Indore मैराथन में दौड़ते-भागते युवक की मौत, फिनिश लाइन से मात्र 100 मीटर पहले गिरा
Indore मध्य प्रदेश की राजधानी इंदौर में रविवार, 1 फरवरी 2026 को आयोजित 12वें इंदौर मैराथन में हर्षोल्लास के बीच एक दर्दनाक हादसा हुआ। मैराथन में शामिल एक युवक की तबीयत फिनिश लाइन से सिर्फ 100 मीटर पहले अचानक बिगड़ गई और वह वहीं गिर पड़ा। डॉक्टरों की तत्काल कोशिशों के बावजूद उसकी जान नहीं बचाई जा सकी।
मृतक युवक की पहचान आर्यन के रूप में हुई है। वह मूल रूप से कोलकाता का रहने वाला था और इंदौर में अपने मामा के यहाँ ठहरा हुआ था। हादसे के समय उसके पिता दिल्ली में थे। इस घटना ने पूरे मैराथन आयोजनों के माहौल को झटके में बदल दिया और वहां मौजूद दर्शकों व प्रतिभागियों के लिए मातम जैसा माहौल बना गया।
क्या हुआ हादसे के समय?
Indore मैराथन का फिनिश लाइन नेहरू स्टेडियम में रखा गया था। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, आर्यन फिनिश लाइन की ओर बढ़ते हुए फिनिश लाइन से लगभग 100 मीटर पहले अचानक लड़खड़ा गया और 50 मीटर पहले गिर पड़ा। संयोग से उसके पीछे कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. भारत रावत दौड़ रहे थे, जिन्होंने तुरंत आर्यन को CPR (कार्डियो पल्मोनरी रिससिटेशन) देने का प्रयास किया।
सीपीआर के तुरंत बाद उसे महाराजा यशवंतराव होलकर अस्पताल की एंबुलेंस से अस्पताल भेजा गया। अस्पताल में परीक्षण करने के बाद चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक के परिजनों ने बाद में उसे बॉम्बे अस्पताल ले जाकर फिर से परीक्षण कराया, जहां भी चिकित्सकों ने मृत घोषित किया।
Indore मैराथन का आयोजन और मेडिकल इंतजाम
इस मैराथन का 12वां संस्करण आयोजित किया गया था, जिसमें “दिल से दौड़े, दिल के लिए” का नारा प्रमुख रूप से देखा गया। मैराथन में देशभर से धावक शामिल हुए थे। कुल चार इवेंट्स आयोजित किए गए – 21 किलोमीटर, 13 किलोमीटर, 5 किलोमीटर और 3 किलोमीटर की दौड़।
आयोजकों का कहना था कि मैराथन में सभी आवश्यक मेडिकल इंतजाम किए गए थे। दौड़ के दौरान मेडिकल टीम और एंबुलेंस मौजूद थी, ताकि किसी भी आकस्मिक स्थिति में तुरंत सहायता प्रदान की जा सके। हालांकि, इस हादसे में चिकित्सकीय प्रयासों के बावजूद युवक की जान नहीं बचाई जा सकी।
घटना स्थल और पुलिस की प्रतिक्रिया
यह दर्दनाक हादसा सुबह लगभग 8 से 8:30 बजे के बीच हुआ। घटना का स्थल शिवाजी वाटिका और एसबीआई बैंक के बीच बताया गया। इंदौर क्राइम ब्रांच के डीएसपी राजेश दंडोतिया ने बताया कि युवक मैराथन पूरा करने से केवल 100 मीटर दूर था, तभी उसे अचानक अटैक आया। डॉक्टरों ने तुरंत CPR दिया और उसे अस्पताल पहुंचाया, लेकिन परिणामस्वरूप युवक की मृत्यु हो गई।
घटना के बाद पुलिस ने संयोगितागंज थाना में एफआईआर दर्ज कर ली है और मामले की छानबीन शुरू कर दी है। मृतक के परिजनों को घटना की जानकारी दे दी गई है।
मृतक युवक की पृष्ठभूमि
मृतक आर्यन मूल रूप से कोलकाता का रहने वाला था। वह इंदौर में अपने मामा के साथ रहता था और माता-पिता अलग-अलग शहरों में रहते हैं। हादसे के समय, पिता दिल्ली में थे। इंदौर मैराथन में भाग लेने के लिए वह उत्साहित था और दौड़ के दौरान अपने प्रदर्शन पर पूरा ध्यान दे रहा था।
इस हादसे ने न केवल आयोजकों को बल्कि वहां उपस्थित हजारों प्रतिभागियों और दर्शकों को भी स्तब्ध कर दिया।
विशेषज्ञों की राय और स्वास्थ्य चेतावनी
कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. भारत रावत दौड़ रहे थे और आर्यन को CPR दिया। विशेषज्ञों का कहना है कि अत्यधिक थकान, हृदय की कोई पूर्व समस्या या शारीरिक असहजता जैसी वजहों से दौड़ के दौरान अचानक अटैक आ सकता है।
मेडिकल विशेषज्ञों का सुझाव है कि मैराथन या लंबी दूरी की दौड़ में भाग लेने से पहले स्वास्थ्य जांच अवश्य करवाई जाए। धावकों को दौड़ के दौरान शरीर के संकेतों पर ध्यान देना चाहिए और किसी भी असामान्य लक्षण पर तुरंत रुककर मदद लेनी चाहिए।
हादसे से मैराथन का माहौल प्रभावित
आर्यन की मौत ने पूरे इवेंट के माहौल को बदल दिया। जोश और उत्साह से भरी सुबह मातम में बदल गई। प्रतिभागियों और दर्शकों ने श्रद्धांजलि अर्पित की और घटना के प्रति गहरा दुख व्यक्त किया।
आयोजकों ने भी सभी प्रतिभागियों को शांति बनाए रखने की अपील की और मृतक के परिवार को हर संभव सहायता का आश्वासन दिया।
निष्कर्ष
Indore मैराथन 2026 की यह घटना एक चेतावनी की तरह है कि लंबी दौड़ या म्याराथन जैसी गतिविधियों में भाग लेने से पहले स्वास्थ्य जांच और उचित तैयारी बेहद जरूरी है। डॉक्टर और मेडिकल टीम की मौजूदगी महत्वपूर्ण है, लेकिन कभी-कभी आकस्मिक परिस्थितियों में यह भी जीवन बचाने में पर्याप्त नहीं होती।
आर्यन की आकस्मिक मृत्यु ने इंदौर मैराथन को हर्षोल्लास से मातम में बदल दिया और सभी प्रतिभागियों तथा आयोजकों को शॉक में डाल दिया। इस घटना ने शहरवासियों और मैराथन प्रेमियों को याद दिलाया कि खेल और प्रतिस्पर्धा के बीच स्वास्थ्य और सुरक्षा हमेशा प्राथमिकता होनी चाहिए।
