विंध्य में MLA की सुरक्षा पर सवाल: मनगवा में भाजपा विधायक के साथ गाली-गलौज और मारपीट की कोशिश
विंध्य क्षेत्र इन दिनों अपने MLA की सुरक्षा को लेकर चर्चा में है। हाल ही में मनगवा के भाजपा MLA नरेंद्र प्रजापति के साथ अभद्रता और मारपीट की कोशिश की गई, जिससे यह सवाल फिर उठ गया है कि क्या क्षेत्र में विधायकों की सुरक्षा सुनिश्चित है। यह घटना राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में सुर्खियों में बनी हुई है और सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है।
मऊगंज MLA के बाद सुरक्षा पर चिंता
पिछले कुछ दिनों से विंध्य क्षेत्र में MLA की सुरक्षा को लेकर चिंताएँ बढ़ी हुई हैं। मऊगंज के विधायक प्रदीप पटेल का हाल ही में गायब होने और डरे हुए नजर आने का वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें उन्होंने अपने परिवार के लोगों को घर से बाहर न निकलने और सतर्क रहने की सलाह देते हुए देखा गया। इस घटना के बाद क्षेत्र के अन्य MLA की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई थी। अब इसी कड़ी में एक और मामला सामने आया है, जिसमें मनगवा विधानसभा क्षेत्र के भाजपा MLA नरेंद्र प्रजापति के साथ अभद्रता की गई। यह घटना स्पष्ट रूप से दिखाती है कि विंध्य में MLA की सुरक्षा को लेकर प्रशासन को अलर्ट रहने की जरूरत है।
भाजपा MLA के साथ गाली-गलौज और मारपीट की कोशिश
मंगलवार को मनगवा में अपने जन्मदिन के अवसर पर MLA नरेंद्र प्रजापति सुरानाथ हनुमान मंदिर परिसर में जन्मदिन मना रहे थे। इस दौरान कुछ स्थानीय लोग, जिनके नाम रिंकू सिंह और गुड्डू उर्फ गड़ासा बताए जा रहे हैं, वहां पहुंचे और विधायक के साथ गाली-गलौज करना शुरू कर दिया। इसके साथ ही उन्होंने मारपीट करने की भी कोशिश की। घटना के दौरान मंदिर परिसर में मौजूद लोगों और विधायक के सुरक्षाकर्मियों ने तुरंत हस्तक्षेप किया और स्थिति को नियंत्रित किया। इसके बाद विधायक ने तुरंत जिले के पुलिस अधीक्षक को इसकी जानकारी दी। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इस घटना में शामिल एक व्यक्ति को गिरफ्तार कर लिया। सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में देखा जा सकता है कि कैसे कुछ लोग अभद्र भाषा का प्रयोग कर रहे हैं और विधायक के साथ झूमाझटकी करने की कोशिश कर रहे हैं। यह वीडियो न केवल स्थानीय लोगों बल्कि पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बन गया है।
MLA का बयान और सुरक्षा पर सवाल
MLA नरेंद्र प्रजापति ने क्षेत्रीय मीडिया से बात करते हुए कहा कि वह अधिक समय जनता के बीच ही रहते हैं, लेकिन फिर भी उनके साथ इस तरह की अभद्रता की गई। उन्होंने कहा, “यह लोग अपराधी थे, जिनके खिलाफ पुलिस को शिकायत की गई है। प्रशासन ने कार्रवाई शुरू कर दी है। लेकिन सवाल यही उठता है कि क्या विंध्य में MLA सुरक्षित नहीं हैं?” उन्होंने यह भी कहा कि विंध्य क्षेत्र में हमेशा विधायक जनता के बीच रहते हैं और उनके साथ सामान्य व्यवहार होना चाहिए, लेकिन यह घटना दिखाती है कि विधायक भी अब असुरक्षित महसूस करने लगे हैं।
पुलिस की प्रतिक्रिया
पुलिस का कहना है कि उन्हें सूचना मिली थी कि विधायक के साथ कुछ लोगों ने अभद्रता की है। हालांकि अभी तक घटना की लिखित शिकायत नहीं दी गई है। उन्होंने यह भी कहा कि जिन लोगों ने यह हरकत की, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा रही है। एक व्यक्ति को गिरफ्तार कर लिया गया है और अन्य आरोपियों की पहचान के लिए जांच जारी है। पुलिस अधिकारियों ने यह स्पष्ट किया कि MLA की सुरक्षा प्राथमिकता है और किसी भी प्रकार की हिंसा या अभद्रता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने जनता से अपील की कि किसी भी प्रकार की हिंसा की सूचना तुरंत पुलिस को दें।
सुरक्षा को लेकर बढ़ती चिंता
यह घटना विंध्य में MLA की सुरक्षा को लेकर कई सवाल खड़े करती है। मऊगंज MLA प्रदीप पटेल के हाल ही में गायब होने और डर के कारण सार्वजनिक रूप से सतर्क रहने की हिदायत देने के बाद, यह घटना स्पष्ट संकेत है कि क्षेत्र में विधायकों के प्रति असुरक्षा का माहौल है। विशेषज्ञों का कहना है कि राजनीतिक और सामाजिक रूप से संवेदनशील क्षेत्रों में विधायकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है। उन्हें न केवल व्यक्तिगत सुरक्षा के साधन उपलब्ध कराने चाहिए, बल्कि ऐसे मामलों को रोकने के लिए सतर्क निगरानी भी आवश्यक है।
