मानव जीवन का सही उपयोग ही सच्ची साधना: Muni राज सिद्धरत्न विजयजी
मानव जीवन अत्यंत दुर्लभ है और इसे प्राप्त करने के बाद प्रत्येक व्यक्ति का कर्तव्य है कि वह धर्म आराधना, तप, साधना और संयम के माध्यम से इसे सफल बनाए। यह विचार नगर में आयोजित त्रिदिवसीय धार्मिक महोत्सव के दौरान मुनिराज श्री डॉ. सिद्धरत्न विजयजी महाराज साहब ने धर्मसभा को संबोधित करते हुए व्यक्त किए।
तीन माताओं का उपकार कभी न भूलें
धर्मसभा में प्रवचन देते हुए Muni राज श्री डॉ. सिद्धरत्न विजयजी महाराज साहब ने कहा कि प्रत्येक मानव को अपने जीवन में तीन माताओं के उपकार को सदैव स्मरण रखना चाहिए—
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जन्म देने वाली माता,
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सन्मार्ग दिखाने वाली गुरु माता,
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और तीसरे स्वयं परमात्मा।
उन्होंने कहा कि इन तीनों के प्रति कृतज्ञता ही मानव जीवन की सच्ची सफलता है।
भव्य नगर प्रवेश के साथ हुआ महोत्सव का शुभारंभ
त्रिदिवसीय महोत्सव के अंतर्गत मंगलवार प्रातः Muni भगवंतों का भव्य नगर प्रवेश हुआ। साईं चौराहा से प्रारंभ होकर यह शोभायात्रा नगर के प्रमुख मार्गों से होती हुई श्री राजेंद्र सूरी जैन ज्ञान मंदिर पहुंची। नगरवासियों एवं सकल जैन श्रीसंघ ने श्रद्धा भाव से मुनि भगवंतों का स्वागत किया।
नगर प्रवेश में शामिल मुनि भगवंत—
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Muni राज श्री डॉ. सिद्धरत्न विजयजी महाराज साहब
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Muni राज श्री प्रशमसेन विजयजी महाराज साहब
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Muni राज श्री तारकरत्न विजयजी महाराज साहब
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Muni राज श्री आध्यात्मसेन विजयजी महाराज साहब
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Muni राज श्री अर्हमसेन विजयजी महाराज साहब
गुरु वंदन के साथ धर्मसभा का आयोजन
श्री राजेंद्र सूरी जैन ज्ञान मंदिर में सर्वप्रथम गुरु वंदन किया गया, जिसके पश्चात धर्मसभा आयोजित हुई। धर्मसभा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
प्रभु महावीर के सिद्धांत अपनाने का आह्वान
धर्मसभा को संबोधित करते हुए मुनिराज श्री प्रशमसेन विजयजी महाराज साहब ने कहा कि हमें जिनशासन और परमात्मा महावीर का महान शासन प्राप्त हुआ है। अहिंसा, सत्य, संयम और अपरिग्रह जैसे सिद्धांत आज भी मानव जीवन को दिशा देने में सक्षम हैं। यदि इन सिद्धांतों को जीवन में उतार लिया जाए, तो जीवन स्वतः ही सार्थक हो जाता है।
गुणानुवाद सभा में दी गई निश्रा
कार्यक्रम के दौरान Muni भगवंतों ने स्वर्गीय बाबूलाल संघवी की आत्मश्रेयार्थ आयोजित गुणानुवाद सभा में निश्रा प्रदान की। सभा में उनके धार्मिक एवं सामाजिक योगदान को श्रद्धापूर्वक स्मरण किया गया।
72वें दीक्षा दिवस पर विशेष पूजन
दोपहर में पुण्य सम्राट गुरुदेव श्रीमद विजय जयंतसेन सूरीश्वरजी महाराज साहब के 72वें दीक्षा दिवस के पावन अवसर पर सकल श्रीसंघ द्वारा श्री जयंतसेन सूरी अष्टप्रकारी पूजन का आयोजन किया गया। श्रद्धालुओं ने बड़ी संख्या में भाग लेकर पुण्य लाभ अर्जित किया।
रात्रि में विशेष प्रवचन
रात्रि काल में भी Muni भगवंतों की पावन निश्रा में विशेष प्रवचन आयोजित किए गए, जिनमें धर्म, साधना और आत्मकल्याण पर विस्तार से प्रकाश डाला गया।
विधायक ने लिया आशीर्वाद
कार्यक्रम में क्षेत्रीय विधायक वीरसिंह भूरिया भी उपस्थित रहे। उन्होंने पूज्य मुनि भगवंतों से आशीर्वाद प्राप्त किया और धार्मिक आयोजनों को समाज में नैतिक मूल्यों को मजबूत करने वाला बताया।
