भीनमाल में देवी मलाराम Gehlot के अमृत जीवित महोत्सव पर Gehlot परिवार ने अर्पण दिव्यांग स्कूल को दिया सहयोग
अमृत जीवित महोत्सव पर अर्पण दिव्यांग सेवा संस्थान में विशेष कार्यक्रम
भीनमाल। शहर में गुरुवार को देवी मलाराम Gehlot के अमृत जीवित महोत्सव के अवसर पर अर्पण दिव्यांग सेवा संस्थान में एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य दिव्यांग बच्चों के कल्याण और उनके लिए गहलोत परिवार के सहयोग को समाज के सामने प्रस्तुत करना था।
कार्यक्रम में गहलोत परिवार ने दिव्यांग बच्चों के लिए एक लाख रुपये की नकद राशि देने की घोषणा की, जिसे मौके पर ही अमल में लाया गया। बच्चों के साथ मिठाई बाँटकर गहलोत परिवार ने उनके चेहरे पर मुस्कानें फैलाई और उन्हें खुशी का अनुभव कराया।
दिव्यांग बच्चों की सेवा: ईश्वर की सेवा
यूथ फॉर नेशन संस्था के अध्यक्ष किशोर सांखला ने इस अवसर पर कहा कि दिव्यांग बच्चों की सेवा करना ईश्वर की सेवा के समान है। उन्होंने कहा, “दिव्यांग बच्चों की सेवा ही परम सेवा है और इससे बढ़कर कोई सेवा नहीं। अर्पण दिव्यांग सेवा संस्थान का यह कार्य समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत है। हम उनके समर्पित प्रयासों को नमन करते हैं।”
सांखला ने यह भी बताया कि ऐसे सहयोगी कदम समाज में मानवता, संवेदनशीलता और सामाजिक जिम्मेदारी को बढ़ावा देते हैं। उन्होंने आशा जताई कि अन्य समाजसेवी और व्यापारी वर्ग भी इस दिशा में योगदान देंगे।
Gehlot परिवार की सक्रिय भागीदारी
कार्यक्रम में गहलोत परिवार के कई प्रमुख सदस्य उपस्थित थे, जिनमें प्रदीप गहलोत, अशोक गहलोत, लहराराम गहलोत, अमित भाई Gehlot और विरमाराम गहलोत शामिल थे। उनके साथ शहर के अन्य गणमान्य लोग जैसे किशोर सांखला, गिरधारी लाल और हिमताराम भी मौजूद रहे।
गहलोत परिवार ने केवल आर्थिक सहयोग ही नहीं किया, बल्कि बच्चों के साथ समय बिताकर उन्हें व्यक्तिगत रूप से प्रोत्साहित भी किया। उन्होंने बच्चों के साथ बातचीत की, उनकी मुस्कान साझा की और उन्हें आत्मविश्वास देने का प्रयास किया।
अर्पण संस्थान को मिला महत्वपूर्ण सहयोग
अर्पण दिव्यांग सेवा संस्थान के मीडिया प्रभारी ललित होंडा ने बताया कि गहलोत परिवार द्वारा दी गई राशि संस्थान के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि यह योगदान स्कूल को बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य और खेलकूद जैसी गतिविधियों में और अधिक संसाधन जुटाने में मदद करेगा।
इस अवसर पर स्कूल प्रशासन के नितिन दवे, पियूष दवे और प्रवीण चौहान ने Gehlot परिवार का हार्दिक स्वागत किया और भामाशाह परिवार का दुपट्टा माला पहनाकर आभार व्यक्त किया।
अर्पण दिव्यांग सेवा संस्थान: बच्चों के विकास के लिए समर्पित
अर्पण दिव्यांग सेवा संस्थान लंबे समय से स्थानीय स्तर पर दिव्यांग बच्चों की शिक्षा और देखभाल के क्षेत्र में कार्यरत है। संस्थान विशेष रूप से बच्चों को समान शिक्षा और जीवन कौशल प्रदान करने के लिए प्रयासरत है, ताकि वे समाज में आत्मनिर्भर बन सकें।
