MP Weather: मध्य प्रदेश में फिर बिगड़ा मौसम, फरवरी की शुरुआत बारिश और ओलों के साथ, 25 जिलों में अलर्ट जारी
MP Weather ने फरवरी की शुरुआत में ही करवट ले ली है। राज्य के विभिन्न हिस्सों में लगातार बारिश और ओलों की संभावना के चलते मौसम विभाग ने 25 जिलों में अलर्ट जारी किया है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, अगले तीन दिन प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों में मावठे की बारिश सक्रिय रहने के आसार हैं। इसके साथ ही घना कोहरा भी जनजीवन को प्रभावित कर रहा है।
बारिश और ओले: नीमच-मंदसौर में बर्फीली घटनाएँ
रविवार को नीमच और मंदसौर जिलों में तेज आंधी और बारिश के साथ ओलों की गिरावट दर्ज की गई। ओलावृष्टि से गेहूं और सरसों की फसलों को नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है। किसानों ने बताया कि खेतों में बर्फ की सफेद परत जम गई और फसलें आड़ी-तिरछी हो गई हैं। जनवरी के आखिरी हफ्ते में हुई बारिश और ओलों की गिरावट से पहले ही फसलें प्रभावित हो चुकी थीं, अब नई गिरावट ने किसान की चिंता बढ़ा दी है।
इसके अलावा ग्वालियर, धार, मुरैना और उज्जैन समेत कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश हुई। इस दौरान MP के कई क्षेत्रों में घना कोहरा छाया रहा, जिससे दृश्यता (Visibility) बेहद कम हो गई और सुबह के समय सड़क और यातायात पर असर पड़ा।
25 जिलों में बारिश और कोहरे का अलर्ट
मौसम विभाग ने राज्य के विभिन्न जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। जिन जिलों में बारिश के ज्यादा संभावित आसार हैं, उनमें शामिल हैं:
- ग्वालियर, नीमच, मंदसौर, आगर-मालवा, राजगढ़, विदिशा, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, दतिया, श्योपुर, मुरैना, भिंड, सागर, दमोह, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, मैहर, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली।
साथ ही भोपाल, इंदौर, उज्जैन, विदिशा, रायसेन और सीहोर समेत कई जिलों में घने कोहरे का असर बना रह सकता है। मौसम विभाग ने बताया कि कोहरे के कारण विजिबिलिटी सुबह के समय 50 से 200 मीटर तक गिर सकती है, जिससे सड़क यातायात प्रभावित हो सकता है।

अगले तीन दिनों का मौसम अपडेट
मौसम विभाग ने 2 से 5 फरवरी तक प्रदेश में आने वाले मौसम के बारे में विस्तृत जानकारी जारी की है:
- 3 फरवरी: ग्वालियर-चंबल और विंध्य क्षेत्र के जिलों में भिंड, मुरैना, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, मैहर, कटनी, उमरिया, शहडोल, रीवा, मऊगंज, सीधी और सिंगरौली में बारिश के आसार।
- 4 फरवरी: ग्वालियर, भिंड, मुरैना, श्योपुर, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर में कहीं-कहीं बारिश हो सकती है।
- 5 फरवरी: बारिश का अलर्ट नहीं है, लेकिन तापमान में गिरावट और ठंड के असर का अनुमान है।
विशेषज्ञों ने बताया कि अगले तीन दिन बारिश सक्रिय रहेगी, इसलिए जनता को सतर्क रहने की आवश्यकता है।
कोहरे का प्रभाव और विजिबिलिटी में कमी
