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Indore : दूषित पानी से मौतों का सिलसिला जारी, 65 वर्षीय अनीता की मौत

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Published On: 2 February 2026
Another Death in Indore Due to Contaminated Water, Death Toll Reaches 32
— Another Death in Indore Due to Contaminated Water, Death Toll Reaches 32

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MP News: Indore में दूषित पानी से एक और मौत, मरने वालों की संख्या 32 तक पहुंची

मध्य प्रदेश के Indore में दूषित पानी पीने से मौतों का सिलसिला जारी है। रविवार को इंदौर की 65 वर्षीय अनीता कुशवाहा ने इलाज के दौरान अस्पताल में दम तोड़ दिया। परिजनों का दावा है कि अनीता ने दूषित पानी पीने के बाद गंभीर रूप से बीमार हो गई थीं, जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। इलाज के बावजूद रविवार को उनकी मौत हो गई। इस तरह इंदौर में दूषित पानी पीने से मरने वालों की संख्या अब 32 तक पहुंच चुकी है।

यह घटना Indore में दूषित पानी की समस्या को और गहरा करती है, जहां कई लोग इस खतरनाक स्थिति का शिकार हो चुके हैं। प्रशासन की ओर से इस समस्या को हल करने में ढिलाई बरती जा रही है, और लोग इसके चलते अपनी जान गंवा रहे हैं। अब तक कई रिपोर्ट्स और सर्वे में भी यह बात सामने आई है कि Indore के कई हिस्सों में पानी की गुणवत्ता बहुत ही खराब है, जो न केवल पीने के लिए अनुपयुक्त है बल्कि गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन रही है।

कितनी बड़ी समस्या बन चुकी है दूषित पानी

Indore में दूषित पानी की समस्या लंबे समय से चली आ रही है। पिछले कुछ महीनों में इस पर कई बार हंगामा भी हुआ है, लेकिन प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए। दूषित पानी पीने से हुए स्वास्थ्य संकट में डायरिया, उल्टी और अन्य गंभीर बीमारियां आम हो गई हैं। कई लोगों ने इसे लेकर शिकायतें भी की हैं, लेकिन इन शिकायतों को नजरअंदाज कर दिया गया है।

अनीता कुशवाहा की मौत से पहले भी कई लोग दूषित पानी पीने से अस्पतालों में भर्ती हुए थे, जिनमें से कुछ की जान भी जा चुकी है। ऐसे में यह सवाल उठता है कि क्या प्रशासन इस गंभीर समस्या के प्रति गंभीर है और कब तक इस पर कोई ठोस कदम उठाएगा।

प्रशासन की चुप्पी और स्थानीय लोगों की परेशानियां

Indore का भागीरथपुरा क्षेत्र, जहां यह समस्या सबसे ज्यादा प्रकट हुई है, वहां के लोग बहुत परेशान हैं। उन्होंने कई बार प्रशासन से पानी की गुणवत्ता सुधारने की मांग की है, लेकिन किसी भी प्रभावी कदम की जानकारी अब तक सामने नहीं आई है। पानी के दूषित होने का मुख्य कारण सीवेज और गंदगी का पानी मिलना बताया जा रहा है, जो स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक है।

इसके अलावा, कई इलाकों में पाइपलाइनों के टूटने या फिर अव्यवस्थित तरीके से रखरखाव की वजह से भी गंदा पानी लोगों तक पहुंच रहा है। इस कारण लगातार स्वास्थ्य संकट गहराता जा रहा है, और मृतकों की संख्या में इजाफा हो रहा है।

हाई कोर्ट में मामला, न्यायिक जांच के आदेश

दूषित पानी से मौतों के बढ़ते मामलों को देखते हुए इस मामले ने कानूनी मोड़ भी ले लिया है। Indore के भागीरथपुरा इलाके में हुई मौतों पर हाई कोर्ट में सुनवाई जारी है। पिछले सप्ताह मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने इस मामले में न्यायिक जांच के आदेश दिए। अदालत ने कहा कि इस समस्या की गहराई से जांच होनी चाहिए ताकि यह समझा जा सके कि दूषित पानी के कारण कितनी मौतें हुई हैं और इसके पीछे प्रशासन की जिम्मेदारी क्या है।

