श्री नाकोड़ा पार्श्व भैरव दरबार पेटलावद में स्थापना दिवस एवं पूर्णिमा महोत्सव श्रद्धा, भक्ति और चमत्कारिक घटनाओं के साथ संपन्न हुआ। 36 कुण्डीय हवन, 111 फीट ध्वज और हजारों श्रद्धालुओं की उपस्थिति ने आयोजन को ऐतिहासिक बना दिया।
श्री नाकोड़ा पार्श्व भैरव दरबार पेटलावद: श्रद्धा का केंद्र
श्री नाकोड़ा पार्श्व भैरव दरबार पेटलावद एक ऐसा धार्मिक स्थल है, जहाँ श्रद्धा, विश्वास और चमत्कार एक साथ अनुभव किए जाते हैं। मेवानगर पेटलावद स्थित इस पावन दरबार में श्री नाकोड़ा भैरव स्थापना दिवस एवं पूर्णिमा महोत्सव अत्यंत भव्यता और उल्लास के साथ मनाया गया।
स्थापना दिवस पर निकली भव्य शोभायात्रा
शुक्रवार को दामोदर कॉलोनी से प्रारंभ हुई शोभायात्रा ने पूरे नगर को भक्तिरस में डुबो दिया।
इस शोभायात्रा में—
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11 बग्गियां
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11 अश्व
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2 बैंड
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11 ढोल
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111 फीट विशाल ध्वज
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51 मध्यम एवं 101 छोटे ध्वज
मुख्य आकर्षण रहे। श्री नाकोड़ा पार्श्व भैरव दरबार पेटलावद की यह यात्रा नगर के प्रमुख मार्गों से होती हुई पुनः दामोदर कॉलोनी पहुंची।
111 फीट ध्वज के साथ नगर में भक्ति की लहर
111 फीट ऊंचा ध्वज जब नगर में लहराया, तो वातावरण “जय नाकोड़ा भैरव” के जयकारों से गूंज उठा।
यह दृश्य न केवल धार्मिक बल्कि ऐतिहासिक भी रहा।
36 कुण्डीय चमत्कारी श्री नाकोड़ा भैरव हवन
दरबार परिसर में 36 कुण्डीय श्री नाकोड़ा भैरव देव का अतिचमत्कारी हवन संपन्न हुआ।
हवन के दौरान श्रद्धालुओं ने विशेष आध्यात्मिक ऊर्जा और सकारात्मकता का अनुभव किया।
चमत्कारिक दृश्य: केसर जल के छींटे
हवन के पश्चात प्रतिमाओं के समीप दीवारों पर केसर मिश्रित जल के छींटे दिखाई दिए।
श्रद्धालुओं का मानना है कि यह श्री नाकोड़ा भैरव दादा का प्रत्यक्ष चमत्कार है।
पूर्णिमा महोत्सव: भक्ति और उल्लास का संगम
रविवार को पूर्णिमा महोत्सव गादीपति श्री सुमित जी पीपाड़ा के सानिध्य में संपन्न हुआ।
प्रातः महाआरती के बाद श्रद्धालुओं ने—
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छप्पन भोग
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त्रिशूल
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डमरू
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श्रीफल
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तेल, फल एवं मिष्ठान
अर्पित कर अपनी मनोकामनाएं प्रस्तुत कीं।
देशभर से पहुंचे श्रद्धालु
मध्यप्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र और गुजरात से हजारों श्रद्धालु श्री नाकोड़ा पार्श्व भैरव दरबार पेटलावद पहुंचे।
पूरा परिसर दिनभर भजनों और जयकारों से गूंजता रहा।
नवकारसी एवं अन्नपूर्णा प्रसादी
नवकारसी एवं भोजन प्रसादी का लाभ
रखबचंद स्मित कुमार सराफ, रतलाम परिवार द्वारा लिया गया।
ट्रस्ट मंडल की सराहनीय भूमिका
आयोजन को सफल बनाने में—
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ट्रस्टी अध्यक्ष सुनील मालवीय
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ट्रस्टी राजेश काठेड़
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ट्रस्टी सौरभ खेमेसरा
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ट्रस्टी संजय जैन (मनावर)
का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
जानकारी ट्रस्टी मनीष कुमट एवं मीडिया प्रभारी पीयूष पटवा ने दी।


