— Civil Engineering Students Take Charge of Nation-Building at Building Bharat Innovation Boot Camp
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सिविल इंजीनियरिंग छात्रों ने “बिल्डिंग India संपर्क इनोवेशन बूट कैंप” में संभाली भविष्य निर्माण की जिम्मेदारी
कानपुर,फरवरी 2026: “देश को बनाना है। कुछ करके दिखाना है” – यह भाव अनुराधा कुमावत, सिविल इंजीनियरिंग छात्रा, ने बिल्डिंग India संपर्क इनोवेशन बूट कैंप में भाग लेते हुए व्यक्त किया। यह तीन दिवसीय राष्ट्रीय कार्यक्रम 3 से 5 फरवरी 2026 तक IIT कानपुर में आयोजित किया गया।
यह पहल एसोसिएशन ऑफ़ इंफ्रास्ट्रक्चर इंडस्ट्री (भारत) द्वारा की गई, जिसमें जेएसडब्ल्यू ग्रुप के साझेदारी और भारत सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार कार्यालय द्वारा मंथन मंच के अंतर्गत समर्थन शामिल था। कार्यक्रम का सहयोग राष्ट्रीय शहरी कार्य संस्थान (एनआईयूए) और अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) ने दिया, जबकि IIT कानपुर अकादमिक भागीदार के रूप में शामिल रहा।
कार्यक्रम का उद्देश्य और महत्व
आईआईटी कानपुर में आयोजित यह संस्करण बिल्डिंग भारत संपर्क श्रृंखला का दूसरा अध्याय है। इसका मुख्य उद्देश्य सिविल इंजीनियरिंग छात्रों में नवाचार क्षमता को विकसित करना और उन्हें व्यावहारिक अनुभव प्रदान करना है।
तीन दिनों के गहन कार्यक्रम में देशभर के 300 से अधिक छात्र, वरिष्ठ शिक्षक और उद्योग पेशेवर शामिल हुए। बूट कैंप में संवादात्मक सत्र, पैनल चर्चा, मेंटरशिप सत्र और हैकथॉन-संयुक्त स्टार्टअप प्रतियोगिता आयोजित की गई। इन गतिविधियों के माध्यम से छात्रों को अविलंबित बुनियादी ढांचे की चुनौतियों के समाधान सोचने और प्रोटोटाइप तैयार करने का अवसर मिला।
इस पहल का महत्व इसलिए भी है कि यह अकादमी और उद्योग के बीच अंतर को कम करने, व्यावहारिक सीख को बढ़ावा देने और सिविल इंजीनियरिंग में नवाचार को केंद्रित मंच पर प्रस्तुत करने में सक्षम है।
महिला इंजीनियरों की सक्रिय भागीदारी
इस संस्करण की एक प्रमुख विशेषता महिला सिविल इंजीनियरिंग छात्रों की सक्रिय भागीदारी रही। यह संकेत देता है कि भारत के बुनियादी ढांचे के भविष्य को आकार देने में समावेशी और आत्मविश्वासी युवा पीढ़ी निर्णायक भूमिका निभा रही है।
अनुराधा कुमावत ने कहा,
“इस बूट कैंप में भाग लेकर मुझे यह एहसास हुआ कि सिविल इंजीनियरिंग केवल निर्माण से संबंधित नहीं है, बल्कि समाज और देश के लिए जिम्मेदारी निभाने का अवसर भी है। हमें समाधान सोचने और नवाचार के जरिए देश के भविष्य में योगदान देना है।”
Civil Engineering Students Take Charge of Nation-Building at Building Bharat Innovation Boot Camp
विशेषज्ञों और उद्योग पेशेवरों की भूमिका
डॉ. राजनीश दासगुप्ता, ट्रस्टी और महा निदेशक, एसोसिएशन ऑफ़ इंफ्रास्ट्रक्चर इंडस्ट्री (भारत) ने कहा,
“बिल्डिंग भारत संपर्क एक राष्ट्रीय क्रांति है। यह सिविल इंजीनियरों को तैयार करने, सोच को आकार देने और देश के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करने के लिए अस्तित्व में है। आज हम जो युवा इंजीनियर देखते हैं, वे उद्देश्य और विश्वास के साथ योगदान देने के लिए तैयार हैं।”
