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नगर में समाज में Jain भव्य जुलूस, साध्वी श्री शाश्वतप्रिया जी म.सा. ने साझा किए आध्यात्मिक उपदेश

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Published On: 21 January 2026
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साध्वी श्री शाश्वतप्रिया जी म.सा. आदि ठाणा का भव्य मंगल प्रवेश

गुरुदेव के जयघोषों से भक्तिरस में सराबोर हुआ नगर

महिदपुर रोड (सचिन भंडारी)। राष्ट्रसंत श्रीमद् विजय जयन्तसेन सूरीश्वर जी महाराजा समुदायवर्ती एवं पुण्यसम्राट गुरुदेव की पोत्री, पूज्य साध्वी श्री शाश्वतप्रिया जी म.सा. आदि ठाणा-4 का नगर में भव्य, ऐतिहासिक और अत्यंत भावपूर्ण मंगल प्रवेश बुधवार को संपन्न हुआ। इस पावन अवसर पर संपूर्ण नगर श्रद्धा, भक्ति और धर्ममय वातावरण से सराबोर हो उठा। साध्वी श्री का यह मंगल प्रवेश न केवल एक धार्मिक आयोजन था, बल्कि Jain समाज के लिए आध्यात्मिक चेतना और गुरु भक्ति की जीवंत अभिव्यक्ति भी बना।

रूपेटा गांव से विहार, नगर में ऐतिहासिक स्वागत

21 जनवरी की सुबह साध्वी श्री शाश्वतप्रिया जी म.सा. आदि ठाणा ने रूपेटा गांव से विहार प्रारंभ किया। बुधवार को जैसे ही उनका नगर में आगमन हुआ, समाजजनों ने अपार उत्साह के साथ उनका स्वागत किया। नागदा चौराहा से ढोल-नगाड़ों, मंगल वाद्य और भक्ति गीतों के साथ मंगल प्रवेश जुलूस आरंभ हुआ। जुलूस में पुरुष, महिलाएं, युवा, बालक-बालिकाएं सभी श्रद्धा और अनुशासन के साथ सहभागी बने।

नगर की सड़कों पर “गुरुदेव की जय”, “साध्वी श्री की जय”, “Jain धर्म की जय” जैसे जयघोष गूंजते रहे। स्थान-स्थान पर समाजजनों द्वारा साध्वी श्री की गहुली की गई, पुष्पवर्षा हुई और मंगल आशीर्वाद प्राप्त किया गया। पूरे मार्ग में भक्ति, उल्लास और शांति का अद्भुत संगम देखने को मिला।

प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए राजेन्द्र सूरी ज्ञान मंदिर पहुँचा जुलूस

भव्य मंगल प्रवेश जुलूस नगर के प्रमुख मार्गों से होता हुआ श्री राजेन्द्र सूरी ज्ञान मंदिर पहुँचा, जहाँ यह एक विशाल धर्मसभा में परिवर्तित हो गया। मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या एकत्रित हुई। वातावरण में शांति, साधना और आध्यात्मिक ऊर्जा का विशेष अनुभव हो रहा था। साध्वी श्री के दर्शन-वंदन के लिए श्रद्धालु अनुशासित पंक्तियों में खड़े दिखाई दिए।

गुरु भक्ति और समर्पण ही मोक्ष का मार्ग

धर्मसभा को संबोधित करते हुए पूज्य साध्वी श्री शाश्वतप्रिया जी म.सा. ने गुरु भक्ति, श्रद्धा और समर्पण के महत्व पर गहन और प्रेरणादायक विचार रखे। उन्होंने कहा कि गुरु के प्रति सच्ची श्रद्धा ही जीवन को दिशा देती है और आत्मा को मोक्ष मार्ग पर अग्रसर करती है।

भावपूर्ण उदाहरण देते हुए साध्वी श्री ने कहा कि जैसे लोहे की कील को जल में डालते ही वह डूब जाती है, उसी प्रकार गुरु सान्निध्य के बिना मानव जीवन भी अस्थिर, कमजोर और दिशाहीन हो जाता है। इसके विपरीत गुरु का सान्निध्य उस मजबूत नाव के समान है, जो जीव को संसार रूपी भवसागर से सुरक्षित पार लगा देता है।

