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Chandauli में Chinese Manja से संविदा कर्मचारी गंभीर रूप से घायल, सुरक्षा को लेकर बढ़ा रोष

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Published On: 5 February 2026
Chandauli: Contract Worker Seriously Injured by Chinese Manja, Safety Concerns Intensify
— Chandauli: Contract Worker Seriously Injured by Chinese Manja, Safety Concerns Intensify

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Chandauli में Chinese Manja से संविदा कर्मचारी गंभीर रूप से घायल, स्थानीय लोग सुरक्षा की मांग पर उतरे

Chandauli , अशोक कुमार जायसवाल: राजघाट पुल क्षेत्र गुरुवार को एक गंभीर हादसे का गवाह बना, जब एक संविदा कर्मचारी चाइनीज मांझे की चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हो गए। घायल की पहचान महेंद्र पाल के रूप में हुई है, जो संविदा कर्मचारी के तौर पर स्थानीय प्रशासन में कार्यरत हैं। उन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया है और डॉक्टरों ने उनकी हालत को गंभीर बताया है।

हादसे का विवरण

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार महेंद्र पाल पुल से गुजर रहे थे, तभी अचानक सड़क पर लटके हुए तेज धार वाले चाइनीज मांझे की चपेट में आ गए। तेज धार वाले मांझे ने उनके गर्दन और शरीर के ऊपरी हिस्से में गंभीर चोटें पहुंचाईं। चोटें इतनी गंभीर थीं कि महेंद्र पाल मौके पर ही लहूलुहान हो गए।

हादसे के तुरंत बाद पास मौजूद लोगों ने उन्हें संभाला और उपचार के लिए रामनगर क्षेत्र स्थित डॉक्टर अंकित के पास पहुंचाया। डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया। डॉक्टरों का कहना है कि उनकी हालत गंभीर है और उन्हें लगातार मॉनिटर किया जा रहा है।

प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि यह घटना दोपहर के समय हुई, जब पुल पर काफी संख्या में लोग और वाहन मौजूद थे। अचानक यह हादसा होने से आसपास के लोग दहशत में आ गए।

स्थानीय लोगों का विरोध और सुरक्षा की मांग

स्थानीय लोगों ने इस खतरनाक चाइनीज मांझे के इस्तेमाल पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है। उनका कहना है कि ऐसे मांझे रोज़मर्रा की जिंदगी में राहगीरों, दोपहिया चालकों और बच्चों के लिए गंभीर खतरा बन चुके हैं।

“यह सिर्फ महेंद्र पाल ही नहीं, बल्कि कई अन्य लोग भी हादसे का शिकार हो सकते थे। प्रशासन को इसे गंभीरता से लेना चाहिए और चाइनीज मांझे पर पूर्ण प्रतिबंध लगाना चाहिए,” एक स्थानीय निवासी ने कहा।

स्थानीय दुकानदार और वाहन चालक भी इस घटना से भयभीत हैं। उनका कहना है कि आए दिन ऐसे हादसे हो रहे हैं, और प्रशासन के सख्त कदमों के बिना इस खतरे से निजात पाना मुश्किल है।

चाइनीज मांझे की समस्या

Chinese Manja, जिसे अक्सर पतंगबाजी में इस्तेमाल किया जाता है, तेज और धारदार धागे से बना होता है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह केवल पतंग उड़ाने तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि सड़क पर, पुलों और खुले स्थानों पर लटके रहने के कारण खतरनाक साबित हो सकता है।

चाइनीज मांझे से होने वाले हादसे आम तौर पर तेज़ हवा में उड़ती पतंगों और धागों से होते हैं। इसके कारण लोग गंभीर चोटें, गर्दन और हाथ-पांव में कटाव, और कभी-कभी स्थायी नुकसान भी झेल सकते हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि प्रशासन को ऐसे खतरनाक धागों के उत्पादन, बिक्री और इस्तेमाल पर सख्त कानून बनाना चाहिए। स्कूल और खेल के मैदानों के आसपास चाइनीज मांझे पूरी तरह से प्रतिबंधित किए जाने चाहिए।

प्रशासन की भूमिका और लोगों की प्रतिक्रिया

महेंद्र पाल के हादसे के बाद प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोग कह रहे हैं कि कई बार उन्होंने प्रशासन को चेतावनी दी है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

“हादसे के बाद प्रशासन को तुरंत जांच शुरू करनी चाहिए और जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए। केवल चेतावनी देने से काम नहीं चलेगा, लोगों की जान पहले है,” एक स्थानीय नागरिक ने कहा।

पुलिस और प्रशासन ने फिलहाल घटनास्थल का मुआयना किया है। प्रशासन के प्रवक्ता ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए चाइनीज मांझे पर निगरानी बढ़ा दी गई है और जिम्मेदारों की पहचान कर कार्रवाई की जाएगी।

विशेषज्ञों का सुझाव

सुरक्षा विशेषज्ञ और डॉक्टर कहते हैं कि ऐसे खतरनाक मांझों से बचाव के लिए लोगों को जागरूक करना आवश्यक है। उन्होंने सुझाव दिया कि:

  1. खुले स्थानों पर चाइनीज मांझे उड़ाने से बचा जाए।
  2. अगर पतंगबाजी की जा रही है, तो धागे को कोटेड या कम धार वाला रखा जाए।
  3. पुलिस और प्रशासन नियमित रूप से ऐसे खतरनाक मांझों की निगरानी करें।
  4. हादसे के तुरंत बाद प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराया जाए।

विशेषज्ञों का कहना है कि यदि लोग सावधानी बरतेंगे और प्रशासन सक्रिय रहेगा, तो ऐसे हादसों को काफी हद तक रोका जा सकता है।

पूर्व हादसों की याद

चाइनीज मांझों से होने वाले हादसे इस क्षेत्र में पहले भी सामने आ चुके हैं। पिछले साल भी एक बच्चा गंभीर रूप से घायल हुआ था और दो बाइक चालक सड़क पर लटके मांझे के कारण दुर्घटना का शिकार हुए थे। इन घटनाओं ने स्थानीय लोगों को लगातार सावधान रहने के लिए मजबूर किया है।

“हमें नहीं पता कि प्रशासन अब तक क्यों सक्रिय नहीं हुआ। हमें डर है कि अगला हादसा और भी गंभीर हो सकता है,” एक स्थानीय शिक्षक ने कहा।

निष्कर्ष

मऊगंज और आसपास के क्षेत्रों में Chinese Manja के कारण सुरक्षा खतरे का स्तर बढ़ गया है। महेंद्र पाल का हादसा एक चेतावनी है कि प्रशासन को तुरंत कदम उठाने की जरूरत है। स्थानीय लोग चाहते हैं कि चाइनीज मांझे के उत्पादन, बिक्री और उपयोग पर सख्त रोक लगाई जाए, ताकि भविष्य में ऐसे हादसों से लोगों की जान खतरे में न पड़े।

इस घटना ने प्रशासन और आम जनता के बीच सुरक्षा और जवाबदेही पर एक नई बहस छेड़ दी है। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि स्थानीय प्रशासन इस मुद्दे पर कितनी तेजी से और प्रभावी कार्रवाई करता है।

 

कुमकुम सोनी स्वराज वाणी न्यूज मे कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है। इन्होंने स्नातक पत्रकारिता एवं जनसंचार से की है। यह विशेषतः राजनीति एवं भू-राजनीति से जुड़े मुद्दों का गहन विशलेषण कर सरल भाषा में आम जनता के समक्ष प्रस्तुत करने का प्रयास करती है।… Read More

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