संस्थान के प्रयासों में शामिल हैं:
- बच्चों को सामान्य और विशेष शिक्षा के अवसर प्रदान करना।
- खेलकूद और सांस्कृतिक गतिविधियों के माध्यम से बच्चों का सर्वांगीण विकास करना।
- बच्चों में आत्मनिर्भरता और सामाजिक जिम्मेदारी का विकास करना।
Gehlot परिवार का सहयोग संस्थान को इन प्रयासों को और आगे बढ़ाने में मदद करेगा।
सामाजिक जिम्मेदारी और प्रेरणा का संदेश
Gehlot परिवार की यह पहल केवल दिव्यांग बच्चों के लिए प्रेरणा का स्रोत नहीं बनी, बल्कि समाज में सामाजिक जिम्मेदारी, मानवता और परोपकार का संदेश भी फैलाया। किशोर सांखला ने कहा कि ऐसे कदम समाज में संवेदनशीलता और भाईचारे की भावना को मजबूत करते हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि और समाजसेवी और व्यापारी वर्ग ऐसे सहयोग में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें, तो दिव्यांग बच्चों के लिए और अधिक अवसर उपलब्ध होंगे।
बच्चों के साथ व्यक्तिगत जुड़ाव
कार्यक्रम के दौरान गहलोत परिवार के सदस्य बच्चों के साथ खेल में शामिल हुए, उनके साथ तस्वीरें खिंचवाई और मिठाई बाँटी। बच्चों की खुशी और उत्साह देखते ही बन रहे थे। उनके चेहरे पर मुस्कान और उत्साह ने कार्यक्रम को और भी जीवंत बना दिया।
ऐसे व्यक्तिगत जुड़ाव बच्चों के लिए आत्मविश्वास और प्रेरणा का स्रोत बनते हैं। इससे उन्हें यह संदेश भी मिलता है कि समाज उनके साथ है और उन्हें समान अवसर दिए जा रहे हैं।
समग्र विकास और भविष्य की योजनाएँ
स्कूल प्रशासन ने बताया कि गहलोत परिवार की ओर से दी गई राशि का उपयोग बच्चों की शिक्षा, खेलकूद, सांस्कृतिक गतिविधियों और अन्य सहायक कार्यक्रमों में किया जाएगा। इससे बच्चों का मानसिक, शारीरिक और सामाजिक विकास होगा।
संस्थान का उद्देश्य है कि दिव्यांग बच्चे समाज में आत्मनिर्भर बनें और अपनी पूरी क्षमता के साथ जीवन में सफलता हासिल करें। गहलोत परिवार का सहयोग इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
मीडिया और समाज की सराहना
स्थानीय मीडिया ने इस कार्यक्रम को बड़े उत्साह के साथ कवर किया। पत्रकारों और उपस्थित गणमान्य लोगों ने गहलोत परिवार की इस सामाजिक पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम समाज में सहयोग, परोपकार और भाईचारे की भावना को मजबूत करते हैं।
निष्कर्ष: सेवा ही समाज का आधार
यह कार्यक्रम न केवल सामाजिक सहयोग का उदाहरण प्रस्तुत करता है, बल्कि यह संदेश भी देता है कि दिव्यांग बच्चों की सेवा केवल दान नहीं, बल्कि मानवता की सेवा है।
Gehlot परिवार की यह पहल अन्य समाजसेवी और स्थानीय समुदाय के लिए प्रेरणा बनेगी। उन्होंने यह साबित किया कि आर्थिक सहयोग और व्यक्तिगत जुड़ाव दोनों ही बच्चों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं।
इस तरह के कार्यक्रम समाज में समानता, करुणा और जिम्मेदारी की भावना को जागृत करते हैं और यह सुनिश्चित करते हैं कि हर बच्चा, चाहे वह दिव्यांग हो या सामान्य, समान अवसरों का अधिकारी हो।
