77वें गणतंत्र दिवस पर ‘दि पूना मर्चेंट्स चेंबर’ ने शुरू किया स्वदेशी उत्पाद जनजागृति अभियान
77वें गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर पुणे के व्यापारिक जगत की प्रतिष्ठित संस्था ‘दि पूना मर्चेंट्स चेंबर’ ने देशभक्ति को केवल समारोह तक सीमित न रखते हुए उसे आर्थिक आत्मनिर्भरता से जोड़ने की एक सार्थक पहल की। चेंबर परिसर में पूरे सम्मान और गौरव के साथ तिरंगा फहराया गया, लेकिन इस ध्वजारोहण की खास बात यह रही कि इसके साथ ही एक ऐसे संकल्प का उद्घोष हुआ, जो भारतीय अर्थव्यवस्था, स्थानीय व्यापार और कारीगरों के भविष्य को नई दिशा देने की क्षमता रखता है।
इस अवसर पर चेंबर ने ‘स्वदेशी उत्पाद जनजागृति अभियान’ का औपचारिक शुभारंभ किया। यह अभियान न केवल भारतीय उत्पादों के उपयोग को बढ़ावा देगा, बल्कि देश में निर्मित वस्तुओं के प्रति उपभोक्ताओं में विश्वास और गर्व की भावना को भी सशक्त करेगा। कार्यक्रम के दौरान यह स्पष्ट संदेश दिया गया कि देश की प्रगति केवल नीतियों से नहीं, बल्कि नागरिकों के दैनिक व्यवहार और खरीदारी के निर्णयों से भी तय होती है।
स्वदेशी को जीवनशैली बनाने का आह्वान
ध्वजारोहण के पश्चात आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए चेंबर के अध्यक्ष राजेंद्र बाठिया ने कहा कि भारत के स्थानीय उद्यमियों, कारीगरों और छोटे निर्माताओं में प्रतिभा और गुणवत्ता की कोई कमी नहीं है। आवश्यकता केवल सही मंच, उचित बाजार और समाज के सहयोग की है। उन्होंने कहा कि यदि प्रत्येक नागरिक यह संकल्प ले कि वह प्राथमिकता से स्वदेशी उत्पादों का उपयोग करेगा, तो देश की पूंजी देश में ही रहेगी और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
उन्होंने यह भी कहा कि ‘वोकल फॉर लोकल’ केवल एक नारा नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर भारत की नींव है। यह अभियान उपभोक्ताओं को यह समझाने का प्रयास करेगा कि स्वदेशी उत्पाद अपनाना केवल देशभक्ति नहीं, बल्कि एक व्यावहारिक और आर्थिक रूप से लाभकारी निर्णय भी है।
व्यापारियों ने लिया सामूहिक संकल्प
कार्यक्रम के दौरान चेंबर के सदस्यों और उपस्थित व्यापारियों ने सामूहिक रूप से यह प्रतिज्ञा ली कि वे न केवल स्वयं स्वदेशी उत्पादों का अधिक से अधिक उपयोग करेंगे, बल्कि अपने ग्राहकों और समाज को भी इसके लिए प्रेरित करेंगे। यह संकल्प इस बात का प्रतीक था कि व्यापार जगत अब केवल लाभ तक सीमित नहीं रहना चाहता, बल्कि राष्ट्र निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाने के लिए तत्पर है।
इस पहल के माध्यम से चेंबर ने यह संदेश दिया कि व्यापार और राष्ट्रहित एक-दूसरे के पूरक हैं। जब स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा मिलेगा, तो छोटे उद्योग मजबूत होंगे, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी और देश की आर्थिक संरचना और अधिक सुदृढ़ होगी।

