Ujjain में शराब के पुराने स्टॉक का सफाया: 2367 पेटियों पर चली जेसीबी
Ujjain में आबकारी विभाग ने मंगलवार को एक बड़ी कार्रवाई कर पुराने और अनुपयोगी शराब स्टॉक को नष्ट कर दिया। यह कार्रवाई Ujjain प्रशासन की सख्ती और नियमों के पालन के संकेत के रूप में देखी जा रही है। विभाग ने वेयरहाउस में लंबे समय से रखी 21,310.74 बल्क लीटर देशी शराब को बुलडोजर से रौंदकर पूरी तरह से डिस्पोज किया। इस नष्ट की गई शराब की कुल कीमत 94.72 लाख रुपये बताई जा रही है। यह कदम पुराने स्टॉक को हटाने और सरकारी गोदामों में व्यर्थ जगह खाली करने के उद्देश्य से उठाया गया।
क्यों हुई यह कार्रवाई?
Ujjain में आबकारी विभाग के अनुसार, यह शराब कई सालों से सरकारी गोदामों में जमा थी और अब यह “अनुपयोगी” हो चुकी थी। ऐसे स्टॉक को रखे रहने से गोदाम में जगह घेरती रहती है और साथ ही यह मानव उपयोग के लिए भी उपयुक्त नहीं रहती। इसलिए आबकारी आयुक्त (मध्य प्रदेश) के निर्देश पर इस शराब को नष्ट करने का निर्णय लिया गया। यह कार्रवाई पुराने और खराब हो चुके स्टॉक को हटाने के लिए की गई, ताकि वेयरहाउस में जगह खाली हो सके और भविष्य में नए स्टॉक के लिए व्यवस्था बेहतर हो सके।
जेसीबी से रौंदी गईं 2367 पेटियां
सूत्रों के अनुसार, आबकारी आयुक्त के निर्देश पर मंगलवार को एमआर-5 मक्सी रोड स्थित ट्रेंचिंग ग्राउंड पर शराब नष्ट करने का कार्य शुरू किया गया। विभाग ने 2,367.86 पेटियों में रखी 21,310.74 बल्क लीटर पुरानी देशी मदिरा को एक जगह इकट्ठा किया और फिर उस पर जेसीबी चलाकर उसे पूरी तरह नष्ट कर दिया। बताया गया है कि यह शराब अब मानवीय सेवन के लिए पूरी तरह अनुपयुक्त हो चुकी थी और उसे नष्ट करना ही बेहतर विकल्प था। इस प्रक्रिया के दौरान अधिकारीयों ने पूरी सावधानी बरती और यह सुनिश्चित किया कि शराब का रिसाव या किसी प्रकार का नुकसान न हो।
इन वेयरहाउस से लाया गया था स्टॉक
Ujjain में आबकारी विभाग के अधिकारियों ने बताया कि यह पुराना स्टॉक जिले के अलग-अलग वेयरहाउस में लंबे समय से पड़ा था। आबकारी आयुक्त ने तराना, Ujjain, खाचरौद, महिदपुर और बड़नगर में स्थित देशी मदिरा वेयरहाउस में रखे पुराने स्टॉक को हटाने की अनुमति दी थी। इसी आदेश के तहत मंगलवार को यह कार्रवाई पूरी की गई। इस कदम से न केवल पुराने स्टॉक का सफाया हुआ, बल्कि विभाग की व्यवस्था में भी सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
उच्च स्तरीय समिति की निगरानी में कार्रवाई
शराब नष्ट करने की यह पूरी प्रक्रिया एक उच्च स्तरीय समिति की निगरानी में की गई।Ujjain में समिति की अध्यक्षता अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) राजेश बोरासी ने की, जबकि सहायक आबकारी आयुक्त निधि जैन ने समिति सचिव के रूप में कार्यभार संभाला। इस दौरान मौके पर अन्य विभागीय अधिकारी भी मौजूद रहे, जिनमें सहायक जिला आबकारी अधिकारी मुकेश रंधावा, ममता भवेल, विजय मेढा, जितेंद्र सिंह भदौरिया, संजय कुमार जैन और हिमांशु अग्रवाल शामिल थे। इसके अलावा, मेसर्स एसोसिएटेड एल्कोहल्स एंड ब्रेवरीज (खोड़ीग्राम, बड़वाह) के अधिकृत प्रतिनिधि भी कार्रवाई के समय उपस्थित रहे, ताकि सभी प्रक्रियाएं नियमों के अनुसार हों और किसी प्रकार की अनियमितता न रहे।
यह कार्रवाई क्यों है महत्वपूर्ण ?
Ujjain में यह कदम प्रशासन की सख्ती और नियमों के प्रति कड़े रुख का प्रतीक माना जा रहा है। शराब के पुराने स्टॉक को नष्ट करने से यह संदेश जाता है कि सरकार अवैध या अनियमित तरीके से रखे गए सामान को बर्दाश्त नहीं करेगी। इसके साथ ही यह कदम आबकारी विभाग की पारदर्शिता और जिम्मेदारी को भी दर्शाता है। यह कार्रवाई यह सुनिश्चित करती है कि पुराने स्टॉक के कारण सरकारी संसाधनों का दुरुपयोग न हो और गोदामों की क्षमता का सही उपयोग हो सके।
