अवैध हथियार तस्करी गिरोह का STF ने किया पर्दाफाश, सोशल मीडिया के जरिए होती थी सप्लाई; 5 पिस्टल बरामद
मध्य प्रदेश में अवैध हथियारों की तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई सामने आई है। राज्य स्तरीय विशेष अभियान के तहत STF (Special Task Force) इंदौर ने एक ऐसे गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जो इंस्टाग्राम और फेसबुक जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए अवैध हथियारों की खरीद-फरोख्त कर रहा था। इस कार्रवाई में एसटीएफ ने खंडवा जिले से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनके पास से पांच अवैध पिस्टल मैगजीन सहित बरामद की गई हैं। हालांकि कार्रवाई के दौरान हथियार बनाने वाला मुख्य आरोपी फरार होने में सफल हो गया।
सोशल मीडिया बना हथियार तस्करी का जरिया
STF अधिकारियों के अनुसार गिरफ्तार आरोपी सोशल मीडिया के माध्यम से ग्राहकों से संपर्क करते थे। इंस्टाग्राम और फेसबुक पर कोडवर्ड्स और निजी मैसेजिंग के जरिए हथियारों के सौदे तय किए जाते थे। इसके बाद तय स्थान पर हथियारों की डिलीवरी की जाती थी। इस गिरोह का नेटवर्क न सिर्फ मध्य प्रदेश तक सीमित था, बल्कि उत्तर प्रदेश और हरियाणा तक फैला हुआ था।
खंडवा में STF की सटीक कार्रवाई
STF को एक मुखबिर से सूचना मिली थी कि अवैध हथियारों की सप्लाई करने वाला गिरोह खंडवा जिले में सक्रिय है और यहां से हथियारों की डिलीवरी की तैयारी कर रहा है। सूचना के आधार पर एसटीएफ इंदौर की टीम ने तत्काल कार्रवाई की योजना बनाई। टीम ने खंडवा के थाना पदमनगर क्षेत्र अंतर्गत इंदौर–खंडवा रोड पर घेराबंदी की। संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखते हुए एसटीएफ ने दो युवकों को पकड़ा। तलाशी के दौरान उनके पास से पांच अवैध पिस्टल और मैगजीन बरामद की गईं। मौके से एक अन्य आरोपी भागने में सफल रहा, जो हथियार बनाने का काम करता था।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान पवन और राजू के रूप में हुई है। दोनों आरोपी खंडवा जिले के निवासी बताए जा रहे हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि ये आरोपी हथियारों की सप्लाई और डिलीवरी का काम संभालते थे, जबकि तीसरा आरोपी हथियार निर्माण का मुख्य कर्ताधर्ता था। STF ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है। उन्हें न्यायालय में पेश कर रिमांड पर लिया गया है, ताकि नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटाई जा सके।
20 से 25 हजार रुपये में होती थी पिस्टल की डील
पूछताछ के दौरान आरोपियों ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। उन्होंने बताया कि ये हथियार आधुनिक तकनीक से तैयार करवाए जाते थे और प्रति पिस्टल 20 से 25 हजार रुपये में बेचे जाते थे। गिरोह ने अब तक मध्य प्रदेश के अलावा उत्तर प्रदेश और हरियाणा में भी कई बार हथियारों की सप्लाई की है। आरोपियों ने यह भी स्वीकार किया कि वे ग्राहकों की मांग के अनुसार हथियार उपलब्ध कराते थे और सौदे पूरी तरह गोपनीय तरीके से किए जाते थे, ताकि पुलिस को भनक न लगे।
हथियार बनाने वाला आरोपी फरार
STF की कार्रवाई के दौरान हथियार तैयार करने वाला आरोपी मौके से फरार हो गया। पुलिस के अनुसार वह इस गिरोह का अहम सदस्य है और उसके पकड़े जाने से पूरे नेटवर्क का खुलासा हो सकता है। एसटीएफ और स्थानीय पुलिस की टीमें उसकी तलाश में लगातार दबिश दे रही हैं। संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर उसकी लोकेशन ट्रेस की जा रही है।
STF की बड़ी सफलता
अवैध हथियारों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे इस राज्य स्तरीय विशेष अभियान के तहत एसटीएफ को यह कार्रवाई एक बड़ी सफलता मानी जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि इस तरह के गिरोह अपराधों को बढ़ावा देते हैं और समाज की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बनते हैं। STF अधिकारियों ने साफ किया है कि सोशल मीडिया के माध्यम से अपराध करने वालों पर कड़ी नजर रखी जा रही है और आने वाले समय में इस तरह की गतिविधियों पर और सख्त कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस की अपील
पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि यदि किसी को सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों से अवैध हथियारों की खरीद-फरोख्त से जुड़ी कोई भी जानकारी मिले, तो तुरंत पुलिस या STF को सूचित करें। सूचना देने वाले की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।
