिया के अनुसार, जो भी आयातक अतिरिक्त 25% टैक्स चुका चुका है, वह दस्तावेज जमा करके रिफंड प्राप्त कर सकता है। यह रिफंड सामान्यतः बिना ब्याज के और इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से किया जाएगा।
यह ध्यान रखना आवश्यक है कि सभी कंपनियों को यह रिफंड अपने आप नहीं मिलेगा। इसके लिए आवश्यक दस्तावेज और आवेदन प्रक्रिया को पूरा करना होगा।
India के लिए यह राहत क्यों महत्वपूर्ण है
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस अंतरिम व्यापार फ्रेमवर्क का स्वागत किया और इसे दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों के लिए एक बड़ा बढ़ावा बताया।
पीएम मोदी के अनुसार यह समझौता:
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“मेक इन इंडिया” को मजबूती देगा
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किसानों, उद्यमियों, MSME और स्टार्टअप्स के लिए नए अवसर खोलेगा
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महिलाओं और युवाओं के लिए रोजगार के नए रास्ते तैयार करेगा
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मजबूत और भरोसेमंद सप्लाई चेन सुनिश्चित करेगा
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वैश्विक व्यापार में भारत की भागीदारी बढ़ाएगा
किन सेक्टरों को मिलेगा लाभ
विशेषज्ञों के अनुसार, इस फैसले से भारत-अमेरिका व्यापार संबंध मजबूत होंगे। भारत के प्रमुख सेक्टरों को निम्नलिखित लाभ मिल सकते हैं:
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मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपोर्ट सेक्टर
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टेक्सटाइल, जूते, चमड़ा, प्लास्टिक और रबर उत्पाद
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जैविक रसायन, घरेलू सजावट, हस्तशिल्प उत्पाद
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चुनिंदा मशीनरी और औद्योगिक उपकरण
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MSME, किसान, मछुआरे, स्टार्टअप्स और महिला उद्यमियों के लिए रोजगार के नए अवसर
कौन-कौन से उत्पाद अभी भी टैरिफ के अधीन हैं
कुछ प्रमुख उत्पादों पर कोई राहत नहीं दी गई है। इनमें शामिल हैं:
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मक्का, गेहूं, चावल, सोया
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मुर्गी पालन, मांस, दूध, पनीर (डेयरी)
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इथेनॉल (ईंधन), तंबाकू
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कुछ सब्जियां
इसका मतलब है कि ये उत्पाद पहले की तरह ही अमेरिका में टैरिफ के अधीन रहेंगे।
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व्यापार को बढ़ावा देने की दिशा
भारत-अमेरिका अंतरिम फ्रेमवर्क को आगे बढ़ाते हुए, दोनों देशों की वार्ता 13 फरवरी 2026 से शुरू हो रही द्विपक्षीय व्यापार समझौता (BTA) में जारी रहेगी।
इस वार्ता के तहत:
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सप्लाई चेन मजबूत होगी
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ट्रेड बैरियर धीरे-धीरे समाप्त होंगे
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औद्योगिक और कृषि उत्पादों पर टैरिफ कम किए जा सकते हैं
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नई तकनीक और डेटा-सेंटर उपकरणों के व्यापार को बढ़ावा मिलेगा
पीएम मोदी का संदेश
प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि यह केवल व्यापार समझौता नहीं है। यह भारत की वैश्विक साझेदारी और भरोसेमंद आर्थिक स्थिति को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
उन्होंने कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य की ओर बढ़ते हुए, देश भविष्य-केंद्रित वैश्विक साझेदारियों पर ध्यान केंद्रित कर रहा है।
विशेषज्ञों की राय
विशेषज्ञों का मानना है कि इस फैसले से:
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भारत-अमेरिका व्यापार संबंध और मजबूत होंगे
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भारतीय निर्यातकों को अमेरिकी बाजार में राहत मिलेगी
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प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी
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निवेश और रोजगार के नए अवसर खुलेंगे
खासकर मैन्युफैक्चरिंग, टेक्नोलॉजी, और एक्सपोर्ट सेक्टर को इसका बड़ा फायदा मिलेगा।
आर्थिक और सामाजिक लाभ
इस अंतरिम फ्रेमवर्क से न केवल आर्थिक वृद्धि को बल मिलेगा, बल्कि रोजगार और छोटे व्यवसायों के लिए नए अवसर भी खुलेंगे।
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MSME और स्टार्टअप्स के लिए अमेरिकी बाजार में पहुंच बढ़ेगी
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किसानों और मछुआरों को नई संभावनाएं मिलेंगी
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महिलाओं और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित होंगे
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वैश्विक सप्लाई चेन मजबूत होगी
इस तरह यह समझौता भारत के व्यापार और आर्थिक विकास के लिए गेम-चेंजर साबित हो सकता है।
निष्कर्ष
7 फरवरी 2026 से लागू होने वाला 18% टैरिफ India -US व्यापार के लिए नया अवसर लेकर आएगा। यह समझौता न केवल आर्थिक वृद्धि को बढ़ावा देगा बल्कि रोजगार और व्यापारिक अवसरों को भी बढ़ाएगा।
प्रधानमंत्री मोदी के अनुसार, यह कदम भारत को वैश्विक व्यापार में एक भरोसेमंद और मजबूत साझेदार बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