उन्होंने कहा कि गुरु ही हमें असत्य से सत्य की ओर, अज्ञान से ज्ञान की ओर और अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाते हैं। गुरु कृपा से ही आत्मा को सही मार्गदर्शन प्राप्त होता है और जीवन सार्थक बनता है।

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गुरु आज्ञा पालन से होता है आत्मकल्याण

साध्वी श्री ने आगे कहा कि केवल गुरु के दर्शन करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनकी आज्ञा का पालन, उनके उपदेशों को जीवन में उतारना और उनके प्रति पूर्ण समर्पण ही सच्ची गुरु भक्ति है। गुरु की आज्ञा में चलकर ही आत्मा अपने कर्मों का क्षय कर सकती है और मोक्ष की ओर अग्रसर हो सकती है।

उन्होंने कहा कि आज के भौतिकवादी युग में जब व्यक्ति भ्रम, तनाव और अस्थिरता से घिरा हुआ है, तब गुरु का सान्निध्य जीवन को स्थिरता, शांति और संतुलन प्रदान करता है।

रतलाम चातुर्मास के लिए विनती, सहर्ष स्वीकृति

धर्मसभा के दौरान जैन श्री संघ रतलाम की ओर से अध्यक्ष श्री अजय चोरडिया ने पूज्य साध्वी श्री से आगामी चातुर्मास रतलाम में करने की विनती की। साध्वी श्री ने समाजजनों की भावनाओं का सम्मान करते हुए इस विनती को सहर्ष स्वीकार किया। उनके इस मंगल निर्णय से उपस्थित श्रद्धालुओं में हर्ष और उत्साह की लहर दौड़ गई।

साध्वी श्री की मंगलकारी निश्रा में नगर एवं आसपास के क्षेत्र में आगामी समय में अनेक धार्मिक, आध्यात्मिक, प्रवचनात्मक एवं संस्कारपरक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिससे समाज में धर्म प्रभावना को नई दिशा मिलेगी।

पुण्य अवसर का लाभ चतर परिवार ने लिया

इस पावन मंगल प्रवेश और धर्मसभा जैसे पुण्य अवसर का लाभ पीयूष कुमार–प्रकाशचंद चतर परिवार द्वारा लिया गया। आयोजन के दौरान सकल जैन श्री संघ के पदाधिकारी, समाज के वरिष्ठ महानुभाव, नवयुवक मंडल, तरुण संघ, महिला मंडल, बहु मंडल तथा बालिका परिषद के सदस्य बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। सभी ने साध्वी श्री के दर्शन-वंदन कर आत्मिक शांति और आध्यात्मिक लाभ प्राप्त किया।

नगर के धार्मिक इतिहास में अविस्मरणीय क्षण

साध्वी श्री शाश्वतप्रिया जी म.सा. आदि ठाणा का यह भव्य मंगल प्रवेश नगर के धार्मिक और आध्यात्मिक इतिहास में एक अविस्मरणीय अध्याय के रूप में दर्ज हो गया है। इस आयोजन ने समाज में गुरु भक्ति, संयम, संस्कार और धर्म के प्रति नई चेतना जाग्रत की है।

नगरवासियों ने इस अवसर को अपने जीवन का सौभाग्य बताते हुए साध्वी श्री के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की और भविष्य में भी उनके सान्निध्य में धर्म मार्ग पर आगे बढ़ने का संकल्प लिया।

 

 

कुमकुम सोनी स्वराज वाणी न्यूज मे कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है। इन्होंने स्नातक पत्रकारिता एवं जनसंचार से की है। यह विशेषतः राजनीति एवं भू-राजनीति से जुड़े मुद्दों का गहन विशलेषण कर सरल भाषा में आम जनता के समक्ष प्रस्तुत करने का प्रयास करती है।… Read More

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