युवा व्यापारियों के लिए नई उम्मीद
इस अवसर पर पुणे के मार्केटयार्ड और अन्य व्यापारिक क्षेत्रों से जुड़े युवा व्यापारियों की बड़ी संख्या में उपस्थिति ने कार्यक्रम को विशेष बना दिया। युवाओं में उत्साह और आत्मविश्वास स्पष्ट रूप से झलक रहा था। चेंबर ने इस मंच से यह स्वीकार किया कि भविष्य की व्यापारिक दिशा युवाओं के हाथ में है और उन्हें आधुनिक सोच, तकनीक और नेटवर्किंग के अवसर प्रदान करना समय की आवश्यकता है।
इसी सोच को आगे बढ़ाते हुए चेंबर ने ‘चेंबर बिजनेस नेटवर्क’ (CBN) नामक एक आधुनिक और डिजिटल प्लेटफॉर्म की घोषणा की। यह मंच व्यापारियों को आपस में जोड़ने, नए अवसर तलाशने, उत्पादों के प्रचार-प्रसार और सहयोग के नए रास्ते खोलने में सहायक होगा।
चेंबर बिजनेस नेटवर्क (CBN): व्यापार का नया आयाम
‘चेंबर बिजनेस नेटवर्क’ को विशेष रूप से छोटे और मध्यम व्यापारियों के हित में तैयार किया गया है। इसके माध्यम से व्यापारी न केवल स्थानीय स्तर पर, बल्कि राष्ट्रीय और वैश्विक बाजारों से भी जुड़ सकेंगे। इस प्लेटफॉर्म पर उत्पादों की जानकारी, व्यापारिक संपर्क, प्रशिक्षण और मार्गदर्शन जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
चेंबर पदाधिकारियों का मानना है कि डिजिटल युग में नेटवर्किंग ही सफलता की कुंजी है। CBN के जरिए पुणे का व्यापार जगत पारंपरिक सीमाओं से बाहर निकलकर आधुनिक और प्रतिस्पर्धी स्वरूप में सामने आएगा, जहां स्वदेशी उत्पादों की गुणवत्ता और पहचान वैश्विक स्तर पर स्थापित हो सकेगी।
वोकल फॉर लोकल को मिलेगी नई ताकत
‘दि पूना मर्चेंट्स चेंबर’ की यह पहल न केवल एक अभियान है, बल्कि एक दीर्घकालिक दृष्टि का परिचायक है। यह प्रयास व्यापार को सामाजिक जिम्मेदारी से जोड़ता है और ‘वोकल फॉर लोकल’ को एक ठोस और व्यावहारिक रूप देता है। जब व्यापारी, उपभोक्ता और निर्माता एक साथ मिलकर स्वदेशी के पक्ष में खड़े होते हैं, तो उसका प्रभाव केवल बाजार तक सीमित नहीं रहता, बल्कि समाज और राष्ट्र दोनों को सशक्त करता है।
कार्यक्रम में यह भी कहा गया कि आने वाले समय में चेंबर द्वारा कार्यशालाएं, जागरूकता कार्यक्रम और प्रदर्शनी आयोजित की जाएंगी, ताकि स्वदेशी उत्पादों की गुणवत्ता, विविधता और उपयोगिता को आम जनता तक प्रभावी ढंग से पहुंचाया जा सके।
देशभक्ति से आत्मनिर्भरता की ओर
77वें गणतंत्र दिवस पर आयोजित यह कार्यक्रम इस बात का उदाहरण बन गया कि देशभक्ति केवल भावनाओं का विषय नहीं, बल्कि ठोस कार्य और संकल्प का नाम है। तिरंगे की शान के साथ लिया गया यह स्वदेशी संकल्प आने वाले समय में पुणे ही नहीं, बल्कि पूरे देश के व्यापारिक समुदाय के लिए प्रेरणा बन सकता है।
‘दि पूना मर्चेंट्स चेंबर’ की यह पहल यह साबित करती है कि जब व्यापार, युवा ऊर्जा और राष्ट्रप्रेम एक साथ आते हैं, तो आत्मनिर्भर भारत का सपना केवल नारा नहीं रह जाता, बल्कि हकीकत में बदलने लगता है।
