MP सरकार Ladli Behno को देगी 1-1 लाख रुपये, गौपालन से मिलेगी आत्मनिर्भरता की नई राह
भोपाल:
MP की मोहन यादव सरकार राज्य की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाने जा रही है। पहले से लोकप्रिय Ladli Behna Scheme को अब स्वरोजगार से जोड़ने की तैयारी की जा रही है। सरकार की प्रस्तावित योजना के तहत लाड़ली बहनों को गाय पालन (गौपालन) के लिए 1-1 लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता दी जाएगी। इस योजना का उद्देश्य महिलाओं की आय बढ़ाने के साथ-साथ प्रदेश में दुग्ध उत्पादन को भी नई गति देना है।
पशुपालन से जुड़ेंगी Ladli Behno
राज्य सरकार ने महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए पशुपालन विभाग के माध्यम से एक नई योजना का खाका तैयार करना शुरू कर दिया है। इस योजना के अंतर्गत पात्र लाड़ली बहनों को गाय खरीदने के लिए बैंक लोन उपलब्ध कराया जाएगा। खास बात यह है कि इस लोन पर राज्य सरकार गारंटर बनेगी, जिससे महिलाओं को बैंक से ऋण लेने में किसी तरह की परेशानी न हो।
सरकार का मानना है कि गौपालन न केवल महिलाओं को नियमित आय देगा, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर भी बढ़ाएगा।
1 लाख रुपये तक मिलेगा लोन, आसान किस्तों में भुगतान
प्रस्तावित योजना के अनुसार, लाड़ली बहनों को 1 लाख रुपये तक का लोन गाय पालन के लिए दिया जाएगा। यह राशि महिलाएं आसान मासिक किस्तों में चुका सकेंगी। सरकार की गारंटी होने के कारण ब्याज दरें भी अपेक्षाकृत कम रहने की संभावना है।
इस योजना से महिलाओं को न केवल स्वरोजगार मिलेगा, बल्कि वे दूध उत्पादन, दुग्ध बिक्री और उससे जुड़े अन्य कार्यों के जरिए स्थायी आमदनी भी अर्जित कर सकेंगी।
किस वर्ग को कितनी मिलेगी सब्सिडी?
पशुपालन विभाग द्वारा तैयार किए जा रहे ड्राफ्ट में सब्सिडी का विशेष प्रावधान भी रखा गया है। सामाजिक वर्गों को ध्यान में रखते हुए अलग-अलग अनुदान तय किया गया है:
- अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) की महिलाओं को:
33 प्रतिशत तक सब्सिडी - सामान्य और ओबीसी वर्ग की महिलाओं को:
25 प्रतिशत तक सब्सिडी
इस सब्सिडी का उद्देश्य कमजोर और वंचित वर्ग की महिलाओं को अधिक लाभ देना और उन्हें आर्थिक मुख्यधारा से जोड़ना है।
दुग्ध उत्पादन बढ़ाने का बड़ा लक्ष्य
इस योजना के जरिए सरकार का एक अहम लक्ष्य प्रदेश के दुग्ध उत्पादन में वृद्धि करना भी है। वर्तमान में मध्य प्रदेश में प्रतिदिन लगभग 591 लाख लीटर दूध का उत्पादन होता है। सरकार ने इसे 20 प्रतिशत तक बढ़ाने का लक्ष्य रखा है।
Ladli Behno को गौपालन से जोड़कर सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि दूध उत्पादन बढ़े, पशुपालकों की संख्या में इजाफा हो और दुग्ध आधारित उद्योगों को भी बढ़ावा मिले।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगा बल
गौपालन योजना का असर सिर्फ महिलाओं तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। दूध उत्पादन बढ़ने से डेयरी उद्योग, परिवहन, पशु आहार और पशु चिकित्सा सेवाओं जैसे क्षेत्रों में भी रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह योजना गांवों में पलायन को रोकने में भी सहायक साबित हो सकती है।
बजट में हो सकता है बड़ा ऐलान
पशुपालन विभाग इस योजना को अंतिम रूप देने में जुटा हुआ है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, आगामी बजट सत्र में ‘लाड़ली बहना गौपालन योजना’ की आधिकारिक घोषणा की जा सकती है।
पशुपालन विभाग के संचालक डॉ. पीएस पटेल ने कहा—
“गौपालन योजना का ड्राफ्ट तैयार किया जा रहा है। इसे लागू करने का अंतिम निर्णय राज्य सरकार द्वारा लिया जाएगा।”
पहले से लोकप्रिय है लाड़ली बहना योजना
गौरतलब है कि Ladli Behna Scheme पहले से ही मध्य प्रदेश की सबसे लोकप्रिय योजनाओं में से एक है। इस योजना के तहत महिलाओं को हर महीने आर्थिक सहायता दी जाती है। अब इसे स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता से जोड़ने की यह पहल महिलाओं के लिए एक बड़ा अवसर साबित हो सकती है।
निष्कर्ष
लाड़ली बहना गौपालन योजना यदि लागू होती है, तो यह न केवल महिलाओं को आर्थिक मजबूती देगी, बल्कि प्रदेश के कृषि और पशुपालन क्षेत्र को भी नई दिशा देगी। सरकार की यह पहल महिलाओं को केवल सहायता प्राप्त करने वाली नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर उद्यमी बनाने की ओर एक मजबूत कदम मानी जा रही है।
