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सिलिगुड़ी में अमित शाह का दावा: Mamata Banerjee सरकार की विदाई तय, बंगाल में सत्ता परिवर्तन नजदीक

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Published On: 31 January 2026
Amit Shah in Siliguri: ‘Mamata Banerjee Government Will Be Voted Out’, Says Home Minister
— Amit Shah in Siliguri: ‘Mamata Banerjee Government Will Be Voted Out’, Says Home Minister

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सिलिगुड़ी से अमित शाह का बड़ा दावा: 

सिलिगुड़ी/कोलकाता। पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक सरगर्मियां तेज़ हो गई हैं। इसी क्रम में शनिवार को केंद्रीय गृह मंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता अमित शाह ने सिलिगुड़ी दौरे के दौरान भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए बड़ा राजनीतिक दावा किया। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में Mamata Banerjee सरकार की विदाई अब नजदीक है और राज्य में सत्ता परिवर्तन निश्चित है। अमित शाह के इस बयान से बंगाल की राजनीति में नया चुनावी माहौल बन गया है।

चुनावी साल में बढ़ी राजनीतिक हलचल

इस साल पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव होने हैं और इसे लेकर सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (TMC) और विपक्षी भाजपा के बीच राजनीतिक टकराव तेज़ हो गया है। भाजपा राज्य में सत्ता परिवर्तन को लेकर आक्रामक रणनीति पर काम कर रही है, जबकि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी लगातार केंद्र सरकार और केंद्रीय एजेंसियों पर राजनीतिक दुर्भावना से काम करने का आरोप लगाती रही हैं।

इन आरोप-प्रत्यारोपों के बीच अमित शाह का सिलिगुड़ी दौरा भाजपा के लिए रणनीतिक रूप से काफी अहम माना जा रहा है, क्योंकि उत्तर बंगाल क्षेत्र में भाजपा को पिछले चुनावों में अपेक्षाकृत बेहतर समर्थन मिला था।

“जनता बदलाव चाहती है” — अमित शाह

सिलिगुड़ी में भाजपा कार्यकर्ताओं की बैठक को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा कि पश्चिम बंगाल की जनता ममता बनर्जी सरकार की नीतियों से असंतुष्ट हो चुकी है। उन्होंने दावा किया कि राज्य में आम लोग अब बदलाव की उम्मीद कर रहे हैं और भाजपा ही एकमात्र विकल्प के रूप में उभर रही है।

अमित शाह ने कहा,
“Mamata Banerjee सरकार की विदाई का समय अब आ गया है। बंगाल में सत्ता परिवर्तन निश्चित है और यह बदलाव जनता की इच्छा से होगा।”

ममता सरकार पर गंभीर आरोप

अपने भाषण के दौरान अमित शाह ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और उनकी सरकार पर कई गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी ने विभिन्न समुदायों को आपस में लड़ाने वाली राजनीति की है, जिससे राज्य में सामाजिक तनाव बढ़ा और एकता खतरे में पड़ी है।

उन्होंने आरोप लगाया कि लंबे समय से पश्चिम बंगाल में जानबूझकर सामाजिक विभाजन को बढ़ावा दिया गया, जिससे समाज के अलग-अलग वर्गों के बीच दूरी पैदा हुई। अमित शाह के अनुसार, यह राजनीति न केवल राज्य के विकास में बाधा बनी, बल्कि कानून-व्यवस्था की स्थिति को भी कमजोर किया।

“हिंसा, डर और भ्रष्टाचार का माहौल”

केंद्रीय गृह मंत्री ने यह भी कहा कि पश्चिम बंगाल में हिंसा, डर और भ्रष्टाचार का माहौल बना हुआ है। उन्होंने टीएमसी पर तीखा हमला करते हुए कहा कि यह पार्टी हिंसा और भय की राजनीति का पर्याय बन चुकी है।

अमित शाह ने कहा,
“बंगाल की जनता सालों से हिंसा, डर और भ्रष्टाचार झेल रही है। अब लोग इस माहौल को और सहन नहीं करेंगे।”

