कुमकुम-तिल महोत्सव से गूंजा Nagda, ब्राह्मण समाज महिला मंडल ने की अखंड सौभाग्य की मंगल कामना
मकर संक्रांति के पावन पर्व पर Nagda में भारतीय संस्कृति, परंपरा और सामाजिक सौहार्द का सुंदर संगम देखने को मिला, जब श्री राष्ट्रीय परशुराम सेना युवा वाहिनी महिला मंडल द्वारा कुमकुम-तिल महोत्सव का भव्य आयोजन किया गया। यह आयोजन इंगोरिया रोड स्थित अटल निसर्ग उद्यान में पारंपरिक रीति-रिवाजों और आत्मीय वातावरण के साथ संपन्न हुआ। कार्यक्रम में समाज की महिलाओं और बच्चों की बड़ी संख्या में उत्साहपूर्ण सहभागिता देखने को मिली, जिससे पूरा वातावरण उल्लास और आनंद से भर गया। Nagda महोत्सव के दौरान महिलाओं ने एक-दूसरे को कुमकुम-रोली लगाकर अखंड सौभाग्य, सुख-समृद्धि और पारिवारिक मंगल की कामना की। तिल-गुड़ के आदान-प्रदान के साथ मकर संक्रांति की शुभकामनाएँ दी गईं। यह परंपरा न केवल धार्मिक आस्था को दर्शाती है, बल्कि सामाजिक एकता और आपसी सौहार्द का भी प्रतीक मानी जाती है। आयोजन स्थल पर पारंपरिक परिधानों में सजी महिलाओं की उपस्थिति ने कार्यक्रम को सांस्कृतिक रंगों से सराबोर कर दिया। Nagda में महिला मंडल की अध्यक्ष वर्षा मेहता ने इस अवसर पर जानकारी देते हुए बताया कि तिल महोत्सव भारतीय संस्कृति में विशेष महत्व रखता है। उन्होंने कहा कि यह पर्व नारी सम्मान, पारिवारिक मूल्यों और सामाजिक समरसता को सुदृढ़ करने का अवसर प्रदान करता है। ऐसे आयोजनों से समाज की महिलाएँ आपस में जुड़ती हैं और अपनी सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुँचाने का कार्य करती हैं। उन्होंने आयोजन को सफल बनाने के लिए महिला मंडल की सभी सदस्यों के सहयोग की सराहना भी की।
सांस्कृतिक रंगों से सजा आयोजन
Nagda कार्यक्रम के दौरान महिलाओं ने परंपरागत रूप से एक-दूसरे को उपहार भेंट किए। लोक परंपराओं से जुड़े गीतों, आत्मीय संवाद और हँसी-खुशी ने पूरे आयोजन को जीवंत और स्मरणीय बना दिया। महिलाएँ न केवल पर्व का आनंद लेती नजर आईं, बल्कि सामाजिक एकता और पारिवारिक मूल्यों को भी सशक्त करती दिखीं। बच्चों के लिए विशेष रूप से मनोरंजक खेल गतिविधियाँ आयोजित की गईं, जिनमें उन्होंने बढ़-चढ़कर भाग लिया। बच्चों की चहल-पहल और मुस्कान ने आयोजन में और भी रौनक जोड़ दी।
जन्मदिन समारोह बना विशेष आकर्षण
Nagda में कार्यक्रम के दौरान महिला मंडल की सदस्य आध्या मेहता का जन्मदिन भी पारिवारिक और सामाजिक माहौल में उत्साहपूर्वक मनाया गया। इस अवसर पर केक काटा गया और महिलाओं व बच्चों ने विभिन्न मनोरंजक खेलों में भाग लिया। जन्मदिन समारोह ने पूरे आयोजन में खुशी और उमंग का विशेष रंग भर दिया, जिससे यह महोत्सव और अधिक यादगार बन गया।
बड़ी संख्या में महिलाओं की रही सहभागिता
Nagda में कुमकुम-तिल महोत्सव में उर्मिला मेहता, वर्षा मेहता, कविता तिवारी, ममता शर्मा, प्रीति कौशिक, सुचित्रा शर्मा, संध्या शर्मा, चंचल शर्मा, श्रीमती शर्मा, सुनीता पोरवाल सहित समाज की अनेक महिलाएँ एवं बच्चे उपस्थित रहे। सभी ने मिलकर सामाजिक समरसता, आपसी सहयोग और सौहार्द का संदेश दिया। महिलाओं ने कहा कि इस प्रकार के आयोजन समाज को एक सूत्र में बांधने का कार्य करते हैं और हमारी सांस्कृतिक पहचान को सशक्त बनाते हैं।
सामाजिक एकता का संदेश
महिला मंडल की सदस्यों ने अपने विचार साझा करते हुए कहा कि इस तरह के सामाजिक-सांस्कृतिक आयोजन समाज में सकारात्मक सोच, पारस्परिक सहयोग और आपसी प्रेम को बढ़ावा देते हैं। Nagda में मकर संक्रांति जैसे पर्व पर आयोजित कुमकुम-तिल महोत्सव न केवल परंपराओं को जीवंत रखता है, बल्कि महिलाओं की सक्रिय भूमिका को भी समाज के सामने प्रस्तुत करता है। Nagda में कार्यक्रम का समापन सामूहिक मंगलकामनाओं और सुख-समृद्धि की प्रार्थना के साथ हुआ। सभी उपस्थितजनों ने भविष्य में भी इस प्रकार के आयोजनों को निरंतर जारी रखने का संकल्प लिया। कुल मिलाकर, नागदा में आयोजित यह कुमकुम-तिल महोत्सव सांस्कृतिक विरासत, सामाजिक एकता और पारिवारिक मूल्यों का सशक्त उदाहरण बनकर सामने आया।
