Delhi। गणतंत्र दिवस से पहले राजधानी में सुरक्षा को लेकर दिल्ली पुलिस ने अलर्ट जारी किया है। राजधानी में गणतंत्र दिवस समारोह के मद्देनजर सुरक्षा इंतजामों को बढ़ाया जा रहा है, लेकिन पुलिस की स्पेशल सेल की ताजा जांच में लगभग 1,000 पार्किंग स्पॉट्स को “सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा” बताया गया है। इन क्षेत्रों में लंबे समय से बिना देखरेख गाड़ियां खड़ी हैं, कई वाहन महीनों या सालों से वहीं पड़े हैं। पुलिस के मुताबिक, ये जगहें विशेष रूप से मेट्रो स्टेशनों, रेलवे स्टेशनों, बाजारों, मॉल्स, ऑफिस परिसरों और रिहायशी इलाकों के आसपास हैं, जहां भीड़ सबसे ज्यादा होती है।
लाल किले के पास हुए धमाके से बढ़ी सुरक्षा चिंता
पिछले साल नवंबर में लाल किले के पास हुए भयानक कार बम धमाके ने सुरक्षा एजेंसियों के लिए चेतावनी संकेत दिया था। उस हमले में कम से कम 12 लोग मारे गए थे। हमलावर ने एक i20 कार को पार्किंग में तीन घंटे तक खड़ा रखा था और किसी को इसकी भनक नहीं लगी। इसी घटना को ध्यान में रखते हुए दिल्ली पुलिस ने अब शहर में पार्किंग स्पॉट्स के लिए सुरक्षा अलर्ट जारी किया है। पुलिस का कहना है कि “हम नहीं जानते इन पुरानी गाड़ियों के मालिक कौन हैं, इनमें क्या रखा गया है और ये यहां क्यों छोड़ दी गई हैं। ये किसी भी वक्त खतरे का कारण बन सकती हैं।”
पुलिस ने शहर का सर्वे किया
16 दिसंबर 2025 से जनवरी 2026 तक चलने वाले इस व्यापक सर्वे में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की दर्जनों टीमें शहर के हर कोने में गईं। जांच में सामने आया कि इन पार्किंग स्पॉट्स में ज्यादातर अनऑथराइज्ड पार्किंग हैं, जहां न तो सीसीटीवी निगरानी है और न ही कोई सुरक्षा गार्ड तैनात है। पुलिस के मुताबिक, इन जगहों पर छोटी-मोटी ट्रैफिक और कानून-व्यवस्था की गड़बड़ियां आम हैं, लेकिन असली सुरक्षा खतरा वही है जहां गाड़ियां बिना किसी अटेंडेंट या देखरेख के लंबे समय तक खड़ी रहती हैं।
पुलिस ने पहले ही कई डीसीपी को चेतावनी दी थी, लेकिन जब ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो स्पेशल सेल ने सीधे पुलिस कमिश्नर को रिपोर्ट सौंप दी। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, “ये कोई नई समस्या नहीं है, लेकिन अब इसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। लंबे समय से खड़ी गाड़ियां किसी भी वक्त सुरक्षा जोखिम पैदा कर सकती हैं।”
ट्रैफिक जाम और सुरक्षा खतरे
Delhi पुलिस ने चेतावनी दी है कि लंबे समय से खड़ी गाड़ियां न केवल सुरक्षा के लिए खतरा हैं, बल्कि ये ट्रैफिक जाम का भी मुख्य कारण बन रही हैं। अधिकारी बताते हैं कि अब जिला स्तर पर इन गाड़ियों को जब्त करने की तैयारी की जा रही है। पुलिस अधिकारी कहते हैं कि इन वाहनों को या तो मालिकों को लौटाया जाएगा या स्क्रैप कर दिया जाएगा।
Delhi में ऑथराइज्ड और अनऑथराइज्ड मिलाकर लगभग 4,000 पार्किंग स्पॉट्स हैं, लेकिन इनमें से कई जगह ऐसी हैं जहां कोई जवाबदेही नहीं है। यही सबसे बड़ा सुरक्षा और ट्रैफिक जोखिम पैदा करती हैं।
राजधानी Delhi में वाहनों की बढ़ती संख्या
Delhiसरकार के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, राजधानी में रजिस्टर्ड वाहनों की संख्या लगभग 82.4 लाख तक पहुंच चुकी है। इसके बावजूद अप्रूव्ड पार्किंग स्पॉट्स की कुल क्षमता केवल 1.06 लाख गाड़ियों की है। इस विशाल अंतर के कारण पुरानी और लंबे समय से खड़ी गाड़ियां शहर की पार्किंग स्पॉट्स में जमी रहती हैं और “भूतिया” वाहन बन जाती हैं। पुलिस के अनुसार, ये गाड़ियां सुरक्षा खतरा होने के साथ-साथ ट्रैफिक जाम का भी कारण बन रही हैं।
पुलिस ने आम नागरिकों से की अपील
दिल्ली पुलिस ने शहरवासियों से अपील की है कि यदि किसी पार्किंग स्पॉट पर लंबे समय से बिना देखरेख के वाहन खड़े हैं, तो तुरंत पुलिस को इसकी जानकारी दें। इसके अलावा अधिकारियों ने इन क्षेत्रों की निगरानी बढ़ाने और संदिग्ध वाहनों की जांच तेज करने का आश्वासन भी दिया है।
उपाय और सुरक्षा व्यवस्थाएं
पुलिस ने बताया कि वह अन्य सरकारी एजेंसियों के साथ मिलकर समाधान निकालने की योजना बना रही है। इसमें अनऑथराइज्ड पार्किंग की पहचान, लंबी अवधि तक खड़ी वाहनों की जब्ती और ट्रैफिक प्रबंधन के उपाय शामिल हैं। इसके साथ ही, गणतंत्र दिवस के दौरान दिल्ली के प्रमुख मार्गों और समारोह स्थलों पर सुरक्षा बढ़ाने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल, सीसीटीवी कैमरे और मोबाइल पेट्रोलिंग बढ़ाई जाएगी।
विशेषज्ञों का मानना
सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि लंबे समय से खड़ी गाड़ियां और अनऑथराइज्ड पार्किंग स्पॉट्स आतंकवादियों और अन्य अपराधियों के लिए आसान लक्ष्य बन सकते हैं। वे किसी भी सुरक्षा घटना में गाड़ियों को हथियार या विस्फोटक रखने के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं। इस दृष्टि से दिल्ली पुलिस का कदम समयानुकूल और आवश्यक है।
निष्कर्ष
जैसे-जैसे गणतंत्र दिवस 2026 नजदीक आ रहा है, सुरक्षा एजेंसियों का ध्यान हर छोटे से छोटे जोखिम पर केंद्रित हो गया है। लंबे समय से खड़ी अनऑथराइज्ड गाड़ियां केवल ट्रैफिक की समस्या ही नहीं बल्कि राजधानी की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा हैं। दिल्ली पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई से उम्मीद की जा रही है कि शहरवासियों के लिए गणतंत्र दिवस 2026 सुरक्षित और व्यवस्थित रहेगा।
