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Rewa संभाग ने किया मोहन सरकार का ‘खजाना’ भरने में टॉप, सिंगरौली जिले ने लिया सबसे बड़ा योगदान

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Published On: 29 January 2026
Rewa Division's 58.2% Revenue Collection Leaves Other MP Divisions Behind
— Rewa Division's 58.2% Revenue Collection Leaves Other MP Divisions Behind

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MP में राजस्व संग्रहण के मामले में इस वर्ष Rewa संभाग ने शीर्ष स्थान प्राप्त किया है, और इसके पीछे सिंगरौली जिले का अहम योगदान है। राज्य सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026 के लिए राजस्व संग्रहण का लक्ष्य निर्धारित किया था, जिसमें सभी जिलों को अपने-अपने हिस्से की वसूली करनी थी। सिंगरौली जिले ने अपने निर्धारित लक्ष्य से अधिक संग्रहण कर यह साबित कर दिया कि उसे इस क्षेत्र में उत्कृष्टता प्राप्त है। इसके साथ ही, Rewa संभाग ने अपनी बेजोड़ सफलता के साथ प्रदेश के अन्य संभागों जैसे इंदौर और भोपाल को भी पछाड़ दिया है।

Rewa संभाग की सफलता की कहानी

राजस्व संग्रहण की स्थिति को देखें तो Rewa संभाग ने इस वर्ष अपने लक्ष्य का 58.2 प्रतिशत संग्रहण किया है। यह आंकड़ा प्रदेश के अन्य प्रमुख संभागों के मुकाबले कहीं बेहतर है। प्रदेश सरकार ने इस साल कुल 1260 करोड़ रुपये का राजस्व संग्रहण लक्ष्य निर्धारित किया था। इसमें से अब तक 437.25 करोड़ रुपये की वसूली हो चुकी है। रीवा संभाग ने अपने हिस्से का 58.2 प्रतिशत संग्रहण किया, जो इंदौर और भोपाल जैसे बड़े संभागों से भी अधिक है। यह आंकड़ा इस बात को सिद्ध करता है कि रीवा संभाग में राजस्व वसूली के कार्य में किस प्रकार की कड़ी मेहनत और प्रबंधन किया गया है।

इसके बावजूद, सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है सिंगरौली जिले ने। इस जिले ने सबसे अधिक राजस्व संग्रहण किया है, और यही कारण है कि रीवा संभाग की ग्रेडिंग प्रदेश में ऊंची रही है। सिंगरौली ने अकेले ही 145 करोड़ रुपये के लक्ष्य में से 97.12 करोड़ रुपये का संग्रहण किया, जो कुल लक्ष्य का 67 प्रतिशत है। यह आंकड़ा बहुत महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह दिखाता है कि सिंगरौली जिला कितनी मेहनत और लगन से कार्य कर रहा है।

सिंगरौली जिले का प्रदर्शन

सिंगरौली जिले ने जो प्रदर्शन किया है, वह न केवल रीवा संभाग बल्कि पूरे प्रदेश के लिए प्रेरणा का स्रोत है। सिंगरौली जिले को इस वर्ष 145 करोड़ रुपये का राजस्व संग्रहण लक्ष्य दिया गया था। इस लक्ष्य में से 97.12 करोड़ रुपये की वसूली कर जिले ने अपने लक्ष्य का 67 प्रतिशत हासिल किया। यह आंकड़ा प्रदेश के अन्य जिलों के मुकाबले बेहतरीन है और यह दर्शाता है कि सिंगरौली जिले में राजस्व वसूली के कार्य को लेकर किस तरह की सक्रियता और तत्परता बरती गई है।

यह तथ्य बेहद महत्वपूर्ण है कि जब पूरे प्रदेश के लिए लक्ष्य तय किया गया, तो सिंगरौली जिला ने अपनी दक्षता और सही प्रबंधन के कारण इस लक्ष्य को सफलतापूर्वक प्राप्त किया। इस सफलता से न केवल जिले की कार्यक्षमता को बल मिला, बल्कि पूरे रीवा संभाग का राजस्व संग्रहण आंकड़ा भी बेहतर हुआ।

अन्य जिलों का प्रदर्शन

जहां सिंगरौली ने शानदार प्रदर्शन किया, वहीं रीवा संभाग के अन्य जिलों का भी योगदान रहा। मध्य प्रदेश के विभिन्न संभागों और जिलों ने राजस्व संग्रहण के इस अभियान में भाग लिया, और उनकी सफलता का आंकड़ा भी गौर करने योग्य है।