प्रोफेसर मनींद्र अग्रवाल, निदेशक, आईआईटी कानपुर ने कहा,
“सिविल इंजीनियरिंग राष्ट्रनिर्माण की आधारशिला है। छात्रों को कक्षा से बाहर अनुभव प्रदान करने वाले कार्यक्रम उनकी समस्या-समाधान क्षमता और नवाचार की सोच को मजबूत करते हैं। IIT कानपुर को ऐसे मंचों की मेजबानी पर गर्व है।”
प्रोफेसर सुधीर मिश्रा ने कहा कि वास्तविक समस्या पहचान और मेंटरशिप पर जोर देने से छात्र व्यावहारिक और जिम्मेदार सिविल इंजीनियर बनते हैं।
जेएसडब्ल्यू ग्रुप का योगदान
जेएसडब्ल्यू समूह ने अकादमी और उद्योग के बीच सहयोगी इकोसिस्टम बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। श्री निलेश नारवेकर, CEO, जेएसडब्ल्यू सीमेंट ने कहा,
“भारत का अवसंरचना क्षेत्र नवाचार और निष्पादन के संगम पर है। IIT कानपुर में युवा छात्रों का उत्साह दर्शाता है कि अगली पीढ़ी के सिविल इंजीनियर वास्तविक दुनिया की समस्याओं को हल करने के लिए तैयार हैं। बिल्डिंग भारत संपर्क पहल इस दिशा में सही मंच है।”
जेएसडब्ल्यू ने अकादमिक खोजों को उद्योगिक समाधानों में परिवर्तित करने, नवाचार और व्यावहारिक शिक्षा को बढ़ावा देने का काम किया।
Three-Day Innovation Boot Camp Successfully Organized at IIT Kanpur
अकादमी और उद्योग का सहयोग
बूट कैंप ने यह स्पष्ट किया कि अकादमी और उद्योग का सहयोग, समावेशी भागीदारी और उद्देश्यपूर्ण नवाचार सिविल इंजीनियरिंग क्षेत्र के लिए कितना जरूरी है।
छात्रों ने इस मंच का लाभ उठाकर व्यावहारिक निर्माण कौशल, नवाचार और समस्या-समाधान क्षमता विकसित की। यह पहल युवाओं को भारत के विकसित और मजबूत अवसंरचना निर्माण में योगदान देने के लिए प्रेरित करती है।
भविष्य की योजनाएँ
एसोसिएशन ऑफ़ इंफ्रास्ट्रक्चर इंडस्ट्री (भारत) ने घोषणा की है कि बिल्डिंग भारत संपर्क इनोवेशन बूट कैंप श्रृंखला जारी रहेगी। अगला संस्करण अप्रैल 2026 में आईआईटी मद्रास में आयोजित किया जाएगा।
इस श्रृंखला का उद्देश्य युवा सिविल इंजीनियरों को समावेशी, उद्देश्यपूर्ण और व्यावहारिक नवाचार के लिए तैयार करना है, ताकि वे विकसित भारत की दृष्टि में सार्थक योगदान दे सकें।
निष्कर्ष
बिल्डिंग India संपर्क इनोवेशन बूट कैंप ने साबित किया कि युवा सिविल इंजीनियर केवल कक्षा की सीमाओं तक सीमित नहीं हैं। वे देश के बुनियादी ढांचे को सशक्त और स्थायी बनाने में निर्णायक भूमिका निभाने के लिए तैयार हैं।
यह पहल अकादमी–उद्योग सहयोग, नवाचार, व्यावहारिक अनुभव और समावेशी भागीदारी का एक प्रेरणादायक उदाहरण है। जैसे-जैसे यह श्रृंखला देश के अन्य संस्थानों में विस्तारित होगी, यह युवा इंजीनियरों को विकसित भारत की दृष्टि में योगदान देने के लिए सक्षम बनाएगी।
कुमकुम सोनी स्वराज वाणी न्यूज मे कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है। इन्होंने स्नातक पत्रकारिता एवं जनसंचार से की है। यह विशेषतः राजनीति एवं भू-राजनीति से जुड़े मुद्दों का गहन विशलेषण कर सरल भाषा में आम जनता के समक्ष प्रस्तुत करने का प्रयास करती है।… Read More