Jhakanavda: सरस्वती शिशु मंदिर में भव्य सांस्कृतिक उत्सव: नन्हे बच्चों की प्रस्तुति ने मोहा मन
दीप प्रज्ज्वलन से हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ
Jhakanavda- नीम चौक स्थित प्रांगण में सरस्वती शिशु मंदिर के तत्वावधान में भव्य सांस्कृतिक उत्सव का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन से किया गया, जिसमें संस्था अध्यक्ष शेतानमल कुमट, पूर्व अध्यक्ष पारस जैन, भाजपा मंडल अध्यक्ष जितेन्द्र राठौड़, वरिष्ठ भाजपा मंडल उपाध्यक्ष परीक्षित सिंह राठौर, वरिष्ठ समाजसेवी नरेन्द्र कोठारी, वरिष्ठ समाजसेवी श्रेणिक कोठारी, शिक्षक हेमेन्द्र कुमार जोशी और राजेंद्र मिस्त्री ने भाग लिया। दीप प्रज्ज्वलन के बाद अतिथियों का स्वागत दुपट्टा पहनाकर और उपहार स्वरूप कलम भेंट कर किया गया। इस आयोजन ने सभी उपस्थितजनों को उत्सव के प्रति आकर्षित किया और कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाई।
बच्चों की मनमोहक प्रस्तुतियों ने जीता दर्शकों का दिल
सांस्कृतिक उत्सव में विद्यालय के नन्हे-नन्हे विद्यार्थियों ने अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। बच्चों द्वारा प्रस्तुत युगल नृत्य, एकल नृत्य, नाटक और फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता ने पूरे कार्यक्रम को विशेष रूप से आकर्षक बना दिया। उनकी मासूम अदाएँ, मंच पर आत्मविश्वास और प्रस्तुति ने सभी अभिभावकों और अतिथियों का मन मोह लिया। प्रत्येक प्रस्तुति पर दर्शकों द्वारा दी गई तालियों की गड़गड़ाहट ने आयोजन का उत्साह और बढ़ा दिया।
विशेष रूप से, सामाजिक संदेशों से ओतप्रोत नाट्य प्रस्तुतियों को अतिथियों ने काफी सराहा। बच्चों ने न केवल मनोरंजन किया बल्कि संदेशवाहक के रूप में अपनी जिम्मेदारी भी निभाई। उनके माध्यम से छोटे बच्चों में नैतिकता, अनुशासन और सामाजिक चेतना विकसित करने का प्रयास भी देखने को मिला।

वृद्धा आश्रम की नाट्य प्रस्तुति ने किया भावविभोर
कार्यक्रम में वृद्धा आश्रम द्वारा प्रस्तुत नाट्य प्रस्तुति ने श्रोताओं की आँखें नम कर दी। उनकी प्रस्तुति में जीवन के अनुभव, संघर्ष और सामाजिक संवेदनाओं को दर्शाया गया, जिसे देखकर सभी उपस्थितजन भावुक हो उठे। वृद्धा आश्रम की इस प्रेरणादायिक प्रस्तुति ने बच्चों और समाज दोनों को जीवन के महत्वपूर्ण संदेश देने का कार्य किया।
विद्यालय और शिक्षकों के प्रयासों की प्रशंसा
कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों ने सरस्वती शिशु मंदिर के बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए किए जा रहे प्रयासों की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि इस तरह के सांस्कृतिक कार्यक्रमों से विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, अनुशासन और संस्कारों का विकास होता है। अतिथियों ने कहा कि विद्यालय परिवार की यह पहल बच्चों के व्यक्तित्व निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
कार्यक्रम में विशेष रूप से यह देखा गया कि बच्चों में मंच पर आत्मविश्वास और टीम वर्क की भावना विकसित हो रही है। उन्होंने कहा कि विद्यालय केवल शिक्षा का केंद्र नहीं है, बल्कि बच्चों के सामाजिक, सांस्कृतिक और मानसिक विकास के लिए भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
आयोजन में विशिष्ट अतिथियों और सहयोगियों की भागीदारी
इस अवसर पर संस्था अध्यक्ष शेतानमल कुमट ने आचार्य अमन सिंह राठौर, दीदी ज्योति राव, दीदी शानू बागड़िया, दीदी नैना मिस्त्री सहित अन्य सहयोगी स्टाफ का दुपट्टा पहनाकर स्वागत किया। उपस्थित जनों ने विद्यालय परिवार को सफल आयोजन की शुभकामनाएँ दी। इस प्रकार सभी अतिथियों की सहभागिता ने कार्यक्रम की गरिमा और भव्यता को और बढ़ा दिया।
कार्यक्रम का मंच संचालन मितेश कुमट ने किया और आभार प्रकट आचार्य अमन सिंह राठौर ने किया। उनके आभार प्रकट करने के शब्दों ने सभी सहयोगियों और बच्चों में उत्साह और संतोष का भाव भर दिया।
बच्चों की प्रतिभा और सामाजिक संदेश
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बच्चों की प्रतिभा को मंच प्रदान करना और उन्हें सामाजिक एवं सांस्कृतिक मूल्यों से परिचित कराना था। नन्हे बच्चों की प्रस्तुतियाँ केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं थीं, बल्कि उनमें अनुशासन, सामाजिक जिम्मेदारी और नैतिक मूल्यों का संदेश भी छुपा था। फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता में बच्चों ने विभिन्न पात्रों का जीवंत चित्रण किया और दर्शकों को अपनी मासूमियत और अभिनय कौशल से मंत्रमुग्ध कर दिया।
युगल और एकल नृत्यों में बच्चों ने अपनी कला का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। बच्चों की प्रस्तुति ने न केवल अभिभावकों का मन मोह लिया, बल्कि शिक्षकों और समाजसेवियों के लिए भी प्रेरणास्पद रही। नाट्य प्रस्तुतियों में बच्चों ने समाज के विभिन्न पहलुओं को प्रस्तुत किया और छोटे-छोटे सामाजिक संदेशों के माध्यम से सीख देने का प्रयास किया।
आयोजन का समापन और संदेश
कार्यक्रम के अंत में विद्यालय प्रबंधन ने सभी आगंतुकों, अभिभावकों और सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के सांस्कृतिक आयोजन बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। आयोजन में सांस्कृतिक उल्लास और बच्चों की प्रतिभा ने झकनावदा क्षेत्र को लंबे समय तक यादगार बना दिया।
संस्थान के अध्यक्ष शेतानमल कुमट ने कहा कि यह कार्यक्रम बच्चों में आत्मविश्वास और सांस्कृतिक चेतना विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य में भी इस प्रकार के आयोजनों का क्रम जारी रहेगा और बच्चे अपनी प्रतिभा का और बेहतर प्रदर्शन करेंगे।
