USICON 2026: साइक्लोथॉन से हेरिटेज वॉक तक, इंदौर बना हेल्थ और मेडिकल साइंस का ग्लोबल हब
स्वच्छता में देश का सिरमौर बन चुका इंदौर अब स्वास्थ्य और चिकित्सा विज्ञान के क्षेत्र में भी नई पहचान गढ़ता नजर आ रहा है। USICON 2026 के दूसरे दिन शहर का नजारा कुछ ऐसा था, मानो यह सिर्फ डॉक्टरों का सम्मेलन नहीं, बल्कि स्वास्थ्य, विज्ञान और जीवनशैली का भव्य उत्सव हो। सुबह से लेकर देर शाम तक इंदौर ने यह संदेश दिया कि बेहतर इलाज के साथ-साथ फिट जीवनशैली और सांस्कृतिक जुड़ाव भी उतना ही जरूरी है।
सुपर कॉरिडोर पर साइक्लोथॉन, फिटनेस का संदेश
USICON Day-2 दिन की शुरुआत सुबह 6 बजे सुपर कॉरिडोर पर आयोजित साइक्लोथॉन से हुई। सूरज की पहली किरण के साथ सैकड़ों डॉक्टर, सर्जन और युवा रेजिडेंट्स साइकिल लेकर सड़क पर उतरे। सफेद कोट की जगह स्पोर्ट्स गियर में नजर आए ये डॉक्टर आम लोगों को यह संदेश दे रहे थे कि डॉक्टर फिट तो देश फिट साइक्लोथॉन में देश-विदेश से आए विशेषज्ञों की भागीदारी ने आयोजन को खास बना दिया। सड़क के दोनों ओर लोगों ने तालियों से इन डॉक्टरों का स्वागत किया। फिटनेस, अनुशासन और सकारात्मक जीवनशैली का यह दृश्य इंदौर के लिए गर्व का पल रहा।
कन्वेंशन सेंटर में दिखा मेडिकल साइंस का हाईटेक चेहरा
साइक्लोथॉन के बाद गतिविधियों का केंद्र बना ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर, जहां चिकित्सा विज्ञान का अत्याधुनिक रूप देखने को मिला। 70 से अधिक अंतरराष्ट्रीय फैकल्टी और देश के वरिष्ठ यूरोलॉजिस्ट्स ने रोबोटिक, लेजर और मिनिमली इनवेसिव सर्जरी की नई तकनीकों पर विस्तृत सत्र लिए। USICON कार्यक्रम की शुरुआत योग सत्र से हुई, जिससे डॉक्टरों को मानसिक और शारीरिक संतुलन का संदेश दिया गया। इसके बाद सेमी-लाइव सर्जरी, इंटरनेशनल सोसाइटी लेक्चर, यूरो-ऑन्कोलॉजी केस डिस्कशन, एंडो-यूरोलॉजी अपडेट्स और विश्वस्तरीय विशेषज्ञों द्वारा लाइव सर्जरी का सीधा प्रसारण हुआ। अलग-अलग हॉल्स में एक साथ चल रहे सत्रों में युवा डॉक्टरों और सर्जनों ने ऑपरेशन थिएटर की बारीकियों को बड़े स्क्रीन पर रियल-टाइम देखा और सीखा। पूरा दिन “देखो-समझो-सीखो” थीम पर केंद्रित रहा, जिससे शिक्षा और अनुभव का अनूठा संगम बना।
आम जनता के लिए स्वास्थ्य जागरूकता पर जोर
USICON Day-2 का एक अहम पहलू आम जनता के लिए स्वास्थ्य जागरूकता रहा। विशेषज्ञों ने बताया कि आजकल किडनी स्टोन, प्रोस्टेट बढ़ना (BPH), पेशाब में जलन या खून आना, बार-बार यूरिन इंफेक्शन और ब्लैडर-किडनी कैंसर जैसी बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं। डॉक्टरों ने इसके कारणों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि कम पानी पीना, जंक फूड, धूम्रपान, लंबे समय तक बैठकर काम करना और पेशाब रोकना इन बीमारियों की प्रमुख वजहें हैं। उन्होंने लोगों को रोज 3 से 4 लीटर पानी पीने, नियमित व्यायाम करने, नमक और तले-भुने भोजन से बचने और 40 वर्ष की उम्र के बाद नियमित जांच कराने की सलाह दी। विशेषज्ञों ने चेताया कि पेशाब में दर्द, रुकावट, खून आना, कमर दर्द या रात में बार-बार उठने जैसे लक्षणों को नजरअंदाज करना गंभीर बीमारी को न्योता दे सकता है।
आयोजकों की सोच: कॉन्फ्रेंस नहीं, हेल्थ मिशन
ऑर्गनाइजिंग सेक्रेटरी डॉ. सुशील भाटिया ने कहा, USICON को हमने सिर्फ एक मेडिकल कॉन्फ्रेंस के रूप में नहीं, बल्कि एक हेल्थ मिशन के रूप में डिजाइन किया है। रोबोटिक और लेजर तकनीकें मरीजों के लिए वरदान हैं—कम दर्द, कम खून, कम अस्पताल में भर्ती और तेजी से रिकवरी।”
ऑर्गनाइजिंग कमेटी के चेयरमैन डॉ. संजय शिंदे ने कहा, हम चाहते थे कि यह आयोजन समाज से जुड़ा दिखे। इसलिए साइक्लोथॉन, मैराथन और हेरिटेज वॉक जैसे कार्यक्रम रखे गए। स्वस्थ जीवनशैली ही हर बीमारी की पहली दवा है।”
ट्रेज़रर डॉ. नितीश पाटीदार ने बताया कि 70 से ज्यादा अंतरराष्ट्रीय फैकल्टी और इतने बड़े स्तर की लाइव सर्जरी इंदौर के मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर और क्षमता को वैश्विक मंच पर प्रदर्शित कर रही है, जिससे मेडिकल टूरिज्म को भी बढ़ावा मिलेगा।
को-ऑर्गनाइजिंग सेक्रेटरी डॉ. रवि नागर ने कहा कि हर सत्र को प्रैक्टिकल रखा गया है, ताकि सीखी गई तकनीकें छोटे शहरों और गांवों तक बेहतर इलाज पहुंचा सकें।
हेल्थ और साइंस की राजधानी बनता इंदौर
USICON 2026 के दूसरे दिन ने यह साफ कर दिया कि इंदौर अब सिर्फ स्वच्छ शहर नहीं, बल्कि स्वास्थ्य, चिकित्सा विज्ञान और नवाचार का नया केंद्र बन रहा है। साइक्लोथॉन से लेकर लाइव सर्जरी और हेरिटेज वॉक तक, हर आयोजन ने इंदौर को “हेल्थ और साइंस की राजधानी” के रूप में स्थापित किया।
