Indore:
Indore नगर निगम ने बीआरटीएस BRTS के रैलिंग और बस स्टॉप को हटाने के लिए दो अलग-अलग पैकेज में टेंडर जारी किए हैं। यह कदम कोर्ट द्वारा नगर निगम पर लगाई गई फटकार के बाद उठाया गया है। नगर निगम को उम्मीद है कि इस प्रक्रिया से उसे डेढ़ करोड़ रुपये से अधिक की आय हो सकती है। और यदि कोई ठेकेदार इस कार्य के लिए रुचि नहीं दिखाता है, तो निगम खुद अपने संसाधनों से यह कार्य पूरा करेगा।
निगम के लिए एक बड़ी चुनौती बने बीआरटीएस ढांचे
BRTS की रैलिंग और बस स्टॉप नगर निगम के लिए एक बड़ी समस्या बन चुकी हैं। कई महीनों से कोर्ट ने निगम से लगातार यह पूछा था कि इन ढांचों को हटाने की प्रक्रिया क्यों नहीं पूरी हो पाई। कोर्ट ने नगर निगम को कड़ी फटकार लगाई थी, जिससे निगम को इस कार्य में तेजी लाने के लिए कदम उठाने पड़े। निगम ने अब दो अलग-अलग पैकेजों में टेंडर जारी किए हैं, जिससे इस काम में पारदर्शिता बनी रहे और समय पर कार्य पूरा हो सके।
आय और कार्य की योजना
निगम अधिकारियों के अनुसार, BRTS के ढांचे को हटाने से निगम को अच्छी खासी आय हो सकती है। निरंजनपुर से लेकर राजीव गांधी प्रतिमा तक के BRTS के रैलिंग और बस स्टॉप को हटाने का काम प्रस्तावित है। इस कार्य से निगम को डेढ़ करोड़ रुपये से अधिक की आमदनी होने का अनुमान है। निगम ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि टेंडर प्रक्रिया में कोई ठेकेदार सामने नहीं आता है, तो वह खुद ही यह कार्य शुरू करेगा।
BRTS के ठेकेदारों द्वारा काम छोड़ने का मामला
यह पहली बार नहीं है, जब नगर निगम ने BRTS के ढांचे को तोड़ने का ठेका किसी ठेकेदार को सौंपा था। इससे पहले भी एक ठेकेदार को यह काम सौंपा गया था, लेकिन ठेकेदार ने अधूरा काम छोड़ दिया और फरार हो गया था। इस लापरवाही के कारण नगर निगम को अदालत की फटकार का सामना करना पड़ा था। इस बार नगर निगम ने टेंडर प्रक्रिया को और कड़ा किया है ताकि कोई ठेकेदार काम छोड़कर न भागे। इसके अलावा, अब ठेकेदार को यह शर्त दी गई है कि काम को 60 दिन के भीतर पूरा किया जाएगा, ताकि समय पर कार्य पूरा हो सके।
60 दिन में काम पूरा करने की शर्त
नगर निगम ने यह शर्त रखी है कि जो भी ठेकेदार इस कार्य को लेगा, उसे 60 दिन के भीतर यह काम पूरा करना होगा। यह शर्त समय सीमा के भीतर कार्य पूरा करने के लिए रखी गई है। निगम अधिकारियों का मानना है कि यह शर्त ठेकेदारों को जिम्मेदार बनाएगी और कार्य में कोई और देरी नहीं होगी। यदि इस प्रक्रिया में कोई ठेकेदार सामने नहीं आता है, तो निगम अपने संसाधनों से ही यह कार्य करेगा। पहले भी निगम ने स्टेडियम क्षेत्र में बस स्टॉप तोड़ने का कार्य अपने स्तर पर कराया था, और अब वह इस काम को भी खुद करने की योजना बना रहा है।
निगम का दृढ़ संकल्प
नगर निगम इस बार पूरी तरह से दृढ़ संकल्पित है कि काम समय पर पूरा होगा और किसी भी हालत में यह कार्य नहीं छोड़ा जाएगा। नगर निगम के अधिकारियों का कहना है कि यह कार्य निगम के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे न केवल कोर्ट की फटकार से निपटा जा सकेगा, बल्कि निगम को अतिरिक्त आय भी हो सकती है। अगर ठेकेदारों की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिलती है, तो निगम के पास पहले से तैयारी है और वह इस कार्य को अपने स्तर पर शुरू करेगा।
निष्कर्ष
BRTS की रैलिंग और बस स्टॉप को हटाने का कार्य नगर निगम के लिए एक बड़ी चुनौती है। हालांकि, निगम ने इस कार्य को लेकर अपनी पूरी तैयारी कर ली है। नगर निगम की योजना है कि इस कार्य को जल्द से जल्द और सही तरीके से पूरा किया जाए, ताकि इस मुद्दे को और ज्यादा लटकाया न जाए। अगर ठेकेदारों से प्रतिक्रिया नहीं मिलती है, तो निगम अपने संसाधनों से इस कार्य को अंजाम देगा, जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि कोर्ट द्वारा लगाए गए समय सीमा का पालन किया जा सके।
नगर निगम का यह कदम न केवल प्रशासनिक जिम्मेदारी को निभाने के लिए है, बल्कि यह सुनिश्चित करने के लिए भी है कि शहर में बीआरटीएस के ढांचे को हटाने की प्रक्रिया बिना किसी और देरी के पूरी हो।

1 thought on “Indore: नगर निगम ने BRTS रैलिंग और बस स्टॉप हटाने के लिए टेंडर जारी किए”
Comments are closed.