दादा जिनकुशल सूरीजी रजत जयंती महोत्सव गढ़ सिवाना में आस्था, भक्ति और संस्कृति का अद्भुत संगम देखने को मिला। पंचदिवसीय आयोजन ऐतिहासिक बना।
दादा जिनकुशल सूरीजी रजत जयंती महोत्सव गढ़ सिवाना
दादा जिनकुशल सूरीजी रजत जयंती महोत्सव गढ़ सिवाना नगर की पुण्यभूमि चम्पावाड़ी में आस्था, भक्ति और उल्लास का विराट संगम बनकर सामने आया। पंचदिवसीय आयोजन ने न केवल धार्मिक चेतना को जाग्रत किया, बल्कि समाज को एक सूत्र में बांधने का कार्य भी किया।
गढ़ सिवाना की यह ऐतिहासिक भूमि एक बार फिर गौरवशाली क्षणों की साक्षी बनी, जब सीमंधर स्वामी जिनालय, दादावाड़ी एवं गुरुमंदिर की प्रतिष्ठा की 25वीं वर्षगांठ पर रजत जयंती महोत्सव अत्यंत भव्यता के साथ संपन्न हुआ।
चम्पावाड़ी की पावन भूमि फिर बनी इतिहास की साक्षी
श्री जैन श्वेताम्बर खरतरगच्छ श्री चम्पाश्रीजी स्मारक ट्रस्ट के तत्वावधान में आयोजित इस महोत्सव में देशभर से हजारों श्रद्धालु पहुंचे। आचार्य भगवंत श्री जिनमणिप्रसूरीश्वरजी म.सा. की पावन निश्रा एवं साधु-साध्वीजी भगवंतों के सान्निध्य ने आयोजन को आध्यात्मिक ऊँचाइयों तक पहुंचाया।
प्रथम दिवस: धर्म, भक्ति और संगीत का शुभारंभ
महोत्सव का शुभारंभ मंगल प्रवेश, कुंभ स्थापना, अखंड दीपक, नवग्रह पूजन, अष्ट मंगल पूजन एवं प्रवचनों के साथ हुआ। भक्ति संगीत ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
द्वितीय दिवस: गांव सांझी और धार्मिक गरबा
दूसरे दिन धार्मिक गरबा और गांव सांझी ने सामूहिक आस्था का अनुपम दृश्य प्रस्तुत किया। श्राविकाओं की भावपूर्ण प्रस्तुतियों ने श्रद्धालुओं के हृदय को छू लिया।
तृतीय दिवस: भक्ति, साधना और उल्लास
दादा गुरुदेव महापूजन, 111 सजोड़ों की सहभागिता, मेहंदी रस्म और संध्या भक्ति ने इस दिवस को अविस्मरणीय बना दिया। संगीत और साधना का अनूठा संगम देखने को मिला।
चतुर्थ दिवस: भव्य वरघोड़ा और बहु सम्मेलन
नगर के प्रमुख मार्गों से निकले भव्य वरघोड़े ने पूरे गढ़ सिवाना को भक्तिरस में डुबो दिया। बहु सम्मेलन में लगभग 800 बहुओं की सहभागिता सामाजिक एकता का सुंदर उदाहरण बनी।
पंचम दिवस: आध्यात्मिक उत्कर्ष और गरिमामय समापन
पंचम दिवस संयम वंदनावली, ध्वजारोहण, शांति स्नात्र महापूजन और भक्ति संध्या के साथ महोत्सव का गरिमामय समापन हुआ। यह दिन श्रद्धा और भावुकता से भरा रहा।
सहयोग, समर्पण और सफलता की कहानी
विभिन्न समितियों के समर्पित सहयोग, महिला विंग की सक्रिय भूमिका और ट्रस्ट पदाधिकारियों की सतत उपस्थिति ने इस आयोजन को ऐतिहासिक बना दिया।





