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पीएमश्री हवाई एंबुलेंस सेवा: MP के 32 जिलों में योजना का लाभ नहीं मिल सका

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Published On: 4 February 2026
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— “MP के 32 जिलों में पीएमश्री हवाई एंबुलेंस सेवा का लाभ नहीं मिला”

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पीएमश्री हवाई एंबुलेंस सेवा: MP के 32 जिलों में योजना का लाभ नहीं मिल सका

MP संकटकालीन चिकित्सा सेवा को सशक्त बनाने के उद्देश्य से मई 2024 में शुरू की गई पीएमश्री हवाई एंबुलेंस सेवा का मध्य प्रदेश के अधिकांश जिलों में लाभ पहुंचाने में असफलता देखने को मिली है। यह सेवा गंभीर मरीजों को आपातकालीन हवाई चिकित्सा सुविधा प्रदान करने के लिए शुरू की गई थी, ताकि समय पर मरीज को उच्च स्तरीय अस्पताल तक पहुंचाया जा सके। हालांकि, योजना शुरू होने के लगभग आठ महीनों के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि प्रदेश के 32 जिलों में इस सेवा का कोई ठोस उपयोग नहीं हो पाया।

उड़ानों का औसत उपयोग बेहद कम

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, एयर एंबुलेंस के लिए विमान कंपनियों के साथ 1,200 घंटे की उड़ान का अनुबंध किया गया था। इसमें फिक्स्ड विंग एयर एंबुलेंस के 720 घंटे और हेली एंबुलेंस के 480 घंटे शामिल थे। लेकिन वास्तविक उपयोग बेहद कम रहा। फिक्स्ड विंग एयर एंबुलेंस के 720 घंटे में केवल 180 घंटे यानी 25 प्रतिशत ही उड़ान भरी गई। हेली एंबुलेंस का उपयोग और भी कम रहा, जिसमें 480 घंटे में केवल सात प्रतिशत घंटे ही वास्तविक उड़ान में इस्तेमाल हो पाए। कुल मिलाकर, 1,200 घंटे के अनुबंध में केवल 204 घंटे (लगभग 17 प्रतिशत) ही उपयोग किया जा सका।

मरीजों की संख्या लगभग शून्य

MP के 32 जिलों में एयर लिफ्ट किए गए मरीजों की संख्या लगभग शून्य है। यह बताता है कि योजना का उद्देश्य—संकटकालीन मरीजों को तेज और सुरक्षित तरीके से उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधा तक पहुंचाना—अभी तक पूरा नहीं हो पाया।

योजना के कम उपयोग के कारण

विशेषज्ञों और अधिकारियों का मानना है कि योजना का कम उपयोग कुछ प्रमुख कारणों से हुआ है।

  1. सांसद और विधायक की अनुशंसा का अभाव:
    एयर लिफ्ट के लिए मरीज को पहले मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) और उसके बाद जिले के कलेक्टर से अनुमति लेनी होती है। इसके साथ ही सांसद या विधायक की अनुशंसा आवश्यक होती है। कई जिलों में यह अनुशंसा न मिलने के कारण मरीज लाभ नहीं ले पाए।
  2. योजना का प्रचार-प्रसार नहीं होना:
    MP के कई जिलों में जनता और जिला प्रशासन तक योजना की जानकारी पर्याप्त रूप से नहीं पहुंच पाई। इसका असर यह हुआ कि लोग सेवा का लाभ लेने के लिए आवेदन तक नहीं कर सके।
  3. अधिकारियों और चिकित्सकों में रुचि की कमी:
    कुछ जिलों में चिकित्सा अधिकारियों और प्रशासनिक अधिकारियों के पास समय और संसाधन न होने के कारण योजना का प्रचार-प्रसार नहीं किया गया।

एयर एंबुलेंस सेवा की प्रकार और उपयोग

पीएमश्री योजना के तहत दो प्रकार की हवाई एंबुलेंस सेवा उपलब्ध है:

  1. फिक्स्ड विंग एयर एंबुलेंस:
    यह लंबी दूरी की आपातकालीन सेवाओं के लिए प्रयोग होती है। प्रदेश में कुल 720 घंटे के लिए अनुबंध था, लेकिन केवल 180 घंटे ही उड़ान भरी गई।
  2. हेली एंबुलेंस:
    यह छोटे जिलों और दूरस्थ क्षेत्रों में तेजी से मरीज पहुंचाने के लिए है। हेली एंबुलेंस का उपयोग भी बेहद कम रहा, केवल 480 घंटे में सात प्रतिशत घंटे ही इस्तेमाल हुए।

इससे यह स्पष्ट होता है कि योजना का मूल उद्देश्य समय पर और सुरक्षित तरीके से गंभीर मरीजों को अस्पताल पहुंचाना—अभी तक अधिकांश जिलों में पूरा नहीं हो पाया।

विशेषज्ञों की राय

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि पीएमश्री हवाई एंबुलेंस योजना अत्यंत उपयोगी है, लेकिन इसका सही लाभ तभी मिल सकता है जब सभी स्तरों पर जागरूकता और समन्वय हो।

  • सांसद और विधायक की भूमिका:
    विशेषज्ञों के अनुसार, सांसद और विधायक इस योजना में सक्रिय भूमिका निभा सकते हैं। उनकी अनुशंसा और समर्थन से मरीज तेजी से एयर लिफ्ट कराए जा सकते हैं।
  • प्रचार और जागरूकता:
    अधिकारियों का कहना है कि योजना का लाभ तभी मिलेगा जब हर जिले में प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग लोगों को इसके बारे में पूरी जानकारी दे।
प्रशासन की प्रतिक्रिया

विभागीय अधिकारियों का कहना है कि योजना का उपयोग बढ़ाने के लिए अब विशेष कदम उठाए जा रहे हैं। इसके तहत:

  • सभी जिलों में स्वास्थ्य अधिकारियों और कलेक्टरों को निर्देश दिए गए हैं कि वे मरीजों को योजना के लाभ से अवगत कराएं।
  • सांसद और विधायकों से अनुरोध किया गया है कि वे मरीजों के एयर लिफ्ट में सहयोग दें।
  • एयर एंबुलेंस सेवा के प्रचार के लिए जिला स्तर पर अभियान चलाए जाएंगे, ताकि आम जनता को सुविधा के बारे में जानकारी मिले।
निष्कर्ष

पीएमश्री हवाई एंबुलेंस सेवा का उद्देश्य अत्यंत सराहनीय है—गंभीर और आपातकालीन मरीजों को तेज़ और सुरक्षित तरीके से चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना। हालांकि, मध्य प्रदेश के 32 जिलों में इसका लाभ अभी तक सीमित रहा है।

योजना की सफलता के लिए आवश्यक है कि:

  1. सभी जिलों में योजना की पूरी जानकारी जनता तक पहुंचे।
  2. सांसद, विधायक और जिला प्रशासन सक्रिय रूप से मरीजों को सेवा से जोड़ें।
  3. उड़ान घंटे और संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए।

यदि इन सुधारों को लागू किया गया, तो पीएमश्री हवाई एंबुलेंस सेवा MP के दूरस्थ और ग्रामीण क्षेत्रों में जीवनरक्षक साबित हो सकती है और हजारों मरीजों को समय पर इलाज मिल सकता है।

 

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