Bhopal की चंबल कॉलोनी में गंदा-बदबूदार पानी, जोनल अधिकारी गायब, नागरिकों में आक्रोश
Bhopal की चंबल कॉलोनी में लंबे समय से चल रही जलापूर्ति व्यवस्था के गंभीर संकट ने स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ा दी है। कॉलोनीवासियों ने बताया कि उनके घरों तक गंदा और बदबूदार पानी पहुंच रहा है, जिससे उनकी सेहत पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। समस्या इतनी गंभीर है कि इससे पहले इंदौर में दूषित पानी पीने से 28 लोगों की मौत हो चुकी है, लेकिन Bhopal नगर निगम प्रशासन ने अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है। स्थानीय नागरिकों की लगातार शिकायतों के बाद कांग्रेस नेता मनोज शुक्ला मौके पर पहुंचे और कॉलोनी में जलापूर्ति की वास्तविक स्थिति का निरीक्षण किया। उन्होंने रहवासियों के साथ मिलकर एक बाल्टी में गंदा पानी भरा और जोनल कार्यालय का घेराव किया। इस दौरान उन्होंने पानी का नमूना अधिकारियों को दिखाया और तत्काल सुधार की मांग की।
जोनल अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचे
मनोज शुक्ला और नागरिकों के प्रदर्शन की सूचना पहले ही मिल जाने के कारण जोनल प्रभारी और असिस्टेंट इंजीनियर (वॉटर सप्लाई) मौके से गायब रहे। इस कारण नागरिकों ने अधिकारियों को अपनी शिकायत की लिखित प्रति भी नहीं सौंप पाई। यह घटना प्रशासन की उदासीनता और समस्या के प्रति संवेदनशीलता की कमी को उजागर करती है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि गंदे पानी के लगातार इस्तेमाल से उनके परिवारों में स्वास्थ्य समस्याएं बढ़ रही हैं। बच्चों और बुजुर्गों पर इसका सबसे अधिक असर पड़ रहा है। कॉलोनीवासियों ने Bhopal नगर निगम से तत्काल कदम उठाने की मांग की है, ताकि उन्हें साफ और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराया जा सके।
इंदौर जैसी घटना का खतरा
कांग्रेस नेता मनोज शुक्ला ने इस मामले को लेकर गंभीर चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि इंदौर में दूषित पानी पीने से लोगों की मौत की घटना हुई थी, लेकिन Bhopal नगर निगम ने अभी तक कोई सबक नहीं लिया। चंबल कॉलोनी में सीवरेज नाली से होकर गुजर रही जलापूर्ति लाइन और गंदा पानी वितरण प्रशासन की लापरवाही का परिणाम है। मनोज शुक्ला ने कहा, “पेयजल की गुणवत्ता जांच के लिए 11 प्रकार की परीक्षण प्रक्रिया निर्धारित हैं, लेकिन कॉलोनी में केवल क्लोरीन की एक जांच कर दी जाती है और नाली के पानी को पीने योग्य बताया जा रहा है। यह जनता की जान के साथ खिलवाड़ है। यदि जल्द ही ठोस कार्रवाई नहीं की गई, तो भोपाल में भी इंदौर के भागीरथपुरा जैसी दर्दनाक घटना दोहराई जा सकती है।”
Bhopal नगर निगम की लापरवाही
स्थानीय नागरिकों ने Bhopal नगर निगम की व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि जोनल अधिकारी और इंजीनियर समय पर मौके पर नहीं आते और कॉलोनी में जलापूर्ति की वास्तविक स्थिति का मूल्यांकन नहीं करते। लोगों की शिकायतों के बावजूद प्रशासनिक उदासीनता समस्या को बढ़ाती जा रही है। कॉलोनीवासियों ने बताया कि पानी का रंग और गंध रोजाना बदलती रहती है। कभी-कभी पानी पीने योग्य नहीं रहता, और परिवार के सदस्यों को लगातार बीमारियों का सामना करना पड़ता है। बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा के लिए यह एक गंभीर चिंता का विषय बन गया है।
नागरिकों ने की तत्काल सुधार की मांग
मनोज शुक्ला ने मौके पर उपस्थित नागरिकों के साथ मिलकर Bhopal नगर निगम अधिकारियों से तत्काल सुधार की मांग की। उन्होंने कहा कि जलापूर्ति लाइन की पूरी जांच होनी चाहिए और पाइपलाइन की सफाई और मरम्मत का काम तुरंत शुरू किया जाए। उनका जोर यह था कि नागरिकों को साफ और सुरक्षित पानी उपलब्ध कराया जाए, जिससे उनके स्वास्थ्य पर खतरा कम हो। कॉलोनीवासियों ने चेतावनी दी है कि अगर नगर निगम जल्द ही समस्या का समाधान नहीं करता है, तो वे बड़े प्रदर्शन और आंदोलन के लिए मजबूर होंगे। उनकी मांग है कि पूरे इलाके की जलापूर्ति व्यवस्था की समीक्षा कर प्रशासन दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करे।