कोर्ट ने इस मामले की जांच के लिए एक आयोग का गठन किया है, जो रिटायर्ड जस्टिस की देखरेख में इस समस्या की जांच करेगा। कोर्ट ने जांच आयोग को चार हफ्तों के भीतर अंतरिम रिपोर्ट सौंपने का आदेश दिया है, ताकि इस मामले की गंभीरता का जल्द से जल्द पता चल सके। यह रिपोर्ट यह भी बताएगी कि क्या इस मामले में प्रशासन की लापरवाही रही है और इस समस्या के समाधान के लिए क्या कदम उठाए जाने चाहिए।

दूषित पानी से होने वाली बीमारियों का बढ़ता खतरा

Indore में दूषित पानी पीने से सिर्फ मौतें ही नहीं हो रही हैं, बल्कि विभिन्न बीमारियों के फैलने का खतरा भी बढ़ गया है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी यह स्वीकार करते हैं कि इस समय इंदौर में डायरिया, मलेरिया और पेट की अन्य बीमारियों के मामले बढ़ गए हैं। दूषित पानी में बैक्टीरिया और वायरस की भरमार होती है, जो शरीर के लिए अत्यधिक हानिकारक होते हैं। इन बीमारियों का प्रभाव सबसे ज्यादा गरीब और कमजोर वर्ग पर पड़ रहा है, जो स्वास्थ्य सेवाओं तक ठीक से पहुंच नहीं बना पा रहे हैं।

डॉक्टरों का कहना है कि दूषित पानी पीने से पेट में संक्रमण, दस्त, बुखार और अन्य रोग हो सकते हैं। खासकर बच्चों और बुजुर्गों के लिए यह और भी खतरनाक साबित हो सकता है। बच्चों में डिहाइड्रेशन के कारण मौत तक हो सकती है। ऐसे में यह अत्यंत आवश्यक हो गया है कि प्रशासन जल्द से जल्द इस समस्या का समाधान करे।

स्थानीय नागरिकों का गुस्सा और प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन

Indore के लोग अब इस स्थिति से परेशान हो चुके हैं। पिछले कुछ दिनों में दूषित पानी के कारण होने वाली मौतों और स्वास्थ्य संकट के खिलाफ स्थानीय नागरिकों ने कई बार विरोध प्रदर्शन किए हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि प्रशासन को उनकी बात सुननी चाहिए और तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए। लोग लगातार इस बात को उठा रहे हैं कि क्यों प्रशासन समय पर पानी की गुणवत्ता पर ध्यान नहीं दे रहा है और क्यों लोगों को सुरक्षित पानी नहीं मुहैया कराया जा रहा है।

यह स्थिति बेहद गंभीर है, और प्रशासन को इस पर तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए। यदि जल्दी इस समस्या का समाधान नहीं हुआ तो यह और भी अधिक जानलेवा साबित हो सकता है। लोग चाहते हैं कि सरकार इस मामले पर गंभीरता से ध्यान दे और प्रभावित क्षेत्रों में जल आपूर्ति की गुणवत्ता सुधारने के लिए ठोस कदम उठाए।

निष्कर्ष

Indore में दूषित पानी की समस्या लगातार लोगों के जीवन को खतरे में डाल रही है। प्रशासन की लापरवाही और जिम्मेदारी से बचने की प्रवृत्ति ने इस मुद्दे को और जटिल बना दिया है। हालांकि, अब इस मामले में न्यायिक जांच शुरू हो चुकी है और लोग उम्मीद कर रहे हैं कि जल्द ही इस समस्या का समाधान मिलेगा। लेकिन तब तक इंदौर में दूषित पानी पीने से हो रही मौतों और बीमारियों से लड़ने के लिए प्रशासन को अधिक जागरूकता, उपाय और सुधार की आवश्यकता है।

कुमकुम सोनी स्वराज वाणी न्यूज मे कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है। इन्होंने स्नातक पत्रकारिता एवं जनसंचार से की है। यह विशेषतः राजनीति एवं भू-राजनीति से जुड़े मुद्दों का गहन विशलेषण कर सरल भाषा में आम जनता के समक्ष प्रस्तुत करने का प्रयास करती है।… Read More

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