  • शहडोल संभाग ने 57.7 प्रतिशत संग्रहण किया।
  • ग्वालियर संभाग में 40 प्रतिशत वसूली हुई।
  • नर्मदापुरम संभाग ने 39 प्रतिशत राजस्व संग्रहण किया।
  • उज्जैन संभाग ने 32 प्रतिशत वसूली की।
  • जबलपुर संभाग में 31 प्रतिशत वसूली हुई।
  • चंबल संभाग ने 30.2 प्रतिशत संग्रहण किया।
  • भोपाल संभाग में 30 प्रतिशत वसूली हुई।
  • सागर संभाग में 27 प्रतिशत वसूली हुई।
  • इंदौर संभाग ने केवल 21 प्रतिशत संग्रहण किया।

इन आंकड़ों को देखकर यह स्पष्ट होता है कि प्रदेश के कुछ हिस्सों में राजस्व संग्रहण की गति धीमी रही है। हालांकि, कई जिलों ने अपने निर्धारित लक्ष्यों को पूरा करने के लिए महत्वपूर्ण प्रयास किए, लेकिन अभी भी कुछ जिलों में इस कार्य में रुकावटें थीं।

Rewa जिले की स्थिति

जहां Rewa संभाग ने अच्छा प्रदर्शन किया है, वहीं रीवा जिले का राजस्व संग्रहण सामान्य स्थिति में रहा। इस जिले को 18 करोड़ रुपये का लक्ष्य दिया गया था, जिसमें से 7.35 करोड़ रुपये की वसूली की गई। हालांकि, यह आंकड़ा राज्य के अन्य जिलों के मुकाबले थोड़ा कम है, लेकिन फिर भी रीवा जिले ने अच्छा प्रयास किया है। इसके बावजूद, रीवा जिला प्रदेश के 21वें स्थान पर है, जो यह दर्शाता है कि इस जिले को भविष्य में अधिक ध्यान देने की आवश्यकता हो सकती है।

साथ ही, सतना जिले ने 28 करोड़ रुपये के लक्ष्य में से 9.91 करोड़ रुपये की वसूली की, जो कि 35 प्रतिशत वसूली के बराबर है। सीधी जिले ने भी 6 करोड़ रुपये के लक्ष्य में से 42 प्रतिशत के हिसाब से 2.53 करोड़ रुपये की वसूली की।

सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाले जिले

राजस्व संग्रहण में सबसे अच्छा प्रदर्शन अनूपपुर जिले ने किया। अनूपपुर जिले को 10 करोड़ रुपये का लक्ष्य दिया गया था, जिसमें से 7.84 करोड़ रुपये की वसूली की गई, जो कि 78 प्रतिशत लक्ष्य का प्रतिनिधित्व करता है। हालांकि, अनूपपुर जिले का लक्ष्य छोटा था, लेकिन यह प्रदर्शन साबित करता है कि यदि जिले को अच्छे लक्ष्य मिले तो वे इसे आसानी से प्राप्त कर सकते हैं।

निष्कर्ष

इस वर्ष का राजस्व संग्रहण अभियान MP के लिए महत्वपूर्ण साबित हुआ है, खासकर रीवा संभाग और सिंगरौली जिले के योगदान के कारण। इन दोनों ने मिलकर प्रदेश सरकार को अपना वित्तीय लक्ष्य पूरा करने में मदद की है। प्रदेश के अन्य जिलों में भी अच्छे प्रयास किए गए हैं, लेकिन सिंगरौली का प्रदर्शन सबसे बेहतर रहा।

राजस्व संग्रहण के इस सफर ने यह भी दिखाया कि जब स्थानीय प्रशासन, जिला प्रशासन और सरकार के बीच समन्वय होता है, तो वित्तीय लक्ष्यों को हासिल करना कहीं अधिक सरल और प्रभावी हो सकता है। मध्य प्रदेश सरकार को इस वर्ष की सफलता पर गर्व होना चाहिए, और आने वाले वर्षों में इस मॉडल को अन्य जिलों में भी लागू करने की आवश्यकता है, ताकि प्रदेश का आर्थिक और वित्तीय ढांचा मजबूत बने।

कुमकुम सोनी स्वराज वाणी न्यूज मे कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है। इन्होंने स्नातक पत्रकारिता एवं जनसंचार से की है। यह विशेषतः राजनीति एवं भू-राजनीति से जुड़े मुद्दों का गहन विशलेषण कर सरल भाषा में आम जनता के समक्ष प्रस्तुत करने का प्रयास करती है।… Read More

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