Indore News: इंदौर में BRTS हटाने की प्रक्रिया तेज,
Indore शहर में लंबे समय से चर्चा में रही बीआरटीएस (BRTS) को हटाने की प्रक्रिया अब निर्णायक चरण में पहुंच गई है। नगर निगम इंदौर ने इस दिशा में अपनी कार्रवाई तेज कर दी है और आने वाले दिनों में बीआरटीएस कॉरिडोर की रैलिंग और बस स्टॉप को तोड़ने का काम शुरू किया जाएगा। इसके लिए आवश्यक टेंडर जारी कर दिए गए हैं, जिससे साफ है कि प्रशासन अब इस परियोजना को पूरी तरह समाप्त करने की दिशा में गंभीरता से आगे बढ़ रहा है।
नगर निगम की तैयारी पूरी, जल्द शुरू होगा तोड़फोड़ का काम
नगर निगम अधिकारियों के अनुसार, बीआरटीएस हटाने की प्रक्रिया को चरणबद्ध तरीके से अंजाम दिया जाएगा ताकि यातायात पर कम से कम असर पड़े। सबसे पहले BRTS कॉरिडोर पर लगी लोहे की रैलिंग और बस स्टॉप शेड को हटाया जाएगा। इसके बाद सड़क को सामान्य यातायात के लिए पूरी तरह खोल दिया जाएगा।
नगर निगम ने इसके लिए ठेकेदारों को जिम्मेदारी सौंपने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। टेंडर प्रक्रिया पूरी होते ही मशीनरी और मजदूरों की मदद से काम शुरू किया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि यह काम अगले कुछ ही दिनों में शुरू हो सकता है।
सड़क सुरक्षा के लिए बनेगा नया सेंटर डिवाइडर
BRTS हटने के बाद सड़क सुरक्षा को लेकर नगर निगम ने विशेष योजना तैयार की है। अधिकारियों के मुताबिक, BRTS कॉरिडोर के बीच में अब नया सेंटर डिवाइडर बनाया जाएगा। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि तेज रफ्तार वाहनों से होने वाली दुर्घटनाओं को रोका जा सके।
नगर निगम सूत्रों के अनुसार, सेंटर डिवाइडर निर्माण का काम भी एक-दो दिनों में शुरू होने वाला है। डिवाइडर को इस तरह डिजाइन किया जाएगा कि सड़क की चौड़ाई संतुलित रहे और ट्रैफिक फ्लो बेहतर हो सके।
क्यों हटाया जा रहा है इंदौर का BRTS?
Indore का बीआरटीएस सिस्टम जब शुरू हुआ था, तब इसे शहर के ट्रैफिक को सुव्यवस्थित करने और पब्लिक ट्रांसपोर्ट को बढ़ावा देने की एक बड़ी पहल माना गया था। लेकिन समय के साथ इस प्रोजेक्ट को लेकर कई सवाल खड़े होते गए।
- बीआरटीएस कॉरिडोर के कारण सामान्य वाहनों के लिए सड़क संकरी हो गई थी
- कई जगहों पर दुर्घटनाओं की संख्या बढ़ने की शिकायतें सामने आईं
- बसों की संख्या कम होने से कॉरिडोर का पूरा उपयोग नहीं हो पा रहा था
- आम नागरिकों और व्यापारियों ने इसे हटाने की मांग कई बार उठाई
इन सभी कारणों को ध्यान में रखते हुए सरकार और नगर निगम ने बीआरटीएस को हटाने का फैसला लिया।
जनता को क्या होगा फायदा?
बीआरटीएस हटने के बाद इंदौरवासियों को कई तरह के फायदे मिलने की उम्मीद है।
- सड़क चौड़ी होगी, जिससे ट्रैफिक जाम की समस्या कम होगी
- सभी वाहन एक ही सड़क का उपयोग कर सकेंगे
- यात्रा का समय घटेगा
- दुर्घटनाओं की संभावना कम होगी
- शहर की सड़कों पर बेहतर ट्रैफिक मैनेजमेंट संभव होगा
खासकर पीक ऑवर्स में, जब ऑफिस जाने और लौटने के समय भारी जाम लगता था, वहां अब राहत मिलने की संभावना है।
व्यापारियों और वाहन चालकों में खुशी
BRTS हटाने के फैसले से स्थानीय व्यापारियों और वाहन चालकों में खासा उत्साह देखा जा रहा है। कई व्यापारियों का कहना है कि बीआरटीएस कॉरिडोर के कारण उनकी दुकानों तक ग्राहकों की पहुंच मुश्किल हो गई थी।
वहीं, ऑटो, कार और दोपहिया वाहन चालकों का मानना है कि अब उन्हें कम रास्तों में फंसना पड़ेगा और ट्रैफिक ज्यादा स्मूद रहेगा।
ट्रैफिक पुलिस भी तैयार
बीआरटीएस हटाने के दौरान और उसके बाद ट्रैफिक व्यवस्था को संभालने के लिए ट्रैफिक पुलिस को भी अलर्ट मोड पर रखा गया है। तोड़फोड़ और निर्माण कार्य के दौरान कुछ समय के लिए रूट डायवर्जन किया जा सकता है, ताकि आम जनता को असुविधा न हो।
नगर निगम और ट्रैफिक पुलिस मिलकर यह सुनिश्चित करेंगे कि काम के दौरान एम्बुलेंस, फायर ब्रिगेड और अन्य आपात सेवाओं को कोई परेशानी न हो।
आने वाले समय में क्या बदलेगा?
बीआरटीएस हटने के बाद इंदौर की ट्रैफिक व्यवस्था में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। नगर निगम भविष्य में:
- स्मार्ट ट्रैफिक सिग्नल
- बेहतर सड़क मार्किंग
- पैदल यात्रियों के लिए सुरक्षित क्रॉसिंग
- साइकिल ट्रैक और फुटपाथ सुधार
जैसे कई प्रोजेक्ट्स पर भी काम करने की योजना बना रहा है।
इंदौर के विकास की नई दिशा
इंदौर लगातार स्वच्छता और शहरी विकास के क्षेत्र में देशभर में अपनी पहचान बना चुका है। बीआरटीएस हटाने का फैसला भी शहर को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप ढालने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
नगर निगम का दावा है कि यह फैसला जनता की सुविधा, सुरक्षा और बेहतर यातायात व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। आने वाले महीनों में इसके सकारात्मक परिणाम शहरवासियों को साफ तौर पर देखने को मिलेंगे।