सोमवार सुबह प्रदेश के कई हिस्सों में घना कोहरा देखा गया। विशेष रूप से दतिया और खजुराहो में विजिबिलिटी घटकर केवल 50 से 200 मीटर तक रह गई। भोपाल में भी सुबह के समय कोहरे के कारण आवाजाही प्रभावित रही। मौसम विभाग ने बताया कि कोहरे के कारण सड़क दुर्घटनाओं और यातायात में रुकावटों की संभावना बनी रहती है।
तापमान में गिरावट, ठंड बढ़ने की संभावना
राज्य के कई जिलों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे रिकॉर्ड किया गया। खजुराहो, राजगढ़ और नौगांव में तापमान में गिरावट दर्ज की गई, जिससे ठंड का असर बढ़ गया। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि इस दौरान विशेष रूप से बुजुर्ग और बच्चे ठंड से प्रभावित हो सकते हैं।
ओलों का असर: फसलों को नुकसान
नीमच और मंदसौर में हुई ओलावृष्टि ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। खेतों में जम चुकी बर्फ की परत और तेज बारिश के कारण गेहूं की फसलें क्षतिग्रस्त हो रही हैं। मौसम विभाग के अनुसार, ओलावृष्टि और तेज बारिश का असर फसलों पर गंभीर हो सकता है। इससे पहले भी जनवरी के अंतिम हफ्ते में हुई बारिश और ओलों की गिरावट से गेहूं, चना और सरसों की फसलें प्रभावित हुई थीं।
मौसम का मिजाज क्यों बदला?
मौसम विभाग के अनुसार, 2 से 5 फरवरी के बीच पश्चिम-उत्तरी भारत में सक्रिय वेस्टर्न डिस्टरबेंस का असर मध्य प्रदेश में भी दिखाई देगा। इसके साथ ही जेट स्ट्रीम हवाओं की वजह से प्रदेश में सर्द हवाएं चल रही हैं। रविवार को जेट स्ट्रीम की गति 220 किलोमीटर प्रति घंटे दर्ज की गई, जो 12.6 किलोमीटर ऊंचाई पर थी। यही वजह है कि मौसम में अचानक बदलाव देखने को मिला और तापमान में गिरावट आई।
विशेषज्ञों ने बताया कि इस समय पश्चिम-उत्तरी भारत के ऊपर सक्रिय सिस्टम और जेट स्ट्रीम हवाओं का प्रभाव मैदानी इलाकों तक पहुंचा है। इससे प्रदेश के विभिन्न जिलों में बारिश, ओले और कोहरे का प्रभाव बढ़ा है।
भविष्य में ठंड का असर और सावधानी
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में जारी भारी बर्फबारी का असर मैदानी राज्यों तक पहुंचेगा। सिस्टम लौटने के बाद मध्य प्रदेश में एक और तेज ठंड का दौर देखने को मिल सकता है। दिन और रात के तापमान में गिरावट का अनुमान है।
विशेषज्ञों ने जनता से आग्रह किया है कि ठंड और कोहरे के दौरान सड़क पर सावधानी बरतें। यात्रा आवश्यक होने पर मौसम विभाग द्वारा जारी अलर्ट और चेतावनियों का पालन करें। फसल की सुरक्षा के लिए किसानों को समय रहते उपाय करने की सलाह दी गई है।
निष्कर्ष
मौसम विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, MP में फरवरी की शुरुआत बारिश और ओलों के साथ हुई है। अगले तीन दिन तक बारिश और कोहरे का प्रभाव बना रह सकता है, जबकि तापमान में गिरावट और ठंड का असर भी बढ़ेगा। किसानों और आम जनता को सतर्क रहने की आवश्यकता है। मौसम विज्ञानियों ने स्पष्ट किया है कि वेस्टर्न डिस्टरबेंस और जेट स्ट्रीम की सक्रियता के कारण मौसम में अचानक बदलाव आ सकता है।
MP में बारिश और कोहरे का असर जनजीवन, सड़क यातायात और फसलों पर पड़ सकता है। इसलिए नागरिकों को सावधानी बरतने, जरूरत पड़ने पर यात्रा स्थगित करने और मौसम विभाग द्वारा जारी अलर्ट को गंभीरता से लेने की सलाह दी गई है।