उन्होंने दावा किया कि चुनाव के दौरान और उसके बाद भी राज्य में राजनीतिक हिंसा आम बात बन चुकी है, जिससे लोकतांत्रिक प्रक्रिया प्रभावित हुई है।

भाजपा कार्यकर्ताओं को दिया संगठन मजबूत करने का संदेश

अपने संबोधन में अमित शाह ने भाजपा कार्यकर्ताओं से संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने की अपील की। उन्होंने कहा कि केवल भाषणों से नहीं, बल्कि कार्यकर्ताओं की मेहनत और जनता से सीधा संवाद स्थापित करने से ही बंगाल में राजनीतिक बदलाव संभव हो सकेगा।

उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि वे घर-घर जाकर लोगों से मिलें, सरकार की विफलताओं को उजागर करें और भाजपा की नीतियों व दृष्टिकोण को जनता तक पहुंचाएं।

अमित शाह ने कहा,
“अगर कार्यकर्ता मजबूत होंगे, तो संगठन मजबूत होगा। और जब संगठन मजबूत होगा, तभी बंगाल में परिवर्तन आएगा।”

टीएमसी का पलटवार

भाजपा के आरोपों पर तृणमूल कांग्रेस की ओर से पहले भी कई बार पलटवार किया जाता रहा है। टीएमसी का कहना है कि भाजपा राज्य में केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग कर रही है और राजनीतिक दबाव बनाने की कोशिश कर रही है।

मुख्यमंत्री Mamata Banerjee लगातार यह आरोप लगाती रही हैं कि चुनाव से पहले भाजपा नेताओं की राज्य यात्राएं केवल राजनीतिक माहौल बिगाड़ने और डर का वातावरण बनाने के उद्देश्य से होती हैं।

उत्तर बंगाल पर भाजपा का फोकस

राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, अमित शाह का सिलिगुड़ी दौरा भाजपा की उस रणनीति का हिस्सा है, जिसमें पार्टी उत्तर बंगाल को अपना मजबूत गढ़ बनाना चाहती है। पिछले चुनावों में इस क्षेत्र में भाजपा ने अच्छा प्रदर्शन किया था और पार्टी इस बढ़त को बनाए रखने की कोशिश कर रही है।

सिलिगुड़ी, दार्जिलिंग, जलपाईगुड़ी और आसपास के क्षेत्रों में भाजपा लगातार संगठनात्मक गतिविधियां बढ़ा रही है।

आने वाले समय में बढ़ेगी सियासी गर्मी

अमित शाह के इस दौरे और बयान के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि पश्चिम बंगाल चुनाव जैसे-जैसे नजदीक आएंगे, सियासी बयानबाज़ी और तीखी होगी। भाजपा सत्ता परिवर्तन के नारे के साथ मैदान में उतरने की तैयारी में है, जबकि टीएमसी अपनी सरकार की उपलब्धियों और केंद्र से टकराव के मुद्दे को चुनावी हथियार बनाएगी।

निष्कर्ष

सिलिगुड़ी में अमित शाह का यह बयान पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है। भाजपा ने साफ कर दिया है कि वह इस बार सत्ता परिवर्तन को लेकर पूरी तरह आक्रामक रणनीति अपनाने जा रही है। वहीं Mamata Banerjee और टीएमसी के लिए यह चुनाव सत्ता बचाने की बड़ी चुनौती साबित हो सकता है।

आने वाले महीनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या भाजपा अपने दावों को ज़मीनी समर्थन में बदल पाती है या Mamata Banerjee एक बार फिर चुनावी रण में अपनी पकड़ बनाए रखने में सफल होती हैं।

 

कुमकुम सोनी स्वराज वाणी न्यूज मे कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है। इन्होंने स्नातक पत्रकारिता एवं जनसंचार से की है। यह विशेषतः राजनीति एवं भू-राजनीति से जुड़े मुद्दों का गहन विशलेषण कर सरल भाषा में आम जनता के समक्ष प्रस्तुत करने का प्रयास करती है।… Read More

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